Classification of elements and Periodicity in properties NEET प्रश्न हिंदी में — रसायन विज्ञान (Chemistry) MCQ उत्तर सहित

Classification of elements and Periodicity in properties (Chemistry) के NEET बहुविकल्पीय प्रश्न हिंदी में मुफ़्त हल करें — तुरंत सही उत्तर और विस्तृत व्याख्या के साथ। लॉगिन की आवश्यकता नहीं।

सभी Physics Chemistry Botany Zoology
भाषा English हिंदी
Clear Register free for difficulty & keyword filters

Mg के IP1 तथा IP2 178 तथा 348  Kcal mol-1 हैं। अभिक्रिया, 

  MgMg2+ + 2e- के लिए आवश्यक ऊर्जा है :

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(b)  किसी परमाणु से दो इलेक्ट्रॉन (एक-एक करके) हटाने के लिए आवश्यक ऊर्जा = IP1 + IP2

आकार के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा क्रम सही है?

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(D) (1) Mg2+, Na+ and F- समइलेक्ट्रॉनी हैं तथा इस प्रकार M12g2+<N11a+<F-9 का क्रम मानते हैं।

Al तृतीय आवर्त से संबंधित है तथा उस पर कोई आवेश नहीं है अतः वह सबसे बड़ा है।

Na+=102 pm; Mg2+=72 pm; Al =143 pm, F-=133 pm.

 K+= में Mg2+ and Al3+ and Mg2+ से अधिक कोशों की संख्या है जो समइलेक्ट्रॉनी हैं परंतु Al3+ का नाभिकीय आवेश अधिक है अतः Al3+<Mg2+. Mg2+ and Li+ का विकर्ण संबंध है। परंतु Mg2+, the Mg2+ में +2 आवेश के कारण वह Li+ से छोटा है। अतः Al3+ सबसे छोटा है।

K+=1.38 A, Li2+=0.76 A, Mg2+=0.72 A and Al3+=0.535 A.

जैसे-जैसे इलेक्ट्रॉनों की संख्या का ह्रास होता है, संयोजकता कोश इलेक्ट्रॉनों तथा नाभिक के बीच आकर्षण बढ़ता है। इसके परिणामस्वरूप इलेक्ट्रॉन नाभिक के निकट खिंच जाते हैं जिससे आयनों के आकार में संकुचन होता है।

आवर्त में नाभिकीय आवेश बढ़ता है तथा इस प्रकार परमाणुओं का आकार घटता है।

Mg = 160 pm; Al = 143 pm; Si = 118; P = 110 pm.

हाइड्रोजन को क्षार धातुओं या हैलोजनों के समूह में न रखने की सर्वोत्तम व्याख्या है।

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(C).  हाइड्रोजन की IE क्षार धातुओं से बहुत अधिक तथा हैलोजनों से थोड़ी अधिक

  होती है। उदाहरण के लिए Cl की IE 1255 kJ/mole तथा H की IE 1312 kJ/mole है। 

अभिकथन : बेरिलियम हाइड्राइड एक सहसंयोजी हाइड्राइड है।

कारण : Be तथा H के बीच विद्युत्-ऋणात्मकता का अंतर बहुत अधिक है।

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(C). Be1.5 तथा H2.1 के बीच विद्युत्-ऋणात्मकता का अंतर कम है।

सोडियम Na+ बनाता है, Na2+ नहीं, क्योंकि:

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(b) यह दिए गए तथ्य का कारण है

क्षार धातुओं के लिए कौन-सा कथन असत्य है ?

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

आकार में असामान्य वृद्धि के कारण पोटैशियम का घनत्व सोडियम से कम है

जलीय विलयन में निम्नलिखित में से किसका आकार सबसे बड़ा है।

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

जलीय विलयन में आकार 1ionic size

क्षार धातुओं के लिए, परमाणु क्रमांक बढ़ने पर निम्नलिखित में से क्या बढ़ता है:-

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

परमाणु क्रमांक बढ़ने पर परमाणु त्रिज्या बढ़ती है।

कौन-सा सही सुमेलित नहीं है?

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(A)

  ऑक्साइडों की क्षारीय सामर्थ्य इस क्रम में बढ़ती है Li2O<Na2O<K2O<Rb2O<Cs2O. क्षारीय सामर्थ्य में यह वृद्धि

  I.E. में कमी तथा विद्युत्-धनी गुण में वृद्धि के कारण है। हैलाइडों के गलनांक

  इस क्रम में घटते हैं NaF>NaCl>NaBr>Nal, जैसे-जैसे हैलाइड आयन का आकार

  बढ़ता है। गलनांक में यह कमी फेजान नियम के अनुसार ऋणायन के आकार में वृद्धि के साथ

  सहसंयोजी गुण बढ़ने के कारण है।

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए और सही कथन चुनिए।

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(C)

(1) समूह में नीचे जाने पर विलेयता बढ़ती है क्योंकि जालक ऊर्जा में परिवर्तन जलयोजन ऊर्जा की तुलना में अधिक होता है। धात्विक गुण बढ़ने के कारण तापीय स्थायित्व और क्षारीय गुण दोनों समूह में नीचे जाने पर बढ़ते हैं।

(2) यह एक सही कथन है।

(3) बेरिलियम और एल्युमिनियम का विकर्ण संबंध है। दोनों के क्लोराइड सहसंयोजक प्रकृति के होने के कारण कार्बनिक विलायकों में विलेय हैं। दोनों के क्लोराइड इलेक्ट्रॉन न्यून होने के कारण प्रबल लुईस अम्ल की तरह कार्य करते हैं।

Ready to ace NEET?

Free access · No credit card required

Frequently Asked Questions

हाँ। इस पेज के हर Classification of elements and Periodicity in properties प्रश्न को बिना लॉगिन किए मुफ़्त हल किया जा सकता है, और सही उत्तर व विस्तृत व्याख्या तुरंत देखी जा सकती है।

नहीं। प्रश्न हल करने और उत्तर देखने के लिए किसी खाते की आवश्यकता नहीं है। मुफ़्त खाता बुकमार्क, निजी नोट्स और प्रगति ट्रैकिंग जोड़ देता है।

इस प्रश्न बैंक में NEET के पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) और अभ्यास प्रश्न दोनों शामिल हैं — जहाँ लागू हो, हर प्रश्न पर उसका परीक्षा वर्ष अंकित है।