DNA का अर्धसंरक्षी प्रतिकृतिकरण सर्वप्रथम किसमें दर्शाया गया
DNA का अर्धसंरक्षी प्रतिकृतिकरण सर्वप्रथम E. coli में दर्शाया गया। वॉटसन तथा क्रिक द्वारा प्रस्तावित अर्धसंरक्षी विधि के अनुसार बनने वाली दोनों द्विकुंडलियों के प्रत्येक रज्जुक में एक पुराना तथा एक नया रज्जुक होगा। DNA प्रतिकृतिकरण की अर्धसंरक्षी प्रकृति मेसेल्सन तथा स्टाल (1958) के प्रयोग द्वारा सिद्ध हुई।