एक विमा में परिवर्ती बल के लिए कार्य-ऊर्जा प्रमेय न्यूटन के द्वितीय नियम से व्युत्पन्न किया जा सकता है। मध्यवर्ती चरण में गतिज ऊर्जा के समय-परिवर्तन की दर को इस रूप में पुनः लिखा जाता है:
परिवर्ती बल के लिए कार्य-ऊर्जा प्रमेय की NCERT व्युत्पत्ति में दर्शाए अनुसार: $\frac{dK}{dt} = \frac{d}{dt} (\frac{1}{2}mv^2) = mv \frac{dv}{dt}$। चूँकि $m \frac{dv}{dt} = F$ (न्यूटन के द्वितीय नियम से), तब $\frac{dK}{dt} = Fv$।