पाठ के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-से जीव पाँच जगत वर्गीकरण प्रणाली में शामिल नहीं हैं?
'जीव जगत का वर्गीकरण' के सारांश में कहा गया है: 'वायरस और वाइरॉइड जैसे कुछ अकोशिकीय जीव तथा लाइकेन पाँच जगत वर्गीकरण प्रणाली में शामिल नहीं हैं।'
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पाठ के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-से जीव पाँच जगत वर्गीकरण प्रणाली में शामिल नहीं हैं?
'जीव जगत का वर्गीकरण' के सारांश में कहा गया है: 'वायरस और वाइरॉइड जैसे कुछ अकोशिकीय जीव तथा लाइकेन पाँच जगत वर्गीकरण प्रणाली में शामिल नहीं हैं।'
कोशिका-वर्गिकी एक वर्गीकरण साधन है जो किससे प्राप्त जानकारी पर निर्भर करता है?
पाठ इंगित करता है: 'कोशिका-वर्गिकी, जो गुणसूत्र संख्या, संरचना, व्यवहार जैसी कोशिकीय जानकारी पर आधारित है...'
पादप जगत की समझ समय के साथ बदली है। निम्नलिखित में से कौन-से समूह, जो पहले शामिल थे, अब पादप जगत (Plantae) से बाहर कर दिए गए हैं?
पाठ स्पष्ट करता है: 'कवक, तथा कोशिका भित्ति वाले मोनेरा और प्रोटिस्टा के सदस्यों को अब पादप जगत से बाहर कर दिया गया है, यद्यपि पहले के वर्गीकरणों ने उन्हें उसी जगत में रखा था।'
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन संघट्ट सिद्धांत की मूलभूत मान्यता नहीं है?
NCERT पाठ के अनुसार, 'इसका कारण यह हो सकता है कि सभी संघट्ट उत्पादों के निर्माण की ओर नहीं ले जाते।' संघट्ट के प्रभावी होने के लिए अणुओं का पर्याप्त गतिज ऊर्जा (देहली ऊर्जा) के साथ और उचित अभिविन्यास में संघट्ट करना आवश्यक है। विकल्प o3 गलत कहता है कि सक्रियण ऊर्जा से अधिक ऊर्जा वाले सभी संघट्ट उत्पाद बनाते हैं, जो अभिविन्यास कारक की उपेक्षा करता है।
संघट्ट सिद्धांत में 'संघट्ट आवृत्ति (Z)' पद का अर्थ है:
NCERT पाठ के अनुसार, 'अभिक्रिया मिश्रण के प्रति इकाई आयतन में प्रति सेकंड संघट्टों की संख्या संघट्ट आवृत्ति (Z) कहलाती है।'
द्विआणविक प्रारंभिक अभिक्रिया A + B → उत्पाद के लिए, अभिक्रिया की दर को दर = $Z_{AB}e^{-E_a/RT}$ के रूप में व्यक्त किया जा सकता है। पद $e^{-E_a/RT}$ क्या दर्शाता है?
NCERT पाठ कहता है, 'जहाँ $Z_{AB}$ अभिकारकों A और B की संघट्ट आवृत्ति दर्शाता है और $e^{-E_a/RT}$ $E_a$ के बराबर या उससे अधिक ऊर्जा वाले अणुओं का अंश दर्शाता है।'
प्रभावी संघट्ट वे हैं जिनमें अणु किसके साथ संघट्ट करते हैं?
NCERT पाठ स्पष्ट परिभाषित करता है, 'वे संघट्ट जिनमें अणु पर्याप्त गतिज ऊर्जा (जिसे देहली ऊर्जा कहते हैं) और उचित अभिविन्यास के साथ संघट्ट करते हैं, ताकि अभिकारी स्पीशीज़ के बीच आबंध टूटना और उत्पाद बनाने के लिए नए आबंध बनना सुगम हो, प्रभावी संघट्ट कहलाते हैं।'
संघट्ट के दौरान अणुओं के उचित अभिविन्यास को ध्यान में रखने के लिए संघट्ट सिद्धांत में कौन-सा कारक प्रस्तुत किया गया है?
NCERT पाठ के अनुसार, 'प्रभावी संघट्टों को ध्यान में रखने के लिए एक अन्य कारक P, जिसे प्रायिकता या त्रिविम कारक कहते हैं, प्रस्तुत किया जाता है। यह इस तथ्य को ध्यान में रखता है कि संघट्ट में अणुओं का उचित अभिविन्यास होना चाहिए।'
संघट्ट सिद्धांत पर आधारित संशोधित आरेनियस समीकरण $k = P Z_{AB}e^{-E_a/RT}$ में 'P' की क्या भूमिका है?
NCERT पाठ कहता है, 'संघट्ट सिद्धांत के अनुसार, एक अन्य कारक P, जिसे त्रिविम कारक कहते हैं और जो संघट्ट करने वाले अणुओं के अभिविन्यास से संबंधित है, महत्वपूर्ण है और प्रभावी संघट्टों में योगदान देता है; इस प्रकार आरेनियस समीकरण $k = P Z_{AB}e^{-E_a/RT}$ में संशोधित हो जाता है'।
चिरसम्मत संघट्ट सिद्धांत की एक प्रमुख कमी है:
NCERT पाठ में उल्लेख है, 'संघट्ट सिद्धांत की कुछ कमियाँ भी हैं, क्योंकि यह परमाणुओं/अणुओं को कठोर गोले मानता है और उनके संरचनात्मक पहलू की उपेक्षा करता है।'
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