साइक्लोस्टोमेटा वर्ग के सभी प्राणी होते हैं:
सभी जीवित साइक्लोस्टोम (जैसे लैम्प्रे) मछलियों पर बाह्य परजीवी होते हैं।
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साइक्लोस्टोमेटा वर्ग के सभी प्राणी होते हैं:
सभी जीवित साइक्लोस्टोम (जैसे लैम्प्रे) मछलियों पर बाह्य परजीवी होते हैं।
नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक को अभिकथन (A) और दूसरे को तर्क (R) के रूप में नामांकित किया गया है।
अभिकथन (A): गॉल्जी उपकरण का मुख्य कार्य अंतर्द्रव्यी जालिका द्वारा बने द्रव्य (पदार्थ) को संवेष्टित कर अंतरकोशिकी लक्ष्य तक पहुँचाना और कोशिका से बाहर निकालना है।
तर्क (R): अंतर्द्रव्यी जालिका द्वारा निर्मित द्रव्यों से युक्त पुटिकाएं गॉल्जी उपकरण के सिस सिरे से युग्मित हो जाती हैं, और ये रूपान्तरित होकर गॉल्जी उपकरण के ट्रांस सिरे से निर्मुक्त हो जाती हैं।
सही उत्तर चुनिए:
गॉल्जी ER उत्पादों को संवेष्टित कर भेजता है (A सत्य); सिस सिरे से प्रवेश, ट्रांस सिरे से निर्मुक्ति (R सत्य) — R, A की सही व्याख्या है।
नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) नामांकित किया गया है।
अभिकथन (A): सभी कशेरुकी रज्जुकी हैं परन्तु सभी रज्जुकी कशेरुकी नहीं हैं।
कारण (R): कशेरुकी उपसंघ के प्राणियों में पृष्ठ रज्जु भ्रूणीय अवस्था में पाई जाती है, वयस्क अवस्था में पृष्ठ रज्जु अस्थिल अथवा उपास्थिल मेरुदण्ड में परिवर्तित हो जाती है।
सही उत्तर चुनें:
कशेरुकी, रज्जुकी का उपसंघ हैं (A सत्य); भ्रूणीय पृष्ठरज्जु मेरुदण्ड में बदल जाती है (R सत्य) — R, A की सही व्याख्या है।
गलत कथन को पहचानिए।
प्रतिजन बंधनस्थल N–समापक के परिवर्ती क्षेत्र पर होता है, C–समापक पर नहीं; अतः कथन C गलत है।
प्रथम रजोधर्म कहलाता है:
यौवनारम्भ पर प्रथम रजोधर्म रजोदर्शन (मेनार्की) कहलाता है।
सूची - I का सूची - II के साथ मिलान करें:
सूची - I — A. हृदय, B. वृक्क, C. जठरांत्रीय पथ, D. अधिवृक्क वल्कुट
सूची - II — I. इरिथ्रोपोइटिन, II. एल्डोस्टेरोन, III. एट्रियल नेट्रियुरेटिक कारक (एएनएफ), IV. सेक्रेटिन
सही उत्तर चुनें:
हृदय → ANF (III); वृक्क → इरिथ्रोपोइटिन (I); जठरांत्र → सेक्रेटिन (IV); अधिवृक्क वल्कुट → एल्डोस्टेरोन (II)।
किसी एंजाइम का प्रोटीन भाग कहलाता है:
संयुग्मी एंजाइम का प्रोटीन भाग एपोएंजाइम है; एपोएंजाइम + सहकारक = होलोएंजाइम।
शकरकंदी और आलू एक निश्चित प्रकार के विकास को प्रदर्शित करते हैं। विकास को समझाने के लिए पदों के सही संयोजन को चुनिए।
शकरकंदी (रूपांतरित जड़) व आलू (रूपांतरित तना) भिन्न उद्गम से समान कार्य करते हैं — तुल्यरूप संरचनाएं, अभिसारी विकास।
परिपक्वन के पश्चात् मुख्य लसीकाभ अंगों में, लसीकाणु निम्नलिखित द्वितीयक लसीकाभ अंगों/ऊतकों में प्रतिजनों से अन्तःक्रिया के लिए चले जाते हैं: A. थाइमस B. अस्थि मज्जा C. प्लीहा D. लसीका ग्रंथियाँ E. पेयर पैच सही उत्तर चुनें:
प्लीहा (C), लसीका ग्रंथियाँ (D) व पेयर पैच (E) द्वितीयक लसीकाभ अंग हैं; थाइमस व अस्थि मज्जा मुख्य अंग हैं।
अधिवृक्क मध्यांश हार्मोनों के कार्य के सन्दर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: A. ये आँखों की पुतलियों का संकीर्णन करते हैं B. यह एक हाइपरग्लाइसीमिक (अतिग्लूकोसरक्तता) हार्मोन है C. ये रोंगटे खड़े होने का कारण हैं D. ये हृदय संकुचन की क्षमता को बढ़ाते हैं सही उत्तर चुनें:
एड्रिनेलिन हाइपरग्लाइसीमिक (B), रोमांच (C) व हृदय संकुचन बल बढ़ाता है (D); पुतली का प्रसार करता है, संकीर्णन नहीं (A गलत)।
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