रसायन विज्ञान (Chemistry) NEET प्रश्न हिंदी में — उत्तर सहित MCQ अभ्यास

रसायन विज्ञान (Chemistry) के NEET बहुविकल्पीय प्रश्न हिंदी में मुफ़्त हल करें — तुरंत सही उत्तर और विस्तृत व्याख्या के साथ। लॉगिन की आवश्यकता नहीं।

सभी Physics Chemistry Botany Zoology
भाषा English हिंदी
Register free for difficulty & keyword filters

कोलराउश का नियम कहता है कि

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(d) कोलराउश के नियम के अनुसार "अनंत तनुता पर जब वियोजन पूर्ण होता है, तो प्रत्येक आयन विद्युत्-अपघट्य की तुल्यांकी चालकता में निश्चित योगदान देता है, चाहे वह जिस अन्य आयन से संबद्ध हो उसकी प्रकृति कुछ भी हो

    अथवा

अनंत तनुता पर किसी विद्युत्-अपघट्य की तुल्यांकी चालकता धनायनों तथा ऋणायन की तुल्यांकी चालकताओं का योग होती है।

एक दुर्बल अम्ल (HX) का 0.5 मोलल जलीय विलयन 20% आयनित है। यदि Kf जल के लिए 1.86 K kg mol-1 हो, तो विलयन के हिमांक में अवनमन है:

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

HX H+ + X-

1  0  0

1-α  α  α  (साम्यावस्था पर)

α = 20% वियोजन

अर्थात्, α = 0.2

i = 1-α+α+α

=1+α=1+0.2=1.2

Tf =i x Kf x m

= 1.2 x 1.86K kg mol-1 x 0.5

= 1.12 K

 

 10 g प्रति dm3 यूरिया (आण्विक द्रव्यमान = 60 g mol-1) युक्त एक विलयन किसी अवाष्पशील विलेय के 5% विलयन के साथ समपरासरी है। इस अवाष्पशील विलेय का आण्विक द्रव्यमान है:

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

10 g प्रति dm3 यूरिया किसी अवाष्पशील विलेय के 5% विलयन के साथ समपरासरी है। अतः इन विलयनों के बीच परासरण संभव नहीं है, इसलिए इनकी मोलर सांद्रताएँ एक-दूसरे के बराबर हैं,

अतः यूरिया विलयन की मोलर सांद्रता = (10 g/dm3)/यूरिया का अणुभार = 10/60 M = 1/6 M

5% अवाष्पशील विलेय की मोलर सांद्रता = (50 g/dm3)/अवाष्पशील विलेय का अणुभार = 50/m M

दोनों विलयन एक-दूसरे के समपरासरी हैं, अतः

 1/6 = 50/m

अथवा m = 50 x 6 = 300 g mol-1

एथेनॉल में ऐसीटोन का विलयन:

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(b) एथेनॉल में ऐसीटोन का विलयन राउल्ट के नियम से धनात्मक विचलन दर्शाता है, क्योंकि इन दोनों द्रवों की ध्रुवता तथा हाइड्रोकार्बन शृंखला की लंबाई में अंतर होने पर भी वे मिश्रणीय हैं।

परासरण के दौरान, अर्धपारगम्य झिल्ली से होकर जल का प्रवाह होता है :

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

परासरण के दौरान, अर्धपारगम्य झिल्ली से होकर जल का प्रवाह केवल कम सांद्रता वाले विलयन से होता है। 

तीन विलयन बनाए जाते हैं: 'A' के 'w' gm को 1kg जल में, '13' के gm को दूसरे 1 kg जल में तथा 'C' के 'w' gm को अन्य 1 kg जल में मिलाकर (A, B, C अविद्युत्-अपघट्य हैं)। इन विलयनों में क्रमशः (A → B → C) शुष्क वायु प्रवाहित की जाती है। विलयन A का भार 2gm घटा पाया गया जबकि विलयन B का भार 0.5 gm बढ़ा तथा विलयन C का 1 gm घटा। तब A, B तथा C के मोलर द्रव्यमानों के बीच संबंध है :

