प्रथम कोटि की एक अभिक्रिया अभिकारक के डेसिमोलर विलयन से प्रारंभ की गई। 8 मिनट 20 सेकंड बाद उसकी सांद्रता M/100 पाई गई। अभिक्रिया का दर स्थिरांक ज्ञात कीजिए।
(A) यहाँ a= 0.1 M
t=8 मिनट 20 सेकंड=500 सेकंड
प्रथम कोटि की अभिक्रिया में मान रखने पर
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प्रथम कोटि की एक अभिक्रिया अभिकारक के डेसिमोलर विलयन से प्रारंभ की गई। 8 मिनट 20 सेकंड बाद उसकी सांद्रता M/100 पाई गई। अभिक्रिया का दर स्थिरांक ज्ञात कीजिए।
(A) यहाँ a= 0.1 M
t=8 मिनट 20 सेकंड=500 सेकंड
प्रथम कोटि की अभिक्रिया में मान रखने पर
किसी रेडियोऐक्टिव पदार्थ का 87.5% भाग 40 मिनट में विघटित हो जाता है। पदार्थ की अर्ध-आयु क्या है ?
(A) रेडियोऐक्टिव क्षय प्रथम कोटि बलगतिकी का पालन करता है। संबंधित मान रखकर K ज्ञात कीजिए।
गन्ना शर्करा का प्रतिलोमन pH 5 पर शर्करा की किसी भी सांद्रता के लिए 500 मिनट की अर्ध-आयु से होता है। परन्तु यदि pH = 6 हो, तो अर्ध-आयु बदलकर 50 मिनट हो जाती है। शर्करा प्रतिलोमन के लिए दर-नियम व्यंजक इस प्रकार लिखा जा सकता है
(B). चूँकि शर्करा की सांद्रता पर निर्भर नहीं करता, अर्थात् यह शर्करा की सांद्रता के सापेक्ष प्रथम कोटि का है।
गर्म टंगस्टन पर का अपघटन निम्नलिखित आंकड़े देता है :
प्रारंभिक दाब (mm) 65 105 y 185
अर्ध-आयु (s) 290 x 670 820
उसी क्रम में x तथा y के मान क्या हैं ?
(D)
मान लगभग समान हैं।
अभिक्रिया शून्य कोटि की है।
तापीय अपघटन से गुज़रने वाले गैसीय पदार्थ का अर्ध-आयु काल विभिन्न प्रारंभिक दाब 'P' के लिए मापा गया, जिसका परिणाम निम्नलिखित है।
P(mm) 250 300 400 450
(min) 136 112.5 85 75.5
अभिक्रिया की कोटि ज्ञात कीजिए।
(A) जहाँ a प्रारंभिक सांद्रता, दाब अथवा आयतन है
प्रथम तथा द्वितीय आंकड़ों से
n=2, अतः अभिक्रिया द्वितीय कोटि की है।
किसी विशेष अभिक्रिया के दर स्थिरांक की विमाएँ आवृत्ति की हैं। अभिक्रिया की कोटि क्या है ?
(B) प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए K की विमाएँ समय के व्युत्क्रम की होती हैं, अर्थात् एक आवृत्ति।
आयोडोमेथेन की सोडियम एथॉक्साइड के साथ अभिक्रिया इस प्रकार होती है :
Y-अक्ष पर log का, X-अक्ष पर 't' के विरुद्ध आलेख धनात्मक ढाल वाली सरल रेखा देता है। अभिक्रिया की कोटि क्या है ?
(A) द्वितीय कोटि की अभिक्रिया के लिए,
जहाँ ‘a’ तथा ‘b’ अभिकारकों की प्रारंभिक सांद्रताएँ हैं। समाकलन करने पर,
धनात्मक ढाल वाली रेखा=
किसी यौगिक का ऊष्मीय अपघटन प्रथम कोटि का है। यदि यौगिक के एक नमूने का 50 % भाग 120 मिनट में अपघटित हो जाता है, तो यौगिक के 90 % भाग के अपघटित होने में कितना समय लगेगा ?
(A)
किसी प्रथम कोटि की अभिक्रिया का वेग स्थिरांक ताप में प्रति डिग्री वृद्धि पर 11.11% बढ़ता है, जब ताप हो। दिए गए ताप परास में सक्रियण ऊर्जा को स्थिर मानते हुए, 127o C पर यह कितने % बढ़ेगा ?
(C)
के रेडियोऐक्टिव क्षय की अर्ध-आयु 5730 वर्ष है। लकड़ी युक्त एक पुरातात्विक कलाकृति में जीवित वृक्ष में पाए जाने वाले का केवल 80% ही था। नमूने की आयु का अनुमान लगाइए। [रेडियोऐक्टिव क्षय प्रथम कोटि की बलगतिकी का पालन करते हैं]
(B)
यदि जीवित वृक्ष में प्रारंभिक सक्रियता a है, तो
मृत लकड़ी में सक्रियता,
नाभिकीय / रेडियोऐक्टिव क्षय प्रथम कोटि की
बलगतिकी का पालन करते हैं। अतः,
इसलिए,
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