निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित है?
E1cb अभिक्रिया में अभिक्रिया मध्यवर्ती कार्बऋणायन होता है। अतः उत्पाद का निर्माण हॉफमान नियम के अनुसार होता है।
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निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित है?
E1cb अभिक्रिया में अभिक्रिया मध्यवर्ती कार्बऋणायन होता है। अतः उत्पाद का निर्माण हॉफमान नियम के अनुसार होता है।
ऐल्कोहॉलों की क्रियाशीलता को E1 विलोपन अभिक्रिया हेतु घटते क्रम में व्यवस्थित कीजिए:
(i)
(ii)
(iii)
(iv)
नीचे दिए गए कोडों में से सही उत्तर चुनिए:
कोड:
क्रियाशीलता कार्बधनायन का स्थायित्व
दी गई अभिक्रिया में,
[X] होगा:
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
(i) तापीय अपघटनी विलोपन सदैव सिन विलोपन होता है।
(ii) तापीय अपघटनी विलोपन में उत्पाद का निर्माण सर्वाधिक स्थायी ग्रस्त संरूपण द्वारा होता है।
(iii) तापीय अपघटनी विलोपन में उत्पाद का निर्माण हॉफमान नियम के अनुसार होता है।
(iv) तापीय अपघटनी विलोपन में उत्पाद का निर्माण सेट्जेफ नियम के अनुसार होता है।
इन कथनों में से :
तापीय अपघटनी विलोपन (पायरोलिटिक एलिमिनेशन) का शाब्दिक अर्थ है ऊष्मा देने पर कार्बनिक क्रियाधार में होने वाली विलोपन अभिक्रिया (ग्रीक शब्द pyr का अर्थ अग्नि)। इसमें किसी अतिरिक्त अभिकर्मक अथवा विलायक की आवश्यकता नहीं होती तथा यह प्रायः गैसीय प्रावस्था में कराया जाता है, यद्यपि अक्रिय विलायकों में भी किया जा सकता है। अतः ये विलोपन अन्य प्रकारों (E1, E2 या E1cB) से भिन्न हैं, क्योंकि उन सबमें अभिक्रिया चलने हेतु एक बाह्य क्षारक आवश्यक होता है। इन तापीय विलोपन अभिक्रियाओं को पायरोलिटिक Ei (आंतरिक विलोपन) अभिक्रिया भी कहा जाता है। कार्बोक्सिलिक एस्टर, ज़ैन्थेट, ऐमीन ऑक्साइड, सल्फॉक्साइड तथा सेलेनॉक्साइड कुछ ऐसे क्रियाधार हैं, जो सामान्यतः तापीय अपघटनी विलोपन देते हैं।
डाइक्लोरोमेथेन को ऐल्कोहॉलिक KOH/ के साथ अभिकृत करने पर प्राप्त होता है:
सूत्र C3H6Cl2 वाला यौगिक A क्षार के साथ अभिक्रिया कर सूत्र C3H6O वाला B अथवा सूत्र C3H4 वाला C दे सकता है। B के ऑक्सीकरण से सूत्र C3H6O वाला यौगिक प्राप्त हुआ। C ने तनु H2SO4 (जिसमें Hg2+ आयन उपस्थित था) के साथ सूत्र C3H6O वाला D दिया, जिसने ब्रोमीन तथा NaOH के साथ C2H4O2 का सोडियम लवण दिया। तब A है :
प्रोपीन, CH3-CH=CH2 को ऑक्सीकरण द्वारा 1-प्रोपेनॉल में परिवर्तित किया जा सकता है। निम्नलिखित में से अभिकर्मकों का कौन-सा समुच्चय इस परिवर्तन हेतु आदर्श है?
(b) CH3CH=CH2 (CH3CH2CH2)3B
CH3CH2CH2OH + H3BO3;
इस प्रक्रम को हाइड्रोबोरेशन कहते हैं।
निम्नलिखित श्रेणी में Z पहचानिए,
(c)
निम्नलिखित अभिक्रिया पर विचार कीजिए,
उत्पाद Z है
दिए गए अभिक्रिया अनुक्रम में सम्मिलित हैं: 1) Zn चूर्ण द्वारा फीनॉल का बेंजीन में परिवर्तन (अपचयन)। 2) निर्जल AlCl3 उत्प्रेरक की उपस्थिति में बेंजीन का ऐसीटिल क्लोराइड (CH3COCl) के साथ फ्रीडेल-क्राफ्ट्स ऐसिलीकरण, जिससे ऐसीटोफीनोन बनता है। 3) क्षारीय KMnO4 द्वारा ऐसीटोफीनोन का ऑक्सीकरण, जिससे बेंजोइक अम्ल (Z) प्राप्त होता है।
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