Aldehyde ketones & carboxylic Acid NEET प्रश्न हिंदी में — रसायन विज्ञान (Chemistry) MCQ उत्तर सहित

Aldehyde ketones & carboxylic Acid (Chemistry) के NEET बहुविकल्पीय प्रश्न हिंदी में मुफ़्त हल करें — तुरंत सही उत्तर और विस्तृत व्याख्या के साथ। लॉगिन की आवश्यकता नहीं।

सभी Physics Chemistry Botany Zoology
भाषा English हिंदी
Clear Register free for difficulty & keyword filters

पेरॉक्सोडाइ-सल्फ्यूरिक अम्ल के एक मोल के आंशिक जल-अपघटन से प्राप्त होता है:

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

पेरॉक्सोडाइसल्फ्यूरिक अम्ल (H2S2O8) के एक मोल के आंशिक जल-अपघटन से सल्फ्यूरिक अम्ल (H2SO4) का एक मोल तथा पेरॉक्सोमोनोसल्फ्यूरिक अम्ल (H2SO5) का एक मोल प्राप्त होता है। अभिक्रिया है: H2S2O8 + H2O → H2SO4 + H2SO5.

B(OH)3 + NaOH   NaBO2 + Na[B(OH)4] +H2O

इस अभिक्रिया को अग्र दिशा में कैसे अग्रसर कराया जा सकता है?

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(a) H3BO3 दुर्बल एकक्षारकी लूइस अम्ल का कार्य करता है।

(i) B(OH)3 + NaOH  Na[B(OH)4

H3bo3 विलयन में सिस 1,2 डाइऑल मिलाने पर, कीलेट प्रभाव के कारण H3BO3 की अम्लीय प्रबलता बढ़ जाती है।

जब PCl3 का जल-अपघटन किया जाता है तो फॉस्फोरस का ऑक्सी-अम्ल प्राप्त होता है। उस ऑक्सी-अम्ल की क्षारकता है

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(2) PCl3+3H2OH3PO3+3HClH3PO3 is a diabasic acid.

फॉस्फोरस के ऑक्सी-अम्लों की अम्लीय प्रबलता का सही क्रम है

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

अम्लता मुक्त ऑक्सीजन के अनुक्रमानुपाती तथा -OH समूह के व्युत्क्रमानुपाती होती है।

 

द्विबंधित ऑक्सीजन का ऋणात्मक प्रेरणिक प्रभाव (-I) होता है। यह इलेक्ट्रॉन-आकर्षी प्रभाव एक HH द्वारा अनुभव किया जाता है, जो एक OHOH समूह का है H3PO2 में। अतः इसकी अम्लीय प्रबलता सर्वाधिक होती है।

इसी प्रकार, -I प्रभाव O का, दो H द्वारा अनुभव किया जाता है, जो दो OH समूहों के हैं H3PO3 में, अतः इलेक्ट्रॉन-आकर्षी प्रभाव घट जाता है क्योंकि यह दो समूहों में बँट जाता है। अतः इसकी अम्लीय प्रबलता कम होती है। इसी प्रकार H3PO4 में यह 3 समूहों में बँट जाता है और इसलिए अम्लीय प्रबलता सबसे कम होती है।

सल्फाइडों के भर्जन से उपोत्पाद के रूप में गैस X प्राप्त होती है। यह जली हुई सल्फर की दम घोंटने वाली गंध वाली रंगहीन गैस है और अम्लीय वर्षा के परिणामस्वरूप श्वसन अंगों को भारी क्षति पहुँचाती है। इसका जलीय विलयन अम्लीय है, यह अपचायक का कार्य करती है और इसका अम्ल कभी पृथक नहीं किया जा सका है। गैस X है

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(b) जब किसी सल्फाइड अयस्क का भर्जन किया जाता है तो SO2 गैस प्राप्त होती है।

2M2S + 3O2 2M2O + 2SO2

यह गैस प्रश्न में दिए गए सभी अभिलक्षण प्रदर्शित करती है।

जब Cl2 गैस गर्म तथा सांद्र सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन से अभिक्रिया करती है, तो क्लोरीन की ऑक्सीकरण संख्या बदलती है

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

जब Clâ‚‚ गैस गर्म तथा सांद्र NaOH विलयन से अभिक्रिया करती है, तो क्लोरीन का विषमानुपातन होता है। इसकी ऑक्सीकरण अवस्थाएँ 0 से -1 (NaOCl में) तथा 0 से +5 (NaClO₃ में) में बदल जाती हैं। इस विषमानुपातन अभिक्रिया का उपयोग विरंजक चूर्ण के निर्माण में किया जाता है।

किस स्थिति में अम्लीय प्रबलता का क्रम सही नहीं है ?

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(b) HIO4>HBrO4>HCIO4 अम्लीय प्रबलता का निर्धारण 

  केंद्रीय परमाणु की विद्युत ऋणात्मकता अथवा आवेश घनत्व के आधार पर किया गया है।

अभिकथन : HNO3  अधिक प्रबल अम्ल है, की तुलना में HNO2.

कारण : HNO3 में दो नाइट्रोजन-ऑक्सीजन बंध हैं जबकि HNO2 में केवल एक है।

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(C) संयुग्मी क्षार HNO3 का, अर्थात् NO3- अधिक स्थायी है (तीन ऑक्सीजन परमाणुओं पर आवेश का विक्षेपण), संयुग्मी क्षार की तुलना में HNO2, अर्थात् NO2- (दो ऑक्सीजन परमाणुओं पर आवेश का विक्षेपण)।

तीन नाइट्रोजन-ऑक्सीजन बंध हैं HNO3 में तथा दो HNO2.

निम्नलिखित में से कौन-सा हाइड्राइड सर्वाधिक अम्लीय है

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

दुर्बल बंध के कारण H2Te अधिक सरलता से हाइड्रोजन दे सकता है। अम्लीय प्रकृति का बढ़ता क्रम है

H2O < H2S < H2Se < H2Te

निम्नलिखित अभिक्रियाओं में से किसमें स्टार्च विलयन मिलाने पर नीला संकुल बनेगा?

(A) जब NaI में से क्लोरीन प्रवाहित की जाती है

(B) सोडियम आयोडेट की अभिक्रिया सोडियम बाइसल्फाइट विलयन से कराई जाती है

(C) KI की अभिक्रिया MnO2 तथा सांद्र H2SO4 से कराई जाती है

(D) तनु ऐसीटिक अम्ल युक्त विरंजक चूर्ण में KI मिलाया जाता है

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

उपर्युक्त सभी सही हैं

Ready to ace NEET?

Free access · No credit card required

Frequently Asked Questions

हाँ। इस पेज के हर Aldehyde ketones & carboxylic Acid प्रश्न को बिना लॉगिन किए मुफ़्त हल किया जा सकता है, और सही उत्तर व विस्तृत व्याख्या तुरंत देखी जा सकती है।

नहीं। प्रश्न हल करने और उत्तर देखने के लिए किसी खाते की आवश्यकता नहीं है। मुफ़्त खाता बुकमार्क, निजी नोट्स और प्रगति ट्रैकिंग जोड़ देता है।

इस प्रश्न बैंक में NEET के पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) और अभ्यास प्रश्न दोनों शामिल हैं — जहाँ लागू हो, हर प्रश्न पर उसका परीक्षा वर्ष अंकित है।