Mg के तथा 178 तथा 348 Kcal हैं। अभिक्रिया,
Mg के लिए आवश्यक ऊर्जा है :
(b) किसी परमाणु से दो इलेक्ट्रॉन (एक-एक करके) हटाने के लिए आवश्यक ऊर्जा = + ।
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Mg के तथा 178 तथा 348 Kcal हैं। अभिक्रिया,
Mg के लिए आवश्यक ऊर्जा है :
(b) किसी परमाणु से दो इलेक्ट्रॉन (एक-एक करके) हटाने के लिए आवश्यक ऊर्जा = + ।
आकार के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा क्रम सही है?
(D) (1) समइलेक्ट्रॉनी हैं तथा इस प्रकार का क्रम मानते हैं।
Al तृतीय आवर्त से संबंधित है तथा उस पर कोई आवेश नहीं है अतः वह सबसे बड़ा है।
= में से अधिक कोशों की संख्या है जो समइलेक्ट्रॉनी हैं परंतु का नाभिकीय आवेश अधिक है अतः का विकर्ण संबंध है। परंतु में +2 आवेश के कारण वह से छोटा है। अतः सबसे छोटा है।
जैसे-जैसे इलेक्ट्रॉनों की संख्या का ह्रास होता है, संयोजकता कोश इलेक्ट्रॉनों तथा नाभिक के बीच आकर्षण बढ़ता है। इसके परिणामस्वरूप इलेक्ट्रॉन नाभिक के निकट खिंच जाते हैं जिससे आयनों के आकार में संकुचन होता है।
आवर्त में नाभिकीय आवेश बढ़ता है तथा इस प्रकार परमाणुओं का आकार घटता है।
Mg = 160 pm; Al = 143 pm; Si = 118; P = 110 pm.
हाइड्रोजन को क्षार धातुओं या हैलोजनों के समूह में न रखने की सर्वोत्तम व्याख्या है।
(C). हाइड्रोजन की IE क्षार धातुओं से बहुत अधिक तथा हैलोजनों से थोड़ी अधिक
होती है। उदाहरण के लिए Cl की IE 1255 kJ/mole तथा H की IE 1312 kJ/mole है।
अभिकथन : बेरिलियम हाइड्राइड एक सहसंयोजी हाइड्राइड है।
कारण : तथा के बीच विद्युत्-ऋणात्मकता का अंतर बहुत अधिक है।
(C). तथा के बीच विद्युत्-ऋणात्मकता का अंतर कम है।
सोडियम Na+ बनाता है, Na2+ नहीं, क्योंकि:
(b) यह दिए गए तथ्य का कारण है
क्षार धातुओं के लिए कौन-सा कथन असत्य है ?
आकार में असामान्य वृद्धि के कारण पोटैशियम का घनत्व सोडियम से कम है
जलीय विलयन में निम्नलिखित में से किसका आकार सबसे बड़ा है।
जलीय विलयन में आकार
क्षार धातुओं के लिए, परमाणु क्रमांक बढ़ने पर निम्नलिखित में से क्या बढ़ता है:-
परमाणु क्रमांक बढ़ने पर परमाणु त्रिज्या बढ़ती है।
कौन-सा सही सुमेलित नहीं है?
(A)
ऑक्साइडों की क्षारीय सामर्थ्य इस क्रम में बढ़ती है क्षारीय सामर्थ्य में यह वृद्धि
I.E. में कमी तथा विद्युत्-धनी गुण में वृद्धि के कारण है। हैलाइडों के गलनांक
इस क्रम में घटते हैं , जैसे-जैसे हैलाइड आयन का आकार
बढ़ता है। गलनांक में यह कमी फेजान नियम के अनुसार ऋणायन के आकार में वृद्धि के साथ
सहसंयोजी गुण बढ़ने के कारण है।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए और सही कथन चुनिए।
(C)
(1) समूह में नीचे जाने पर विलेयता बढ़ती है क्योंकि जालक ऊर्जा में परिवर्तन जलयोजन ऊर्जा की तुलना में अधिक होता है। धात्विक गुण बढ़ने के कारण तापीय स्थायित्व और क्षारीय गुण दोनों समूह में नीचे जाने पर बढ़ते हैं।
(2) यह एक सही कथन है।
(3) बेरिलियम और एल्युमिनियम का विकर्ण संबंध है। दोनों के क्लोराइड सहसंयोजक प्रकृति के होने के कारण कार्बनिक विलायकों में विलेय हैं। दोनों के क्लोराइड इलेक्ट्रॉन न्यून होने के कारण प्रबल लुईस अम्ल की तरह कार्य करते हैं।
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