मनुष्यों में ABO रुधिर वर्गों का नियंत्रण जीन I द्वारा होता है। इसके तीन युग्मविकल्पी हैं — IA, IB तथा i। चूँकि तीन भिन्न युग्मविकल्पी हैं, अतः छह भिन्न जीनप्ररूप संभव हैं। कितने लक्षणप्ररूप हो सकते हैं?
ABO रुधिर वर्ग तंत्र में वर्गीकरण की वंशागति का नियंत्रण गुणसूत्र 9 पर स्थित एक ही अलिंगसूत्री जीन द्वारा होता है जिसके तीन प्रमुख युग्मविकल्पी A, B तथा O ( IA, IB तथा iO) हैं। ABO रुधिर वर्ग तंत्र में कम से कम 6 जीनप्ररूप होते हैं। प्रतिजनों एवं प्रतिरक्षियों की उपस्थिति या अनुपस्थिति के आधार पर चार रुधिर वर्ग (लक्षणप्ररूप) पहचाने गए हैं — A, B, AB तथा O रुधिर वर्ग।