किसी स्थायी पारितंत्र में निम्नलिखित में से कौन पोषी स्तरों की संख्या को सीमित करता है?
किसी स्थायी पारितंत्र में पोषकों की उपलब्धता पोषी स्तरों की संख्या को सीमित करती है।
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किसी स्थायी पारितंत्र में निम्नलिखित में से कौन पोषी स्तरों की संख्या को सीमित करता है?
किसी स्थायी पारितंत्र में पोषकों की उपलब्धता पोषी स्तरों की संख्या को सीमित करती है।
विश्व का अधिकांश कार्बन कहाँ पाया जाता है:
तथ्यात्मक
प्रकाश संश्लेषण तथा श्वसन किस चक्र के केंद्र में हैं?
कोशिकीय श्वसन तथा प्रकाश संश्लेषण कार्बन चक्र के महत्वपूर्ण भाग हैं। कार्बन चक्र वे पथ हैं जिनके द्वारा जैवमंडल में कार्बन का पुनर्चक्रण होता है। जहाँ कोशिकीय श्वसन कार्बन डाइऑक्साइड को पर्यावरण में मुक्त करता है, वहीं प्रकाश संश्लेषण कार्बन डाइऑक्साइड को वायुमंडल से बाहर खींचता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा परिवर्तन शुद्ध प्राथमिक उत्पादन में वृद्धि नहीं करेगा?
अक्षांश बढ़ने के साथ प्राथमिक उत्पादन नहीं बढ़ता।
घासस्थल वनों की तुलना में शाकाहारियों द्वारा अधिक चराई दर का भरण कर सकते हैं, क्योंकि:
अधिकांश घासस्थल पादप शाकीय होते हैं। इसका अर्थ है कि वे हरे तथा पर्णयुक्त होते हैं और उनमें काष्ठीय ऊतक बहुत कम या नहीं होता। साथ ही, उनके प्ररोह भूमि के नीचे से निकलते हैं।
ऐसा पारितंत्र, जो सरलता से क्षतिग्रस्त हो सकता है, परंतु क्षतिकारक प्रभाव रुक जाने पर कुछ समय बाद पुनः संभल सकता है, उसमें होगा:
स्थायित्व किसी तंत्र की वह सामर्थ्य है जिससे वह प्रतिकूल कारक के विरुद्ध अपनी अवस्था में बना रहता है। प्रत्यास्थता विरूपित होने के बाद अपना मूल आकार अथवा स्थिति पुनः प्राप्त करने की क्षमता है। अतः इसमें निम्न स्थायित्व तथा उच्च प्रत्यास्थता होती है।
निम्नलिखित में से किस चक्र का विक्षोभ वैश्विक तापन में सर्वाधिक योगदान देता है?
वैश्विक कार्बन चक्र में परिवर्तन वैश्विक तापन में सर्वाधिक योगदान देते हैं।
जलक्रमक की कुछ प्रावस्थाएँ इस प्रकार नामांकित हैं:
A. दलदली घास-मैदान प्रावस्था
B. नरकट कच्छ प्रावस्था
C. निमग्न पादप प्रावस्था
D. पादपप्लवक प्रावस्था
E. निमग्न मुक्त प्लावी पादप प्रावस्था
उस विकल्प की पहचान कीजिए जो इन प्रावस्थाओं का सही क्रम दर्शाता है:
XII NCERT, पारितंत्र
पृष्ठ संख्या 252
चित्र 14.5
स्तनधारियों तथा पक्षियों जैसे स्थिर शारीरिक ताप वाले जंतुओं को सरीसृपों तथा मछलियों जैसे परिवर्तनशील शारीरिक ताप वाले जंतुओं की तुलना में अधिक भोजन की आवश्यकता होती है। क्यों?
स्तनधारियों तथा पक्षियों को समान भार वाले ठंडे रक्त वाले जंतुओं की तुलना में बहुत अधिक भोजन तथा ऊर्जा की आवश्यकता होती है। ऐसा इसलिए है कि गर्म रक्त वाले जंतुओं में उनके शरीर से होने वाली ऊष्मा-हानि उनके शरीर के पृष्ठीय क्षेत्रफल के समानुपाती होती है, जबकि उनके शरीर द्वारा उत्पन्न ऊष्मा उनके द्रव्यमान के समानुपाती होती है।
पारिस्थितिक निकेत है:
पारिस्थितिक निकेत समुदाय के भीतर किसी जाति की भौतिक स्थिति तथा क्रियात्मक भूमिका है
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