Alcohol, phenol & ether NEET प्रश्न हिंदी में — रसायन विज्ञान (Chemistry) MCQ उत्तर सहित

Alcohol, phenol & ether (Chemistry) के NEET बहुविकल्पीय प्रश्न हिंदी में मुफ़्त हल करें — तुरंत सही उत्तर और विस्तृत व्याख्या के साथ। लॉगिन की आवश्यकता नहीं।

सभी Physics Chemistry Botany Zoology
भाषा English हिंदी
Clear Register free for difficulty & keyword filters

इलेक्ट्रॉनरागी प्रतिस्थापन के दौरान ऐरोमैटिक ईथर में ऑर्थो और पैरा स्थितियों पर उच्च इलेक्ट्रॉन घनत्व में निम्नलिखित में से क्या योगदान देता है?

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

फ़ीनॉलों की ही तरह, जहाँ '-OH समूह आने वाले समूह को वलय में ऑर्थो और पैरा स्थितियों की ओर निर्देशित करता है क्योंकि –OH समूह के अनुनाद प्रभाव के कारण ये स्थितियाँ इलेक्ट्रॉन-समृद्ध हो जाती हैं', ईथरों में ऐल्कॉक्सी समूह भी प्रबल धनात्मक अनुनाद प्रभाव दर्शाता है, जो ऑर्थो और पैरा स्थितियों को इलेक्ट्रॉन घनत्व देकर उन्हें इलेक्ट्रॉनरागी आक्रमण के लिए सक्रिय करता है।

यदि एक ईथर, जिसके एक ओर तृतीयक ऐल्किल समूह और दूसरी ओर मेथिल समूह है ($CH_3OC(CH_3)_3$), HI से अभिक्रिया करता है, तो कौन-सा बंध अधिमानतः टूटेगा?

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

यद्यपि NCERT का उदाहरण $S_N2$ के लिए कम बाधित पक्ष पर विशिष्ट विदलन दर्शाता है, तृतीयक ऐल्किल समूहों के लिए HI के साथ अभिक्रिया प्रायः $S_N1$ क्रियाविधि द्वारा आगे बढ़ती है। बना हुआ तृतीयक कार्बधनायन अत्यधिक स्थायी होता है, जिससे तृतीयक ऐल्किल आयोडाइड बनता है। संदर्भ HI के साथ बंध विदलन के सामान्य सिद्धांत की ओर संकेत करता है।

मेथिल फेनिल ईथर (ऐनिसोल) की HI के साथ अभिक्रिया पर विचार करते हुए, आयोडोबेंजीन उत्पाद क्यों नहीं बनता?

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

पाठ कहता है: 'फीनॉल आगे अभिक्रिया करके हैलाइड नहीं देते क्योंकि फीनॉल का $sp^2$ संकरित कार्बन हैलाइड में रूपांतरण के लिए आवश्यक नाभिकस्नेही प्रतिस्थापन अभिक्रिया नहीं कर सकता।' यह सीधे समझाता है कि फेनिल समूह से आयोडोबेंजीन क्यों नहीं बनता।

एथेनोइक अम्ल में ब्रोमीन के साथ ऐनिसोल की इलेक्ट्रॉनस्नेही प्रतिस्थापन अभिक्रिया में मुख्य उत्पाद कौन-सा प्राप्त होता है और कितनी लब्धि में?

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

NCERT पाठ स्पष्ट रूप से कहता है: ऐनिसोल के ब्रोमीनीकरण के लिए 'पैरा समावयवी 90% लब्धि में प्राप्त होता है'।

ईथरों में ऐरोमैटिक वलय की इलेक्ट्रॉनस्नेही प्रतिस्थापन के प्रति अभिक्रियाशीलता के विषय में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

पाठ कहता है, 'ऐल्कॉक्सी समूह (-OR) ... ऐरोमैटिक वलय को इलेक्ट्रॉनस्नेही प्रतिस्थापन के प्रति उसी प्रकार सक्रियित करता है जैसे फीनॉल में।'

