वह रासायनिक अन्योन्यक्रिया जो प्रोटीनों की द्वितीयक संरचना के स्थायीकरण में अनुपस्थित है, किंतु तृतीयक और चतुष्क संरचनाओं में उपस्थित है:
पाठ कहता है कि द्वितीयक संरचना 'C=O और –NH– समूहों के बीच हाइड्रोजन बंधन' के कारण उत्पन्न होती है। तृतीयक और चतुष्क संरचनाओं के लिए यह 'हाइड्रोजन बंध, डाइसल्फाइड बंधन, वान्डरवाल्स और स्थिरवैद्युत आकर्षण बल' का उल्लेख करता है, जो दर्शाता है कि डाइसल्फाइड बंधन इन उच्चतर स्तरों पर पाए जाते हैं, किंतु द्वितीयक संरचना के स्थायीकरण के लिए स्पष्ट रूप से उल्लिखित नहीं हैं।