$ ext{C}_6 ext{H}_5 ext{N}_2^+ ext{Cl}^-$ का सामान्य नाम क्या है?
NCERT पाठ स्पष्ट रूप से कहता है, 'उदाहरण के लिए, $ ext{C}_6 ext{H}_5 ext{N}_2^+ ext{Cl}^-$ को बेंजीनडाइऐज़ोनियम क्लोराइड नाम दिया जाता है'।
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$ ext{C}_6 ext{H}_5 ext{N}_2^+ ext{Cl}^-$ का सामान्य नाम क्या है?
NCERT पाठ स्पष्ट रूप से कहता है, 'उदाहरण के लिए, $ ext{C}_6 ext{H}_5 ext{N}_2^+ ext{Cl}^-$ को बेंजीनडाइऐज़ोनियम क्लोराइड नाम दिया जाता है'।
प्राथमिक ऐलिफैटिक ऐमीन ऐल्किलडाइऐज़ोनियम लवण बनाते हैं जिन्हें बताया गया है:
NCERT पाठ उल्लेख करता है, 'प्राथमिक ऐलिफैटिक ऐमीन अत्यधिक अस्थायी ऐल्किलडाइऐज़ोनियम लवण बनाते हैं'।
ऐरीनडाइऐज़ोनियम लवण विलयन में किस ताप परास पर थोड़े समय के लिए स्थायी रहते हैं?
NCERT पाठ कहता है, 'प्राथमिक ऐरोमैटिक ऐमीन ऐरीनडाइऐज़ोनियम लवण बनाते हैं जो निम्न ताप (273-278 K) पर विलयन में थोड़े समय के लिए स्थायी रहते हैं'।
प्राथमिक ऐरोमैटिक ऐमीनों का डाइऐज़ोनियम लवणों में रूपांतरण कहलाता है:
NCERT पाठ इस प्रक्रिया को परिभाषित करता है: 'प्राथमिक ऐरोमैटिक ऐमीनों का डाइऐज़ोनियम लवणों में रूपांतरण डाइऐज़ोटीकरण कहलाता है'।
बेंजीनडाइऐज़ोनियम क्लोराइड के विरचन के दौरान नाइट्रस अम्ल स्व-स्थाने (in situ) क्यों उत्पन्न किया जाता है?
NCERT पाठ कहता है, 'अपनी अस्थिरता के कारण, डाइऐज़ोनियम लवण को सामान्यतः भंडारित नहीं किया जाता और इसे विरचन के तुरंत बाद उपयोग किया जाता है।' यही अंतर्निहित अस्थिरता नाइट्रस अम्ल का भंडारण अव्यावहारिक बनाती है, अतः इसे $ ext{NaNO}_2$ और $ ext{HCl}$ से स्व-स्थाने उत्पन्न किया जाता है।
बेंजीनडाइऐज़ोनियम क्लोराइड के विषय में कौन-सा कथन सही है?
NCERT पाठ इसे 'रंगहीन क्रिस्टलीय ठोस' के रूप में वर्णित करता है। 'यह जल में सरलता से विलेय है और ठंड में स्थायी है परंतु गर्म करने पर जल से अभिक्रिया करता है।'
बेंजीनडाइऐज़ोनियम फ्लुओरोबोरेट निम्नलिखित में से किन गुणों से अभिलक्षित है?
NCERT पाठ कहता है, 'बेंजीनडाइऐज़ोनियम फ्लुओरोबोरेट जल में अविलेय और कमरे के ताप पर स्थायी है।'
सैंडमायर अभिक्रिया में निम्नलिखित में से कौन-से समूह बेंजीन वलय में प्रविष्ट कराए जा सकते हैं?
NCERT पाठ समझाता है, '$ ext{Cl}^-$, $ ext{Br}^-$ और $ ext{CN}^-$ नाभिकस्नेहियों को $ ext{Cu}( ext{I})$ आयन की उपस्थिति में बेंजीन वलय में आसानी से प्रविष्ट कराया जा सकता है। इस अभिक्रिया को सैंडमायर अभिक्रिया कहते हैं।'
क्लोरीन/ब्रोमीन प्रविष्ट कराने के लिए सैंडमायर अभिक्रिया और गाटरमान अभिक्रिया के बीच मुख्य अंतर क्या है?
NCERT पाठ कहता है, '$ ext{Cl}^-$, $ ext{Br}^-$ और $ ext{CN}^-$ नाभिकस्नेहियों को $ ext{Cu}( ext{I})$ आयन की उपस्थिति में बेंजीन वलय में आसानी से प्रविष्ट कराया जा सकता है। इस अभिक्रिया को सैंडमायर अभिक्रिया कहते हैं। वैकल्पिक रूप से, डाइऐज़ोनियम लवण विलयन को कॉपर चूर्ण की उपस्थिति में संगत हैलोजन अम्ल से उपचारित करके भी क्लोरीन या ब्रोमीन को बेंजीन वलय में प्रविष्ट कराया जा सकता है। इसे गाटरमान अभिक्रिया कहते हैं।'
कौन-सा कथन सैंडमायर और गाटरमान अभिक्रियाओं की लब्धि की सही तुलना करता है?
NCERT पाठ स्पष्ट रूप से उल्लेख करता है, 'सैंडमायर अभिक्रिया में लब्धि गाटरमान अभिक्रिया से बेहतर पाई जाती है।'
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