'अनुनाद स्थायीकरण ऊर्जा' या 'अनुनाद ऊर्जा' क्या है?
NCERT इसे इस प्रकार परिभाषित करता है: 'अणु की वास्तविक संरचना (अनुनाद संकर) की ऊर्जा किसी भी विहित संरचना से कम होती है। वास्तविक संरचना और न्यूनतम ऊर्जा वाली अनुनाद संरचना के बीच ऊर्जा के अंतर को अनुनाद स्थायीकरण ऊर्जा या केवल अनुनाद ऊर्जा कहते हैं।'