बाह्य कर्ण या कर्ण पल्लव (पिन्ना) की उपस्थिति किसका लक्षणात्मक गुण है?
मैमेलिया के लिए NCERT पाठ कहता है: 'बाह्य कर्ण या कर्ण पल्लव उपस्थित होते हैं।'
NEET के NEET बहुविकल्पीय प्रश्न हिंदी में मुफ़्त हल करें — तुरंत सही उत्तर और विस्तृत व्याख्या के साथ। लॉगिन की आवश्यकता नहीं।
बाह्य कर्ण या कर्ण पल्लव (पिन्ना) की उपस्थिति किसका लक्षणात्मक गुण है?
मैमेलिया के लिए NCERT पाठ कहता है: 'बाह्य कर्ण या कर्ण पल्लव उपस्थित होते हैं।'
निम्नलिखित में से कौन-सा स्तनधारी उदाहरण वंश पैंथेरा से संबंधित है?
दिए गए उदाहरणों में 'पैंथेरा टाइग्रिस (बाघ), पैंथेरा लियो (शेर)' शामिल हैं। अतः पैंथेरा लियो वंश पैंथेरा का उदाहरण है।
स्तनधारी अपने शरीर के तापमान का नियमन करते हैं, अर्थात् वे होते हैं:
मैमेलिया के लिए NCERT पाठ कहता है: 'ये समतापी होते हैं।' समतापी का अर्थ है उष्ण-रक्तीय, अर्थात् बाह्य वातावरण से निरपेक्ष स्थिर शरीर तापमान बनाए रखने में सक्षम, जो असमतापी (शीत-रक्तीय) के विपरीत है।
मनुष्य जैसे स्तनधारियों में कशेरुक दंड मुख्यतः कितनी क्रमबद्ध इकाइयों से बना होता है?
'LOCOMOTION_AND_MOVEMENT' अध्याय कहता है: 'हमारा कशेरुक दंड (चित्र 17.7) कशेरुका नामक 26 क्रमबद्ध इकाइयों से बना है और पृष्ठ की ओर स्थित है।'
कशेरुक दंड मेरुरज्जु की रक्षा करता है, सिर को सहारा देता है, और किसके जुड़ाव के स्थान के रूप में कार्य करता है?
'LOCOMOTION_AND_MOVEMENT' अध्याय कहता है: 'कशेरुक दंड मेरुरज्जु की रक्षा करता है, सिर को सहारा देता है और पसलियों तथा पीठ की पेशियों के जुड़ाव के स्थान के रूप में कार्य करता है।'
किस उपसंघ में प्रोटोकॉर्डेट विशेष रूप से समुद्री होते हैं?
NCERT पाठ कहता है: 'उपसंघ यूरोकॉर्डेटा और सेफैलोकॉर्डेटा को प्रायः प्रोटोकॉर्डेट कहा जाता है और ये विशेष रूप से समुद्री होते हैं।'
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन न्यूटन के गति के प्रथम नियम का सही वर्णन करता है?
NCERT पाठ के अनुसार, 'संक्षेप में, यदि नेट बाह्य बल शून्य है, तो विराम में स्थित पिंड विराम में ही रहता है और गतिशील पिंड एकसमान वेग से गति करता रहता है।' यह न्यूटन के प्रथम नियम का सटीक वर्णन है, जो नेट बाह्य बल की अनुपस्थिति में एकसमान वेग पर बल देता है, नियत त्वरण पर नहीं।
किसी पिंड का अपनी विराम या एकसमान गति की अवस्था में परिवर्तन का प्रतिरोध करने का गुण कहलाता है:
NCERT पाठ कहता है: 'पिंड के इस गुण को जड़त्व कहते हैं। जड़त्व का अर्थ है ‘परिवर्तन का प्रतिरोध’।' अतः इस गुण के लिए जड़त्व ही सही शब्द है।
यदि किसी पिंड पर कार्यरत नेट बाह्य बल शून्य है, तो उसका त्वरण होगा:
पाठ कहता है कि न्यूटन का द्वितीय नियम प्रथम नियम के संगत है ($F = 0$ का तात्पर्य $a = 0$ है)। इसका अर्थ है कि यदि नेट बाह्य बल शून्य है, तो त्वरण (वेग परिवर्तन की दर) भी शून्य है। यह जड़त्व की अवधारणा के अनुरूप है, जहाँ कोई पिंड अपनी गति की अवस्था (विराम या एकसमान वेग) बनाए रखता है।
आनत तलों पर लुढ़कती गेंद से संबंधित गैलीलियो के प्रयोगों से यह निष्कर्ष निकला कि:
NCERT पाठ उल्लेख करता है: 'इस प्रकार गैलीलियो गति के विषय में एक नई अंतर्दृष्टि पर पहुँचे, जो अरस्तू और उनके अनुयायियों से छूट गई थी। विराम की अवस्था और एकसमान रैखिक गति (नियत वेग से गति) की अवस्था तुल्य हैं। दोनों ही स्थितियों में पिंड पर कोई नेट बल कार्य नहीं करता।'
Ready to ace NEET?
Free access · No credit card required
हाँ। इस पेज के हर NEET प्रश्न को बिना लॉगिन किए मुफ़्त हल किया जा सकता है, और सही उत्तर व विस्तृत व्याख्या तुरंत देखी जा सकती है।
नहीं। प्रश्न हल करने और उत्तर देखने के लिए किसी खाते की आवश्यकता नहीं है। मुफ़्त खाता बुकमार्क, निजी नोट्स और प्रगति ट्रैकिंग जोड़ देता है।
इस प्रश्न बैंक में NEET के पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) और अभ्यास प्रश्न दोनों शामिल हैं — जहाँ लागू हो, हर प्रश्न पर उसका परीक्षा वर्ष अंकित है।