अभिक्रिया पर विचार कीजिए: $CH_3CH_2OCH_2CH_3 + HI \xrightarrow{Heat}$। बनने वाले उत्पाद हैं:

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

जब सममित ईथर HI से अभिक्रिया करते हैं, तो C-O बंध टूटता है और एक ऐल्कोहॉल तथा एक ऐल्किल आयोडाइड बनते हैं। यदि HI आधिक्य में हो और गर्म किया जाए, तो ऐल्कोहॉल आगे अभिक्रिया करके ऐल्किल आयोडाइड बना सकता है। परंतु सीमित HI के साथ एथेनॉल और आयोडोएथेन ही प्राथमिक उत्पाद हैं। दिया गया उदाहरण 7.7 (i) दर्शाता है कि $CH_3CH_2 – O – CH_2CH_3$ HI से अभिक्रिया करके $CH_3CH_2OH$ और $CH_3CH_2I$ देता है।

निम्नलिखित में से कौन-सा क्यूमीन के फीनॉल में रूपांतरण के प्रथम चरण का वर्णन करता है?

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

NCERT पाठ के अनुसार, 'क्यूमीन (आइसोप्रोपिलबेंजीन) वायु की उपस्थिति में ऑक्सीकृत होकर क्यूमीन हाइड्रोपरॉक्साइड बनाता है।' यह क्यूमीन से फीनॉल के औद्योगिक विरचन का सही आरंभिक चरण है।

बेंजीन डाइऐज़ोनियम क्लोराइड को जल के साथ गर्म करके फीनॉल के विरचन में मुख्यतः किस प्रकार की अभिक्रिया होती है?

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

NCERT कहता है, 'डाइऐज़ोनियम लवण जल के साथ गर्म करने या तनु अम्लों से उपचारित करने पर जल-अपघटित होकर फीनॉल बनाते हैं।' जल-अपघटन जल के साथ वह अभिक्रिया है जो बंध तोड़ती है।

जब फीनॉल के विरचन के लिए क्लोरोबेंजीन का उपयोग किया जाता है, तो NaOH के साथ निम्नलिखित में से कौन-सी स्थिति NCERT पाठ में विशेष रूप से उल्लिखित है?

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

NCERT कहता है, 'क्लोरोबेंजीन को 623K और 320 वायुमंडलीय दाब पर NaOH के साथ संगलित किया जाता है। इस प्रकार बने सोडियम फीनॉक्साइड के अम्लीकरण से फीनॉल प्राप्त होता है।' ये कठोर स्थितियाँ डाउ प्रक्रम की विशेषता हैं।

फीनॉल के विरचन की निम्नलिखित में से किस विधि में पहले बेंजीन का सल्फोनीकरण होता है?

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

NCERT कहता है 'बेंजीनसल्फोनिक अम्ल से: बेंजीन को ओलियम से सल्फोनीकृत किया जाता है और इस प्रकार बना बेंजीन सल्फोनिक अम्ल गलित सोडियम हाइड्रॉक्साइड के साथ गर्म करने पर सोडियम फीनॉक्साइड में बदल जाता है। सोडियम लवण के अम्लीकरण से फीनॉल प्राप्त होता है।'

Ready to ace NEET?

Free access · No credit card required

Frequently Asked Questions

हाँ। इस पेज के हर Alcohol, phenol & ether प्रश्न को बिना लॉगिन किए मुफ़्त हल किया जा सकता है, और सही उत्तर व विस्तृत व्याख्या तुरंत देखी जा सकती है।

नहीं। प्रश्न हल करने और उत्तर देखने के लिए किसी खाते की आवश्यकता नहीं है। मुफ़्त खाता बुकमार्क, निजी नोट्स और प्रगति ट्रैकिंग जोड़ देता है।

इस प्रश्न बैंक में NEET के पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) और अभ्यास प्रश्न दोनों शामिल हैं — जहाँ लागू हो, हर प्रश्न पर उसका परीक्षा वर्ष अंकित है।