अभिकथन : समूह में नीचे जाने पर विद्युत-धनात्मक गुण बढ़ने के साथ क्षार धातुओं के कार्बोनेट तथा हाइड्रोजन कार्बोनेट की स्थिरता बढ़ती है।
कारण : लिथियम कार्बोनेट ऊष्मा के प्रति उतना स्थायी नहीं है; लिथियम का आकार बहुत छोटा होने के कारण यह बड़े आयन का ध्रुवण करता है जिससे अधिक स्थायी और बनते हैं।
(B) (i) बड़ा धनायन बड़े ऋणायन को स्थायित्व प्रदान करता है और इसका विपरीत भी सत्य है।
(ii) क्षार धातुओं के कार्बोनेट तथा बाइकार्बोनेट की स्थिरता उनके धात्विक गुण पर निर्भर करती है।
कार्बोनेट तथा बाइकार्बोनेट की स्थिरता उनके धात्विक अर्थात् विद्युत-धनात्मक गुण के।