कायिक क्लोनी विविधता किसमें प्रकट होती है
(d) कायिक क्लोनी विविधता वह पद है जो पादप ऊतक संवर्धन द्वारा उत्पन्न पादपों में दिखाई देने वाली विविधता का वर्णन करने हेतु प्रयुक्त होता है। गुणसूत्रीय पुनर्विन्यास इस विविधता का एक महत्वपूर्ण स्रोत हैं।
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कायिक क्लोनी विविधता किसमें प्रकट होती है
(d) कायिक क्लोनी विविधता वह पद है जो पादप ऊतक संवर्धन द्वारा उत्पन्न पादपों में दिखाई देने वाली विविधता का वर्णन करने हेतु प्रयुक्त होता है। गुणसूत्रीय पुनर्विन्यास इस विविधता का एक महत्वपूर्ण स्रोत हैं।
कायिक क्लोनी विविधता किसमें देखी जाती है
किसी संवर्धन की पादप कोशिकाओं के बीच उपस्थित आनुवंशिक विविधता कायिक क्लोनी विविधता कहलाती है। यह पद किसी एक ही संवर्धन से पुनरुद्भूत पादपों में उपस्थित आनुवंशिक विविधता के लिए भी प्रयुक्त होता है। इस विविधता का प्रयोग उपयोगी विविधता विकसित करने हेतु किया गया है।
निम्नलिखित में से किस स्पीशीज़ का गुणसूत्र संपूरक Triticum aestivum के समान है ?
(C): Triticum aestivum (2n=26) का गुणसूत्र संपूरक Gossypium के समान है, जिसका गुणिता स्तर भी 2n=26 है। Zea mays का गुणिता स्तर 2n=20 है। Secale and Aegilops दोनों का गुणिता स्तर समान रूप से 2n=14 है।
मधुमक्खी पालन निम्नलिखित में से पादपों के किस समूह से सम्बंधित है ?
(c) मधुमक्खी पालन मूलतः पुष्पी पादपों से सम्बंधित है। यह मधुमक्खी पालन की वैज्ञानिक विधि को दर्शाता है। यह अमरूद, सूरजमुखी, स्ट्रॉबेरी, अनानास आदि की वृद्धि में सहायक है।
रेशमकीटों में पेब्रिन किसके कारण होता है:-
पेब्रिन अथवा मिर्च रोग प्रोटोज़ोआ Nosema bombycis के कारण होता है। यह परजीवी अंडों को संक्रमित करता है और इसलिए अगली पीढ़ी में संचरित हो जाता है। यह इल्लियों को मार देता है।
अंतःप्रजनन के विषय में निम्नलिखित में से कौन-सा सत्य नहीं है?
(b) अंतःप्रजनन से समयुग्मजता बढ़ती है, जिसमें अप्रभावी युग्मविकल्पी भी सम्मिलित हैं। साथ ही अंतःप्रजनन अवसादन से संततियों की जीवन-क्षमता घट सकती है, जिससे कुछ स्थितियों में उत्पादकता कम हो जाती है।
कैलस संवर्धन में मूल अथवा प्ररोह के निर्माण में कार्यरत परिघटना है
(a) मूल शीर्षस्थ तथा प्ररोह शीर्षस्थ विभज्योतकों एवं एधा से व्युत्पन्न कोशिकाएँ विशेष कार्य करने हेतु विभेदित होकर परिपक्व होती हैं। परिपक्वता की ओर ले जाने वाली इस क्रिया को विभेदन कहते हैं। विभेदन के दौरान कोशिकाओं की भित्तियों तथा जीवद्रव्य दोनों में थोड़े से लेकर बड़े संरचनात्मक परिवर्तन होते हैं।
स्तम्भ - I का स्तम्भ - II से मिलान कीजिए तथा दिए गए कूटों में से सही विकल्प चुनिए।
स्तम्भ I स्तम्भ - II
A. ब्रैसिका (i) हिमगिरी
B. भिंडी (ii) पूसा कोमल
C. गेहूँ (iii) पूसा गौरव
D. लोबिया (iv) पूसा सवानी
(a)
ब्रेड गेहूँ, Triticum aestivum की कोशिकाओं में उपस्थित गुणसूत्रों की संख्या यह दर्शाती है कि यह है
(a) ब्रेड गेहूँ एक विषमषड्गुणित है, अर्थात् एक विषमबहुगुणित, जिसमें गुणसूत्रों के छह समुच्चय होते हैं।
किसी दिए गए पादप के आनुवंशिक लक्षण बनाए रखने हेतु निम्नलिखित में से कौन-सी विधि सामान्यतः प्रयुक्त होती है ?
(b) किसी दिए गए पादप के आनुवंशिक लक्षण बनाए रखने हेतु कायिक गुणन द्वारा प्रवर्धन प्रयुक्त होता है। इससे आनुवंशिक रूप से एकसमान समष्टि अथवा क्लोन उत्पन्न होता है। बीजों द्वारा प्रवर्धित पादपों में अर्धसूत्री विभाजन के दौरान जीनों के संयोगवश पृथक्करण एवं पुनर्संयोजन तथा निषेचन के समय उनके संयोगवश संयोजन के कारण विविधताएँ आ जाती हैं।
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