नाभिकीय आवेश में वृद्धि की तुलना में 3d श्रेणी में आयनन ऊर्जाओं के कम तेज़ी से बदलने का प्राथमिक कारण क्या है?
NCERT कहता है, 'स्कैंडियम से ज़िंक तक नाभिकीय आवेश बढ़ता है परंतु इलेक्ट्रॉन आंतरिक उपकोश, अर्थात 3d कक्षकों, में जुड़ते हैं। ये 3d इलेक्ट्रॉन 4s इलेक्ट्रॉनों को बढ़ते नाभिकीय आवेश से बाह्य कोश के इलेक्ट्रॉनों द्वारा एक-दूसरे के परिरक्षण की तुलना में कुछ अधिक प्रभावी ढंग से परिरक्षित करते हैं। अतः परमाणु त्रिज्याएँ कम तेज़ी से घटती हैं। इस प्रकार 3d श्रेणी में आयनन ऊर्जाएँ केवल थोड़ी बढ़ती हैं।'