सूक्ष्मप्रवर्धन हेतु विषाणु-मुक्त पादप उगाने के लिए कौन-सा भाग सर्वाधिक उपयुक्त होगा?
सामान्यतः यह माना जाता है कि पादपों के सक्रिय रूप से वर्धनशील क्षेत्रों (अर्थात् प्ररोह शीर्ष तथा मूल शीर्ष) में विषाणु नहीं होते। इसी बड़े लाभ के कारण विभज्योतक संवर्धन तकनीक द्वारा विषाणु-मुक्त पादपों के उत्पादन में इन क्षेत्रों का प्रयोग किया जाता है। विभज्योतक संवर्धन में कर्तोतक प्ररोह शीर्ष अथवा प्ररोह शीर्षस्थ विभज्योतक से लिए जाते हैं। इन कर्तोतकों को ऐसे माध्यम पर संवर्धित किया जाता है जिसमें ऑक्सिन हॉर्मोन की तुलना में साइटोकाइनिन अधिक होता है। इस प्रकार विभज्योतक संवर्धन में पहले से विद्यमान प्ररोह शीर्षस्थ विभज्योतक का विकास और तत्पश्चात् विकसित प्ररोहों से अपस्थानिक मूल का पुनरुद्भवन सम्मिलित होता है।