गलत कथन को चिह्नित कीजिए:
(B)। चूँकि समूह में नीचे जाने पर आयनन ऊर्जा घटती है, अतः लिथियम से सीज़ियम की ओर जाने पर विद्युत-धनात्मक गुण बढ़ता है।
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गलत कथन को चिह्नित कीजिए:
(B)। चूँकि समूह में नीचे जाने पर आयनन ऊर्जा घटती है, अतः लिथियम से सीज़ियम की ओर जाने पर विद्युत-धनात्मक गुण बढ़ता है।
निम्नलिखित में से कौन सा यौगिक पिरिडीन में विलेय हो सकता है-
(C)। पर उच्च धनात्मक आवेश घनत्व के कारण, यह अधिकतम सहसंयोजक गुण वाले यौगिक बनाता है। इसलिए लिथियम क्लोराइड पिरिडीन में विलेय हो सकता है।
Na और K धातु के पृथक्करण से संबंधित निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है –
(D)। सोडियम और पोटैशियम को इनके गलित क्लोराइडों के विद्युत-अपघटन द्वारा बनाया जा सकता है, न कि इनके लवणों के जलीय विलयनों से, क्योंकि ये धातुएँ अत्यधिक क्रियाशील होती हैं।
निम्नलिखित में से कौन सा असत्य कथन है-
(C)। कैल्शियम कार्बोनेट का तापीय स्थायित्व बेरिलियम कार्बोनेट की तुलना में अधिक है। का आयनिक विभव () मान से अधिक है। अतः , की ऑक्सीजन को अधिक आकर्षित करता है और गर्म करने पर बेरिलियम कार्बोनेट अधिक सरलता से खो देता है।
ऑक्साइडों MgO, SrO, , NiO और का क्षारीय गुण निम्नलिखित क्रम में बढ़ता है –
(C)। क्षार धातु ऑक्साइड, क्षारीय मृदा धातु ऑक्साइडों से अधिक क्षारीय होते हैं और समूह में नीचे जाने पर क्षारीय गुण बढ़ता है।
अभिकथन : s-ब्लॉक तत्व प्रकृति में मुक्त अवस्था में नहीं पाए जाते
कारण : s-ब्लॉक तत्व प्रकृति में अत्यधिक विद्युत-धनात्मक होते हैं।
(A)। s-ब्लॉक तत्व प्रकृति में अत्यधिक विद्युत-धनात्मक होते हैं। अतः ये अत्यधिक क्रियाशील होते हैं। इसीलिए ये तत्व प्रकृति में मुक्त अवस्था में नहीं पाए जाते। सामान्यतः s-समूह के तत्व प्रकृति में हैलाइड, कार्बोनेट तथा सल्फेट के रूप में पाए जाते हैं। ये धातुएँ इनके गलित हैलाइडों से वैद्युत-अपघटनी अपचयन द्वारा प्राप्त की जाती हैं।
अभिकथन : क्षारीय मृदा धातुओं का गलनांक तथा क्वथनांक क्षार धातुओं की तुलना में कहीं अधिक होता है।
कारण : क्षारीय मृदा धातु का गलनांक तथा क्वथनांक नियमित रूप से परिवर्तित नहीं होता।
(B)। क्षारीय मृदा धातुओं के परमाणु/आयन संगत क्षार धातुओं की तुलना में छोटे होते हैं। ये परमाणु/आयन अपने जालकों में अधिक निकटता से संकुलित होते हैं। क्षारीय मृदा धातुओं में दो संयोजी इलेक्ट्रॉन होते हैं जबकि क्षार धातुओं में केवल एक। अधिक संयोजी इलेक्ट्रॉनों के कारण क्षारीय मृदा धातुओं में प्रबल अंतर-परमाण्विक अन्योन्यक्रियाएँ होती हैं। परिणामस्वरूप, क्षारीय मृदा धातुओं का गलनांक तथा क्वथनांक क्षार धातुओं से अधिक होता है।
अभिकथन : क्षारीय मृदा धातुओं की आयनन एन्थैल्पी काफी कम होती है।
कारण : सामान्यतः, क्षारीय मृदा धातुओं की कम आयनन एन्थैल्पी उनके परमाणुओं के बड़े आकार के कारण होती है।
(A)। क्षार धातुओं में केवल एक संयोजी इलेक्ट्रॉन होता है, जबकि क्षारीय मृदा धातुओं में दो संयोजी इलेक्ट्रॉन होते हैं। क्षार धातु के परमाणु से एकमात्र सबसे बाहरी इलेक्ट्रॉन निकालने के बाद बना आयन निकटतम उत्कृष्ट गैस का स्थायी विन्यास प्राप्त कर लेता है। अतः क्षार धातु के एकल-धनायन से एक और इलेक्ट्रॉन निकालने के लिए बहुत अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होगी।
सांद्र नाइट्रिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करने पर Be और Al दोनों निष्क्रिय (passive) हो जाते हैं, इसका कारण है:
Be तथा Al दोनों अपनी सतह पर एक अक्रिय, अविलेय तथा अपारगम्य ऑक्साइड परत बनने के कारण निष्क्रिय हो जाते हैं।
निम्नलिखित में से कौन अक्रिय युग्म प्रभाव (inert pair effect) नहीं दर्शाता
d उपकोश उपलब्ध न होने के कारण Al अक्रिय युग्म प्रभाव नहीं दर्शाता।
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