कौन अपने जीवन चक्र की एक प्रावस्था में प्रोटोजोआ का लक्षण तथा दूसरी प्रावस्था में कवक का लक्षण दर्शाता है?
अवपंक कवक जगत-प्रोटिस्टा के दो अनूठे तथा रोचक संघ बनाते हैं। कोशिकीय अवपंक कवकों को अब उनकी विकासीय निकटता तथा अमीबीय प्रावस्था होने के कारण प्रोटोजोआ (Amoeba) के साथ वर्गीकृत किया जाता है।
अवपंक कवकों का दूसरा संघ प्लाज्मोडियल है। अवपंक कवक Myxomycota से संबंधित हैं।