$Ni ^{2+} $ की $Cl^-,CN^- and H_2O $ के साथ अभिक्रिया से बने संकुलों की ज्यामितीय आकृतियाँ क्रमशः हैं
$Ni^{2+}$ के साथ संकुल निर्माण लिगेंडों की प्रकृति पर निर्भर करता है। क्लोराइड आयन ($Cl^-$) सामान्यतः $Ni^{2+}$ के साथ चतुष्फलकीय संकुल बनाते हैं। सायनाइड आयन ($CN^-$) प्रबल क्षेत्र प्रभाव के कारण वर्ग समतलीय संकुल बनाते हैं। जल ($H_2O$) अष्टफलकीय संकुल बनाता है क्योंकि वह दुर्बल क्षेत्र लिगेंड है। अतः संकुलों $[NiCl_4]^{2-}$, $[Ni(CN)_4]^{2-}$ तथा $[Ni(H_2O)_6]^{2+}$ के लिए सही ज्यामितीय आकृतियाँ क्रमशः चतुष्फलकीय, वर्ग समतलीय तथा अष्टफलकीय हैं।