कौन-सा प्रकृति में सर्वाधिक क्षारीय है?
अम्ल सामर्थ्य का क्रम है
HI > HBr > HCl > HF
अतः संयुग्मी क्षार हैं
I- < Br- < Cl- < F-
अतः फ्लुओराइड आयन प्रबलतम क्षार है तथा आयोडाइड आयन ​दुर्बलतम क्षार है
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कौन-सा प्रकृति में सर्वाधिक क्षारीय है?
अम्ल सामर्थ्य का क्रम है
HI > HBr > HCl > HF
अतः संयुग्मी क्षार हैं
I- < Br- < Cl- < F-
अतः फ्लुओराइड आयन प्रबलतम क्षार है तथा आयोडाइड आयन ​दुर्बलतम क्षार है
अभिकथन : अमोनियामय सिल्वर नाइट्रेट ग्लूकोस को ग्लूकोनिक अम्ल में बदल देता है तथा धात्विक चाँदी अवक्षेपित होती है।
कारण : ग्लूकोस एक दुर्बल अपचायक की तरह कार्य करता है।
(A)
निम्नलिखित में से कौन-सा जल के साथ अभिक्रिया करता है
(c) क्लोरल H-आबंधन के कारण जल के साथ क्लोरल हाइड्रेट बनाता है।
CCl3CHOCCl3CH(OH)2
एस्टर के निर्माण में सामान्यतः प्रयुक्त निर्जलीकारक है :
(d) H2SO4 अभिक्रिया के लिए उत्प्रेरक तथा निर्जलीकारक दोनों की भाँति कार्य करता है,
CH3COOH+HOC2H5CH3COOC2H5
सक्सिनिक अम्ल (A)(B)(C); उत्पाद (C) होगा:
इस अभिक्रिया में सक्सिनिक अम्ल का पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड (KOH) से उपचार करने पर उसका पोटैशियम सक्सिनेट लवण बनता है। कार्बोक्सिल समूहों से प्रोटॉन निकल जाते हैं तथा उत्पन्न ऋणावेश पोटैशियम धनायनों (K+) द्वारा संतुलित हो जाते हैं।
(A) → B + C; (B) तथा (C) दोनों धनात्मक आयोडोफॉर्म परीक्षण देते हैं। यौगिक (A) है:-
C5H10O H3O+
सांद्र H2SO4 में Ph3CCO2 का विलयन मेथेनॉल में डालने पर (X) देता है। X है :-
O
ll
जब ट्राइफेनिलऐसीटिक अम्ल (Ph3CCO2H) सांद्र H2SO4 के साथ अभिक्रिया करता है तथा प्राप्त विलयन को मेथेनॉल में डाला जाता है, तो अपेक्षित उत्पाद ट्राइफेनिलमेथिल मेथिल ईथर (Ph3C-OCH3) है, जो विकल्प o3 है।
एस्टर बनाने के लिए निम्नलिखित में से किस विधि का उपयोग नहीं किया जा सकता?
(a) RCOOH+HOR'→RCOOR'
H+ एस्टर
RCOCl+HOR'→RCOOR'+HCl
पिरिडीन
(RCO)2O+2HOR'→RCOOR'+H2O
पिरिडीन
RCOOH तथा R'OH द्वारा एस्टरीकरण क्षारीय माध्यम में नहीं होता।
डनस्टन परीक्षण किसकी पहचान के लिए प्रयुक्त होता है:
(c) ग्लिसरॉल ठंडे में बोरैक्स विलयन में फ़ीनॉल्फ़्थैलीन के गुलाबी रंग को विरंजित कर देता है, जो गर्म करने पर पुनः उत्पन्न हो जाता है।
पायरोलिग्नियस अम्ल में होता है:
(a) काष्ठ के भंजक आसवन से प्राप्त पायरोलिग्नियस अम्ल में मुख्यतः ऐसीटिक अम्ल (9 10%), मेथिल ऐल्कोहॉल (2-25%) तथा लगभग 0.5% ऐसीटोन होता है; अन्य आसवन उत्पाद काष्ठ गैस, काष्ठ चारकोल तथा काष्ठ तारकोल हैं।
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