पुष्पी पादप का भ्रूण सदैव होता है -
पुष्पी पादप का भ्रूण सदैव द्विगुणित (2n) होता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि यह युग्मनज से विकसित होता है, जो एक अगुणित (n) शुक्राणु कोशिका के एक अगुणित (n) अंड कोशिका के साथ संलयन से बनता है, जिसके परिणामस्वरूप एक द्विगुणित (2n) कोशिका बनती है।