चीज़ (पनीर) निर्माण में सूक्ष्मजीवों का उपयोग किया जाता है:
जीवाणु दूध में उपस्थित शर्कराओं पर पोषण करते हैं। दूध की मुख्य शर्करा लैक्टोस कहलाती है। जीवाणु किण्वन द्वारा लैक्टोस लैक्टिक अम्ल में बदल जाती है तथा बढ़ी हुई अम्लता दूध को खट्टा एवं गाढ़ा कर देती है। परिपक्वन चीज़ निर्माण का अंतिम एवं निर्णायक चरण है, जो चीज़ के स्वाद को सर्वाधिक प्रभावित करता है। इसमें सूक्ष्मजीवों तथा एन्जाइमों- रेनेट, लाइपेज, फफूँदों एवं यीस्टों के उपयोग से अनेक भौतिक, रासायनिक एवं सूक्ष्मजैविक परिवर्तन होते हैं।