दिए गए पाठ में निम्नलिखित में से किन रोगों के लिए 'ट्रांसजेनिक मॉडल' के अस्तित्व का उल्लेख है?
NCERT पाठ कहता है, 'आज कई मानव रोगों जैसे कैंसर, सिस्टिक फाइब्रोसिस, रूमेटॉइड आर्थराइटिस और अल्ज़ाइमर के लिए ट्रांसजेनिक मॉडल मौजूद हैं।'
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दिए गए पाठ में निम्नलिखित में से किन रोगों के लिए 'ट्रांसजेनिक मॉडल' के अस्तित्व का उल्लेख है?
NCERT पाठ कहता है, 'आज कई मानव रोगों जैसे कैंसर, सिस्टिक फाइब्रोसिस, रूमेटॉइड आर्थराइटिस और अल्ज़ाइमर के लिए ट्रांसजेनिक मॉडल मौजूद हैं।'
प्राकृतिक गाय के दूध की तुलना में रोज़ी के दूध का मानव शिशुओं के लिए प्रमुख लाभ क्या था?
NCERT पाठ रेखांकित करता है कि मानव ऐल्फा-लैक्टऐल्ब्यूमिन युक्त रोज़ी का दूध 'मानव शिशुओं के लिए प्राकृतिक गाय के दूध की तुलना में पोषण की दृष्टि से अधिक संतुलित उत्पाद था'।
जीन निर्माण में परिवर्तन करके वृद्धि में शामिल जटिल कारकों, जैसे इंसुलिन-सदृश वृद्धि कारक, का अध्ययन ट्रांसजेनिक जंतुओं के अनुप्रयोग की किस श्रेणी में आता है?
NCERT पाठ निर्दिष्ट करता है, '(i) सामान्य शरीरक्रिया और परिवर्धन: ट्रांसजेनिक जंतुओं को विशेष रूप से इस प्रकार अभिकल्पित किया जा सकता है कि जीनों के नियमन और शरीर के सामान्य कार्यों व उसके परिवर्धन पर उनके प्रभाव का अध्ययन संभव हो, जैसे वृद्धि में शामिल जटिल कारकों जैसे इंसुलिन-सदृश वृद्धि कारक का अध्ययन।'
पाठ में उल्लिखित अनुसार, जीवों के आनुवंशिक रूपांतरण के संबंध में नैतिक चिंताओं का प्राथमिक कारण क्या है?
NCERT पाठ कहता है, 'जीवों के आनुवंशिक रूपांतरण के अप्रत्याशित परिणाम हो सकते हैं जब ऐसे जीवों को पारितंत्र में प्रविष्ट कराया जाता है।' इसका उल्लेख 'नैतिक मुद्दे' के अंतर्गत है।
पाठ में उल्लिखित किस विशिष्ट टीके की सुरक्षा के परीक्षण के लिए ट्रांसजेनिक चूहे विकसित किए जा रहे हैं?
NCERT पाठ स्पष्ट रूप से कहता है, 'पोलियो टीके की सुरक्षा के परीक्षण के लिए ट्रांसजेनिक चूहों का उपयोग किया जा रहा है।'
वातस्फीति के अतिरिक्त, किस आनुवंशिक विकार के उपचार के लिए ट्रांसजेनिक जंतुओं द्वारा उत्पादित जैविक उत्पादों के उपयोग के प्रयास किए जा रहे हैं?
NCERT पाठ उल्लेख करता है, 'फेनिलकीटोन्यूरिया (PKU) और सिस्टिक फाइब्रोसिस के उपचार के लिए भी इसी प्रकार के प्रयास किए जा रहे हैं', ट्रांसजेनिक जंतुओं से जैविक उत्पाद बनाने के संदर्भ में।
मानव रोगों के लिए ट्रांसजेनिक जंतु मॉडल बनाने का मुख्य लक्ष्य क्या है?
NCERT पाठ समझाता है, 'कई ट्रांसजेनिक जंतु इसलिए अभिकल्पित किए जाते हैं ताकि हमारी यह समझ बढ़े कि जीन रोग के विकास में कैसे योगदान देते हैं। इन्हें विशेष रूप से मानव रोगों के मॉडल के रूप में बनाया जाता है ताकि रोगों के नए उपचारों की जाँच संभव हो सके।'
ट्रांसजेनिक जंतुओं की मूल संकल्पना ऐसे आनुवंशिक रूप से रूपांतरित जीवों के रूप में है जहाँ:
ट्रांसजेनिक जंतुओं को उनके जीनोम में विदेशी DNA (जीन) के प्रवेश द्वारा परिभाषित किया जाता है, जो फिर उस विदेशी जीन के उत्पाद को अभिव्यक्त करता है। पाठ विभिन्न प्रभावों या उत्पादों के लिए बार-बार 'DNA के भाग (या जीनों) के प्रवेश' का उल्लेख करता है।
ट्रांसजेनिक जंतु 'रासायनिक सुरक्षा परीक्षण' में कम समय में परिणाम प्राप्त करने में कैसे सहायता करते हैं?
NCERT पाठ कहता है, 'ऐसे ट्रांसजेनिक जंतु बनाए जाते हैं जो ऐसे जीन धारण करते हैं जो उन्हें गैर-ट्रांसजेनिक जंतुओं की तुलना में विषैले पदार्थों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाते हैं... ऐसे जंतुओं में विषाक्तता परीक्षण से हमें कम समय में परिणाम प्राप्त होंगे।'
'जीवों को लाभ या हानि पहुँचा सकने वाली सभी मानवीय गतिविधियों की नैतिकता' के मूल्यांकन की नैतिक आवश्यकता किस मानवीय गतिविधि का परिणाम है?
NCERT 'नैतिक मुद्दे' के अंतर्गत कहता है कि 'मानव जाति द्वारा जीवों का हेरफेर बिना नियमन के आगे नहीं चल सकता। जीवों को लाभ या हानि पहुँचा सकने वाली सभी मानवीय गतिविधियों की नैतिकता के मूल्यांकन के लिए कुछ नैतिक मानक आवश्यक हैं।' यह संदर्भ सीधे आनुवंशिक रूपांतरण पर लागू होता है।
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