रेसॉर्सिनॉल तथा सांद्र H2SO4, थैलिक ऐनहाइड्राइड की उपस्थिति में एक यौगिक बनाते हैं, जो है:
Alcohol, phenol & ether NEET प्रश्न हिंदी में — रसायन विज्ञान (Chemistry) MCQ उत्तर सहित
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एक कार्बनिक यौगिक C7H8O न तो NaOH में विलेय है और न ही FeCl3 के साथ नीला रंग देता है, वह है:
(c) दिया गया कथन केवल ईथर को निरूपित करता है।
फीनॉल तथा बेंजोइक अम्ल के बीच विभेद करने के लिए निम्नलिखित में से किस अभिकर्मक का उपयोग किया जा सकता है?
(d) उदासीन FeCl3(aq) फीनॉल के साथ बैंगनी रंग का संकुल देता है।
एक अज्ञात ऐल्कोहॉल को “लुकास अभिकर्मक” के साथ उपचारित करके यह ज्ञात किया जाता है कि वह प्राथमिक, द्वितीयक अथवा तृतीयक है। कौन-सा ऐल्कोहॉल सबसे तीव्रता से तथा किस क्रियाविधि द्वारा अभिक्रिया करता है:
प्रोपीन, CH3-CH=CH2 को ऑक्सीकरण द्वारा 1-प्रोपेनॉल में परिवर्तित किया जा सकता है। इस परिवर्तन के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा अभिकर्मक समुच्चय आदर्श है?
CH3-CH=CH2(CH3CH2CH2)3B3CH3CH2CH2OH
ट्राइप्रोपिल बोरेन प्रोपेन-1-ऑल
आण्विक सूत्र C4H10O3 वाला एक यौगिक ऐसीटिल क्लोराइड की क्रिया से 190 मोलर द्रव्यमान वाले यौगिक में परिवर्तित हो जाता है। मूल यौगिक में हैं:
ROH + CH3COCl ------- ROCOCH3 + HCl
M (M + 42)
प्रत्येक OH समूह के ऐसिलीकरण से आण्विक द्रव्यमान में 42 की वृद्धि होती है। दी गई समस्या में ऐसिलीकरण पर यौगिक का आण्विक द्रव्यमान 84 बढ़ जाता है। अतः यौगिक में दो OH समूह हैं।
एक कार्बनिक यौगिक A सोडियम धातु के साथ अभिक्रिया करके B बनाता है। सांद्र H2SO4 के साथ गर्म करने पर A डाइएथिल ईथर देता है। अतः A तथा B हैं [AFMC 1998]
Na ऐल्कोहॉल तथा अम्ल के साथ अभिक्रिया करता है .. परंतु यहाँ सभी विकल्प ऐल्कोहॉल हैं
ये डाइएथिल ईथर बनाते हैं, अर्थात् ऐल्कोहॉल में 2 कार्बन हैं, अतः यह एथेनॉल है
फीनॉल की क्लोरोफॉर्म के साथ तनु सोडियम हाइड्रॉक्साइड की उपस्थिति में अभिक्रिया अंततः निम्नलिखित में से कौन-सा क्रियात्मक समूह प्रविष्ट कराती है?
यह राइमर-टीमान अभिक्रिया है।
एथिलीन ऑक्साइड को ग्रीन्यार अभिकर्मक के साथ उपचारित करने पर प्राप्त होता है :
जब एथिलीन ऑक्साइड को ग्रीन्यार अभिकर्मक (RMgX) के साथ उपचारित किया जाता है, तो वह नाभिकरागी योग द्वारा एक प्राथमिक ऐल्कोहॉल बनाता है। ग्रीन्यार अभिकर्मक एपॉक्साइड वलय के इलेक्ट्रॉनरागी कार्बन पर आक्रमण करता है तथा फिर मैग्नीशियम लवण का जलअपघटन होकर प्राथमिक ऐल्कोहॉल प्राप्त होता है।
निम्नलिखित अभिक्रिया पर विचार कीजिए,
फीनॉलXYZ
उत्पाद Z है
दिए गए अभिक्रिया अनुक्रम में Zn चूर्ण द्वारा फीनॉल का बेंजीन में विहाइड्रॉक्सीकरण होता है, तत्पश्चात निर्जल AlCl3 के साथ बेंजीन का क्लोरीनीकरण होकर क्लोरोबेंजीन बनता है, और अंत में क्षारीय KMnO4 के साथ क्लोरोबेंजीन का ऑक्सीकरण होकर बेंजोइक अम्ल प्राप्त होता है।
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