कोलराउश का नियम कहता है कि
(d) कोलराउश के नियम के अनुसार "अनंत तनुता पर जब वियोजन पूर्ण होता है, तो प्रत्येक आयन विद्युत्-अपघट्य की तुल्यांकी चालकता में निश्चित योगदान देता है, चाहे वह जिस अन्य आयन से संबद्ध हो उसकी प्रकृति कुछ भी हो
अथवा
अनंत तनुता पर किसी विद्युत्-अपघट्य की तुल्यांकी चालकता धनायनों तथा ऋणायन की तुल्यांकी चालकताओं का योग होती है।