लिंग निर्धारण के प्रारंभिक अध्ययन किन पर किए गए
NCERT पृष्ठ संख्या 85
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लिंग निर्धारण के प्रारंभिक अध्ययन किन पर किए गए
NCERT पृष्ठ संख्या 85
X काय की संकल्पना किसने दी
NCERT पृष्ठ संख्या 85
मानव नरों में _______ गुणसूत्र उपस्थित होता है किंतु उसका समकक्ष _____ होता है तथा ______ गुणसूत्र कहलाता है।
NCERT पृष्ठ संख्या 86
निम्नलिखित में से किसमें नर विषमयुग्मकता नहीं देखी जाती?
NCERT पृष्ठ संख्या 86
मानव लिंग निर्धारण के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
NCERT पृष्ठ संख्या 86
उत्परिवर्तन से क्या होता है
NCERT पृष्ठ संख्या 87
दात्र कोशिका अरक्तता किसका उत्कृष्ट उदाहरण है
NCERT पृष्ठ संख्या 87
निम्नलिखित में से किसमें DNA में विविधता देखी जा सकती है?
NCERT पृष्ठ संख्या 87
यदि किसी सामान्य स्त्री का शिशु दात्र कोशिका अरक्तता से ग्रस्त है, तो उस स्त्री में उस जीन का संभावित जीनप्ररूप क्या हो सकता है?
संकल्पना NCERT पृष्ठ संख्या 89
दात्र कोशिका अरक्तता का अर्थ है जीनप्ररूप “aa” है और सामान्य जनकों से दोनों युग्मविकल्पी “a” के रूप में पाने के लिए जनकों का विषमयुग्मजी होना आवश्यक है, अतः माता “Aa” धारण कर रही होगी।
यदि किसी स्त्री की पहली तीन गर्भावस्थाओं में तीन लड़के हुए हैं। इस बार मादा शिशु होने की संभावना क्या है?
संकल्पना - NCERT पृष्ठ संख्या 86
लड़का या लड़की होने की संभावना सदैव ½ रहेगी अर्थात् यह पिछली गर्भावस्थाओं से नहीं बदलती।
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