सममिति और जनन स्तर संगठन के संदर्भ में, हेमीकॉर्डेट हैं:
NCERT पाठ हेमीकॉर्डेटों का वर्णन 'द्विपार्श्व सममित, त्रिकोरकी और प्रगुही प्राणी' के रूप में करता है। यह संयोजन उनके शरीर की रचना और भ्रूणीय जनन स्तरों को दर्शाता है।
NEET के NEET बहुविकल्पीय प्रश्न हिंदी में मुफ़्त हल करें — तुरंत सही उत्तर और विस्तृत व्याख्या के साथ। लॉगिन की आवश्यकता नहीं।
सममिति और जनन स्तर संगठन के संदर्भ में, हेमीकॉर्डेट हैं:
NCERT पाठ हेमीकॉर्डेटों का वर्णन 'द्विपार्श्व सममित, त्रिकोरकी और प्रगुही प्राणी' के रूप में करता है। यह संयोजन उनके शरीर की रचना और भ्रूणीय जनन स्तरों को दर्शाता है।
निम्नलिखित में से कौन-से जीव संघ हेमीकॉर्डेटा के उदाहरण हैं?
NCERT पाठ हेमीकॉर्डेटा के उदाहरणों के रूप में 'Balanoglossus' और 'Saccoglossus' को सूचीबद्ध करता है। Asterias और Ophiura एकाइनोडर्म हैं; Pila और Octopus मोलस्क हैं; Limulus और Locusta आर्थ्रोपोड हैं।
हेमीकॉर्डेटों के कॉलर क्षेत्र में स्थित अल्पविकसित संरचना स्टोमोकॉर्ड को कॉर्डेटों की किस संरचना के समान माना जाता है?
NCERT पाठ कहता है, 'हेमीकॉर्डेटों के कॉलर क्षेत्र में स्टोमोकॉर्ड नामक एक अल्पविकसित संरचना होती है, जो पृष्ठरज्जु के समान संरचना है।'
हेमीकॉर्डेटा की प्रगुहा अवस्था की तुलना ऐस्केल्मिन्थीज से कैसे की जाती है?
NCERT पाठ हेमीकॉर्डेटों का वर्णन 'प्रगुही प्राणी' के रूप में करता है। इसके विपरीत, सारांश खंड में ऐस्केल्मिन्थीज को स्पष्ट रूप से 'कूटप्रगुही' बताया गया है।
दिए गए पाठ के अनुसार, दिए गए विकल्पों में से कौन-सा लक्षण हेमीकॉर्डेटा के लिए विशिष्ट है?
NCERT पाठ हेमीकॉर्डेटा के परिभाषक लक्षण के रूप में कहता है, 'शरीर बेलनाकार होता है और एक अग्र शुंड, एक कॉलर और एक लंबे धड़ से बना होता है'। जल संवहनी तंत्र एकाइनोडर्मेटा का, काइटिनी बाह्यकंकाल आर्थ्रोपोडा का और कोएनोसाइट पोरीफेरा के लक्षण हैं।
किरचॉफ का प्रथम नियम, जिसे संधि नियम भी कहते हैं, किस भौतिक राशि के संरक्षण के सिद्धांत पर आधारित है?
संदर्भ कहता है: 'किरचॉफ का संधि नियम आवेश के संरक्षण पर आधारित है और किसी संधि पर बाहर जाने वाली धाराओं का योग आने वाली धारा के बराबर होता है।' यह संधि नियम को सीधे आवेश संरक्षण से जोड़ता है।
किरचॉफ के लूप नियम के अनुसार, किसी विद्युत परिपथ में किसी भी बंद लूप के चारों ओर विभव में परिवर्तनों का बीजगणितीय योग क्या होता है?
संदर्भ कहता है: 'लूप नियम: प्रतिरोधकों और सेलों वाले किसी भी बंद लूप के चारों ओर विभव में परिवर्तनों का बीजगणितीय योग शून्य होता है (चित्र 3.15)।' यह लूप नियम का सीधा कथन है।
किरचॉफ के नियम लागू करते समय, जब किसी धारा 'I' को आरंभ में एक दिष्ट तीर से अंकित किया जाता है, और गणना के बाद 'I' ऋणात्मक निकलती है, तो इसका क्या अर्थ है?
संदर्भ कहता है: 'यदि अंततः I धनात्मक निकले, तो प्रतिरोधक में वास्तविक धारा तीर की दिशा में है। यदि I ऋणात्मक निकले, तो धारा वास्तव में तीर के विपरीत दिशा में बहती है।'
विद्युत वाहक बल (emf) $e$ और आंतरिक प्रतिरोध $r$ वाले किसी सेल के लिए, यदि धारा $I$ सेल के भीतर ऋणात्मक टर्मिनल (N) से धनात्मक टर्मिनल (P) की ओर बहती है, तो विभवांतर $V = V(P) - V(N)$ क्या है?
संदर्भ उल्लेख करता है: '$V = V(P) – V(N) = e – I r$ [समीकरण (3.38), धनात्मक टर्मिनल P और ऋणात्मक टर्मिनल N के बीच; यहाँ I सेल के भीतर N से P की ओर बहने वाली धारा है]।'
किरचॉफ का संधि नियम लागू करते समय, यह कथन कि 'किसी संधि पर या किसी लाइन के किसी बिंदु पर आवेशों का संचय नहीं होता' मुख्यतः नियम के किस पहलू को न्यायसंगत ठहराता है?
संदर्भ समझाता है: 'इस नियम का प्रमाण इस तथ्य से मिलता है कि जब धाराएँ स्थायी होती हैं, तो किसी संधि पर या किसी लाइन के किसी बिंदु पर आवेशों का संचय नहीं होता। अतः अंदर बहने वाली कुल धारा (जो संधि में आवेश के प्रवाह की दर है) बाहर बहने वाली कुल धारा के बराबर होनी चाहिए।'
Ready to ace NEET?
Free access · No credit card required
हाँ। इस पेज के हर NEET प्रश्न को बिना लॉगिन किए मुफ़्त हल किया जा सकता है, और सही उत्तर व विस्तृत व्याख्या तुरंत देखी जा सकती है।
नहीं। प्रश्न हल करने और उत्तर देखने के लिए किसी खाते की आवश्यकता नहीं है। मुफ़्त खाता बुकमार्क, निजी नोट्स और प्रगति ट्रैकिंग जोड़ देता है।
इस प्रश्न बैंक में NEET के पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) और अभ्यास प्रश्न दोनों शामिल हैं — जहाँ लागू हो, हर प्रश्न पर उसका परीक्षा वर्ष अंकित है।