आवृतबीजियों में मादा युग्मकोद्भिद के निर्माण का सही अनुक्रम क्या है?
आवृतबीजियों में बीजांड का शरीर मृदूतकीय कोशिकाओं के पुंज से बना होता है जिसे बीजांडकाय कहते हैं। बीजांडकाय के अधश्चर्मी क्षेत्र में बीजांडद्वारी सिरे की ओर एक प्राथमिक आर्किस्पोरियल कोशिका विकसित होती है, जो आगे विभाजनों द्वारा द्विगुणित गुरुबीजाणु मातृ कोशिका बनाती है। यह अर्धसूत्रण द्वारा गुरुबीजाणु चतुष्क बनाती है। सामान्यतः निभागी गुरुबीजाणु क्रियाशील रहता है जबकि शेष तीन अपह्रासित हो जाते हैं। क्रियाशील गुरुबीजाणु मादा युग्मकोद्भिद (भ्रूणकोश) की प्रथम कोशिका है।