रसायन विज्ञान (Chemistry) NEET प्रश्न हिंदी में — उत्तर सहित MCQ अभ्यास

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सोडियम ऑक्साइड(pH1), सोडियम सल्फाइड (pH2), सोडियम सेलेनाइड (pH3) तथा सोडियम टेल्यूराइड (pH4) के समममोलर विलयनों के pH के बीच सही संबंध क्या है ?

[2005]


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Explanation

(d) सोडियम ऑक्साइड(pH1), सोडियम सल्फाइड(pH2), सोडियम सेलेनाइड (pH3) तथा सोडियम टेल्यूराइड (pH4) के समममोलर विलयन के pH का सही क्रम pH1 > pH2 > pH3 > pH4 है क्योंकि जलीय विलयन में इनका जल-अपघटन इस प्रकार होता है।

Na2O + 2H2O        2NaOH + H2O

  क्षार

Na2S + 2H2O              2NaOH    +    H2S

  प्रबल क्षार  दुर्बल अम्ल

Na2Se + 2H2O            2NaOH   +   H2Se

  प्रबल क्षार  दुर्बल अम्ल

Na2Te + 2H2O            2NaOH   +   H2Te

  प्रबल क्षार  दुर्बल अम्ल

अम्लीय सामर्थ्य का क्रम H2Te > H2Se > H2S > H2O 

अतः NaOH के H2O, H2S, H2Se > H2Te के साथ उदासीनीकरण के कारण इनके जलीय विलयनों में क्षारीय गुण का निम्न क्रम होता है। 

Na2O > Na2S > Na2Se > Na2Te 

(क्षारीय विलयन का pH अम्लीय या न्यूनतम क्षारीय विलयन से अधिक होता है)

किसी उत्क्रमणीय अभिक्रिया के लिए, यदि अभिकारकों की सांद्रता दोगुनी कर दी जाए, तो साम्य स्थिरांक होगा [2000]

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(d) एक काल्पनिक परिवर्तन पर विचार कीजिए, 

     A + B C + D

  Keq =[C][D]/[A][B]

उपरोक्त अभिक्रिया के लिए यदि अभिकारकों की सांद्रता दोगुनी कर दी जाए तो अग्र अभिक्रिया की दर थोड़े समय के लिए बढ़ जाती है परंतु कुछ समय बाद साम्य स्थापित हो जाएगा। अतः सांद्रता का साम्य स्थिरांक पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। अभिकारकों की सांद्रता बढ़ाने के बाद भी यह अपरिवर्तित रहता है।

एक बफर विलयन बनाया गया जिसमें NH3 की सांद्रता 0.3 M तथा NH4+ की सांद्रता 0.20 M है। यदि NH3 के लिए साम्य स्थिरांक Kb 1.8x10-5 के बराबर हो, तो इस विलयन का pH क्या है?  (log 2.7 = 0.43) 

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(a) pOH = pKb + log[salt][base]

  = -log Kb + log[salt][base]

  = -log 1.8 x 10-5 + log (0.20/0.30)

  = 5-0.25+(-0.176)

  =4.75-0.176=4.57

  ...  pH =14-4.57

इनमें से किसके लूइस क्षार की भाँति व्यवहार करने की संभावना सबसे कम है? 

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(c) इलेक्ट्रॉन समृद्ध स्पीशीज को लूइस क्षार कहते हैं। दिए गए में से, BF3 एक इलेक्ट्रॉन न्यून स्पीशीज है, इसलिए इसमें इलेक्ट्रॉन दान करने के बजाय ग्रहण करने की क्षमता होती है। यही कारण है कि इसके लूइस क्षार की भाँति व्यवहार करने की संभावना सबसे कम है। यह एक लूइस अम्ल है।

25°C पर उस विलयन का pOH परिकलित कीजिए जिसमें 1x10-10 M हाइड्रोनियम आयन है। 

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(b) [H3O]+ = [H+] = 10-10

  pH + pOH = 14 

  pH = -log[H+]

  pH = -log[10-10]

  pH =10

  pOH +10=14

  pOH=14-10=4

MX2 प्रकार के विद्युत्-अपघट्यों की विलेयता 0.5x10-4 mol/L है, तो विद्युत्-अपघट्यों का Ksp ज्ञात कीजिए। 

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(d)  MX2    M2+   +   2X-

विलेयता 0.5 x 10-4 M  0.5 x10-4 M    2 x 0.5 x 10-4 M

  (100 % आयनन पर)

  ... MX2 का Ksp = [M2+][X-]2

  = (0.5x10-4)(1.0x10-4)2

  =0.5x10-12 =5x10-13

298 K पर अमोनियम हाइड्रॉक्साइड का आयनन स्थिरांक 1.77 x 10-5 है। अमोनियम क्लोराइड का जल-अपघटन स्थिरांक है

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(a) दिया है Ka (NH4OH) = 1.77 x 10-5

  NH4OH  NH4+ + OH-

  Ka[NH4+][OH-][NH4OH] = 1.77 x 10-5  ..... (i)

  NH4Cl का जल-अपघटन इस प्रकार होता है

    NH4Cl + H2NH4OH + HCl

अथवा NH4+ + H2 NH4OH + H+

   जल-अपघटन स्थिरांक Kh[NH4OH][H+][NH4+]  .......(ii)

अथवा Kh[NH4OH][H+][OH-][NH4+][OH-]  ..........(iii)

    समी. (i) तथा (iii) से

    Kh = Kw/K[H+][OH-] = Kw]

  Kh = 10-14/1.77 x 10-5 = 5.65 x 10-10

एक चिकित्सक pH=3.58 पर ऐसा बफर विलयन बनाना चाहता है जो pH में परिवर्तन का प्रभावी रूप से प्रतिरोध करे फिर भी उसमें बफरकारी अभिकर्मकों की केवल अल्प सांद्रता हो। निम्नलिखित में से कौन-सा दुर्बल अम्ल अपने सोडियम लवण के साथ प्रयोग करना सर्वोत्तम होगा ?  [1997]

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(d) हेंडरसन समीकरण के उपयोग से

                    pH = pKa + log10 [salt]acidWhen,          salt = acid                     pH  =  pKa                     pKa= 3.58, thus at this state                         pH  = 3.58

अतः, ऐसीटोऐसीटिक अम्ल (pKa= 3.58) प्रयोग करना सर्वोत्तम है।

किसी भी द्विक्षारकीय अम्ल, H2X के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा सत्य है? 

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(c) H2H+ + HX- (Ka1)

  HX- H+ + X2-  (Ka2)

प्रथम समीकरण में हाइड्रोजन आयन उदासीन अणु से बनता है जबकि द्वितीय समीकरण में यह ऋणावेशित स्पीशीज से आता है। ऋण आवेश के कारण प्रोटॉन का निष्कासन कठिन होता है।

 अतः,  Ka1Ka2

 

एक मोल एथिल ऐल्कोहॉल को 25°C पर एक मोल ऐसीटिक अम्ल के साथ अभिकृत किया गया। साम्य पर अम्ल का 2/3 भाग एस्टर में बदल जाता है। अभिक्रिया के लिए साम्य स्थिरांक होगा:

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(d)  CH3COOH + C2H5OH CH3COOC2H5  + H2O

  1  1  0  0

  (1-2/3)  (1-2/3)  2/3  2/3

  ... Kc = (2/3 x2/3)/(1/3 x 1/3) =4

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