लेड संचायक सेल के निरावेशन के दौरान सेल में सल्फ्यूरिक अम्ल का घनत्व-
(B). लेड संचायक सेल के निरावेशन के दौरान सल्फ्यूरिक अम्ल व्यय होता है। इसकी सांद्रता घटती है और इसलिए घनत्व घट जाता है।
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लेड संचायक सेल के निरावेशन के दौरान सेल में सल्फ्यूरिक अम्ल का घनत्व-
(B). लेड संचायक सेल के निरावेशन के दौरान सल्फ्यूरिक अम्ल व्यय होता है। इसकी सांद्रता घटती है और इसलिए घनत्व घट जाता है।
के मानक इलेक्ट्रोड विभव (अपचयन) क्रमशः पर हैं। अभिक्रिया का मानक EMF
(A). दी गई अभिक्रिया के लिए
0.01 M KCl विलयन की विशिष्ट चालकता x है। जब चालकता सेल में 0.01 M KCl भरा जाता है तो प्रेक्षित चालकता y होती है। जब उसी सेल में 0.01 M भरा जाता है तो प्रेक्षित चालकता थी अतः 0.01 M की विशिष्ट चालकता है-
C). सेल स्थिरांक
की विशिष्ट चालकता
= प्रेक्षित चालकता सेल स्थिरांक
गैस किसी भी लवण के विद्युत्-अपघटन द्वारा प्राप्त नहीं की जा सकती क्योंकि-
(B). चूँकि फ्लुओरीन प्रबलतम ऑक्सीकारक है, अतः यह प्रयुक्त इलेक्ट्रोड को नष्ट कर देगी।
298K पर की मानक विरचन मुक्त ऊर्जा है, जबकि आयन तथा हाइड्रॉक्सिल आयनों में इसके आयनन की 80 kJ/mol है। तो 298 K पर निम्नलिखित सेल का वि.वा.बल होगा (F = 96500 C लीजिए]
(A) सेल अभिक्रिया
कैथोड :
ऐनोड :
साथ ही हमारे पास है
अतः सेल अभिक्रिया के लिए
प्रारंभ में 1L प्रत्येक आयन तथा युक्त डेनियल सेल द्वारा प्रदत्त विद्युत् की मात्रा (अर्थात् आवेश) ज्ञात कीजिए, जिसे तब तक चलाया जाता है जब तक इसका विभव घटकर 1V न हो जाए। (दिया है :
(C) ऐनोड पर
कैथोड पर :
सेल अभिक्रिया :
जैसे-जैसे सेल से विद्युत् ली जाती है, की सांद्रता घटती है जबकि की बढ़ती है
यदि x वह मात्रा है की, जो Cu में परिवर्तित होती है जब सेल विभव घटकर 1V हो जाता है, तो
बदलने के लिए इलेक्ट्रॉन आवश्यक हैं, अतः सेल से ली गई आवेश की मात्रा
कुछ अर्ध-सेल अभिक्रियाएँ तथा उनके मानक विभव दिए गए हैं। कौन-सा संयोजन सर्वाधिक विभव वाला सेल देगा।
(B) चूँकि
का ऑक्सीकरण विभव सर्वाधिक है। अतः इन दोनों अर्ध-सेल अभिक्रियाओं वाला सेल अधिकतम विभव देगा।
pH = 0 (HCl) वाले विलयन में एक हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड डुबोया गया है। यदि विलयन में NaOH की तुल्यांकी मात्रा मिला दी जाए तो विभव (अपचयन) कितना बदलेगा।
(C). pH 0 से बदलकर 7 हो जाता है।
1 से बदलकर M हो जाता है।
तदनुसार 0.059 log के अनुसार घटता है
अर्थात् 0.059 × (–7) = – 0.41 वोल्ट।
सिल्वर आयोडाइड का विलेयता गुणनफल है तथा Ag, इलेक्ट्रोड का मानक विभव (अपचयन) + 0.800 वोल्ट है पर। इन आंकड़ों से Ag, AgI/ इलेक्ट्रोड का मानक विभव (अपचयन) है-
(D). विलेयता गुणनफल अभिक्रिया है
दिए गए आंकड़ों से इस सेल अभिक्रिया का EMF ज्ञात करके और उसे से के माध्यम से संबंधित करके, हम प्राप्त कर सकते हैं .
2 ऐम्पियर धारा का उपयोग करके 2 मोल जल के पूर्ण अपघटन के लिए कितना समय आवश्यक है-
(B)
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