B- तथा H B की समान सांद्रता वाले एक बफर विलयन में, B- के लिए Kb 10-10 है। बफर विलयन का pH है [2010]
(d) मुख्य विचार (i) क्षारीय बफर के लिए,
रसायन विज्ञान (Chemistry) के NEET बहुविकल्पीय प्रश्न हिंदी में मुफ़्त हल करें — तुरंत सही उत्तर और विस्तृत व्याख्या के साथ। लॉगिन की आवश्यकता नहीं।
B- तथा H B की समान सांद्रता वाले एक बफर विलयन में, B- के लिए Kb 10-10 है। बफर विलयन का pH है [2010]
(d) मुख्य विचार (i) क्षारीय बफर के लिए,
ताप T पर, एक यौगिक AB2 (g) अभिक्रिया 2AB22AB(g) +B2(g) के अनुसार वियोजित होता है जिसकी वियोजन मात्रा x है, जो इकाई की तुलना में बहुत छोटी है। x तथा कुल दाब P के पदों में Kp के लिए व्यंजक है:
(a) 2AB22AB(g) +B2(g)
प्रारंभ 1 0 0
साम्य 1-x x x/2
... Kp =
x छोटा होने के कारण ... 1-x 1 तथा 1+ x/2 1
... Kp = x3.P/2
एस्टर के जल-अपघटन की अग्र तथा पश्च अभिक्रिया के वेग स्थिरांक 1.1 x10-2 तथा 1.5x10-3 प्रति मिनट हैं। अभिक्रिया,
CH3COOC2H5 + H+ CH3COOH + C2H5OH के लिए साम्य स्थिरांक है
(d) साम्य स्थिरांक, K=kf/kb
= अग्र वेग स्थिरांक/ पश्च वेग स्थिरांक
= 1.1x10-2/1.5x10-3
= 11/1.5 = 7.33
अभिक्रियाओं,
A B; Kc = 2
B C; Kc = 4
C D; Kc = 6
के लिए, अभिक्रिया A D का Kc है:
(d) 2=[B]/[A]; 4=[C]/[B] तथा 6=[D]/[C]
अतः, गुणा करने पर
2x4x6 = [D]/[A], अर्थात्, अभिक्रिया के लिए Kc।
निकाय, CaF2(s) Ca2+ (aq) + 2F-(aq) में, Ca2+ आयनों की सांद्रता 4 गुनी बढ़ाने पर F- आयनों की साम्य सांद्रता बदलकर हो जाएगी:
(b) Kc = [Ca2+][F-]2 ;
यदि [Ca2+] = 4x[Ca2+];
Kc को स्थिर रखने के लिए [F-] को [F-]/2 होना चाहिए।
KMnO4 को K2MnO4 से इस अभिक्रिया के अनुसार बनाया जा सकता है,
OH- आयनों को हटाकर अभिक्रिया को पूर्णता तक पहुँचाया जा सकता है, इसके लिए मिलाते हैं
(c) चूँकि OH- दुर्बल अम्ल (H2O) से उत्पन्न होते हैं, इन्हें हटाने के लिए दुर्बल अम्ल (जैसे CO2) का उपयोग करना चाहिए क्योंकि प्रबल अम्ल (HCl) अभिक्रिया को उत्क्रमित कर देता है। KOH, OH- की सांद्रता बढ़ाता है, अतः अभिक्रिया को पुनः पश्च दिशा में विस्थापित करता है। CO2 OH- से संयोग करके कार्बोनेट देता है जो सरलता से हट जाता है। SO2 जल से क्रिया करके प्रबल अम्ल देता है, इसलिए इसका उपयोग नहीं किया जा सकता।
अभिक्रिया का वेग निर्भर करता है
(d) द्रव्यमान अनुपाती नियम के अनुसार, किसी अभिक्रिया का वेग अभिकारकों के सक्रिय द्रव्यमानों या मोलर सांद्रताओं के गुणनफल के समानुपाती होता है।
A+Bउत्पाद
अभिक्रिया का वेग [A][B]
निम्नलिखित में से किसमें AgCl की विलेयता न्यूनतम होगी?
(c) 0.1 M NaCl में, समआयन प्रभाव की परिघटना के कारण AgCl की विलेयता न्यूनतम होती है।
निम्नलिखित में से कौन-सा लवण जल में उच्चतम pH देगा?
(c) उच्चतम pH उस क्षारीय विलयन को दर्शाता है जिसमें OH- आयन हों। अतः वह क्षारीय लवण जो जल-अपघटन पर अधिक OH- आयन मुक्त करेगा, जल में उच्चतम pH देगा।
केवल प्रबल क्षार तथा दुर्बल अम्ल का लवण ही जल-अपघटन पर अधिक OH- आयन मुक्त करेगा। दिए गए लवणों में, Na2CO3 क्षारीय लवण है क्योंकि यह NaOH [प्रबल क्षार] तथा H2CO3 [दुर्बल अम्ल] के उदासीनीकरण से बनता है।
C + H2O HC + OH-
किस लवण के जलीय विलयन का pH न्यूनतम है?
(b) NH4Cl, के जल-अपघटन के कारण अम्लीय होता है;
+ H2O NH4OH +H+ ; pH <7.
Ready to ace NEET?
Free access · No credit card required
हाँ। इस पेज के हर Chemistry प्रश्न को बिना लॉगिन किए मुफ़्त हल किया जा सकता है, और सही उत्तर व विस्तृत व्याख्या तुरंत देखी जा सकती है।
नहीं। प्रश्न हल करने और उत्तर देखने के लिए किसी खाते की आवश्यकता नहीं है। मुफ़्त खाता बुकमार्क, निजी नोट्स और प्रगति ट्रैकिंग जोड़ देता है।
इस प्रश्न बैंक में NEET के पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) और अभ्यास प्रश्न दोनों शामिल हैं — जहाँ लागू हो, हर प्रश्न पर उसका परीक्षा वर्ष अंकित है।