निर्विभेदन द्वारा बने विभज्योतक/ऊतक जब विभाजित होकर नई कोशिकाएँ उत्पन्न करते हैं तो उसके बाद क्या होता है?
संदर्भ पुनर्विभेदन समझाता है: 'ऐसा करते हुए, ऐसे विभज्योतक/ऊतक विभाजित होकर ऐसी कोशिकाएँ उत्पन्न कर सकते हैं जो फिर से विभाजन की क्षमता खो देती हैं किंतु विशिष्ट कार्य करने के लिए परिपक्व होती हैं, अर्थात पुनर्विभेदित हो जाती हैं।'