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

भार में हानि उस विलयन के ऊपर के वाष्प दाब के समानुपाती होनी चाहिए:

अतः, PSA 2gm

PSB 1.5gm

PSC 2.5gm

अतः अधिकतम वाष्प दाब C विलयन के ऊपर है, इसलिए इसमें अवनमन न्यूनतम है तथा अतः मोल प्रभाज न्यूनतम है (अर्थात् विलेय के मोलों की संख्या न्यूनतम है)। अतः पदार्थ का मोलर द्रव्यमान अधिकतम है।

टॉलूईन की मोलर वाष्पन ऊष्मा AHv है। यदि 315 K पर इसका वाष्प दाब 60 torr तथा 356K पर 300 torr हो, तो AHv = ? (log 2 = 0.3)

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

मोलर वाष्पन ऊष्मा (ΔHv) की गणना क्लॉसियस-क्लैपेरॉन समीकरण से की जा सकती है: ln(P2/P1) = -(ΔHv/R) * ((1/T2) - (1/T1))। दिए गए मान रखने पर तथा log(5) = 0.3 * log(2) का उपयोग करने पर प्राप्त होता है: ΔHv = (8.314 * 0.3 * (356 - 315)) / (1/356 - 1/315) = 37.5 kJ/mol।

2 मोल [Cu(NH3)3Cl) Cl तथा 3 मोल H2O युक्त एक जलीय विलयन के वाष्प दाब में आपेक्षिक कमी 0.50 है। AgNO3 के साथ अभिक्रिया पर यह विलयन बनाएगा (AgNO3 मिलाने पर पदार्थ के आयनन की मात्रा में कोई परिवर्तन न मानते हुए)

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

ΔPP Xsolute= i ×25=12

अतः, i = 1.25

⇒ अतः वियोजन की मात्रा = 14

अतः, Cl आयनों के मोल 2 × 14= 12मोल

अतः, AgCl अवक्षेप के मोल = 12मोल = 0.5 mol AgCl

निम्नलिखित में से किसे घटते हुए हिमांक के क्रम में व्यवस्थित किया गया है?

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

उच्च हिमांक ⇒ कम ΔTf

⇒ कम मोललता

⇒ कणों की कम संख्या

द्रवों A तथा B का एक आदर्श मिश्रण, जिसमें A के 2 मोल तथा B के 2 मोल हैं, किसी निश्चित ताप पर 1 atm कुल वाष्प दाब रखता है। एक अन्य मिश्रण जिसमें A का 1 मोल तथा B के 3 मोल हैं, का वाष्प दाब 1 atm से अधिक है। परंतु यदि दूसरे मिश्रण में C के 4 मोल मिला दिए जाएँ, तो वाष्प दाब घटकर 1 atm हो जाता है। C का वाष्प दाब, Pc° = 0.8 atm है। शुद्ध A तथा शुद्ध B के वाष्प दाब ज्ञात कीजिए।

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

PA02+PB02= 1 atm PA° + PB° = 2 atm

PA04+3PB04 > 1 atmrArrPA° + 3PB° > 4 atm

तथा PA08+3PB08 + 4PC08 = 1 atmrArrPA° + 3PB° + 4P C° = 8 atm

अतः PA° + 3PB° = (8 – 4 × 0.8 ) atm = 4.8 atm 

अतः PB° = 1.4 atm

PB° = 0.6 atm

Ready to ace NEET?

Free access · No credit card required

Frequently Asked Questions

हाँ। इस पेज के हर Chemistry प्रश्न को बिना लॉगिन किए मुफ़्त हल किया जा सकता है, और सही उत्तर व विस्तृत व्याख्या तुरंत देखी जा सकती है।

नहीं। प्रश्न हल करने और उत्तर देखने के लिए किसी खाते की आवश्यकता नहीं है। मुफ़्त खाता बुकमार्क, निजी नोट्स और प्रगति ट्रैकिंग जोड़ देता है।

इस प्रश्न बैंक में NEET के पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) और अभ्यास प्रश्न दोनों शामिल हैं — जहाँ लागू हो, हर प्रश्न पर उसका परीक्षा वर्ष अंकित है।