भूरे वलय संकुल का चुंबकीय आघूर्ण (केवल चक्रण) तथा संकरण क्या है ?
(c) अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या =3
संकरण का प्रकार =
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भूरे वलय संकुल का चुंबकीय आघूर्ण (केवल चक्रण) तथा संकरण क्या है ?
(c) अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या =3
संकरण का प्रकार =
गलत स्थायित्व क्रम चुनिए :
(b) बढ़ता स्थायित्व क्रम :
(a)
इनकी निर्माण एन्ट्रॉपी इसी क्रम में बढ़ती है, क्योंकि लिगेंड की दंतुकता बढ़ती है
(b)
अधिक प्रबल लिगेंड है की तुलना में
(c)
मान बढ़ता है से
(d)
Cr परमाणु की ऑक्सीकरण अवस्था +1 से +3 तक बढ़ती है
संकुल के विषय में निम्नलिखित में से कौन-सा सत्य है ?
; Pt की ऑक्सीकरण अवस्था +2;
संयोजी विन्यास =
संकुल प्रतिचुंबकीय है तथा ज्यामितीय समावयवता दर्शाता है।
संकुल यौगिक होगा:
(c) संकुल के धनायनी भाग के कारण यह हरा है, क्योंकि कक्षकों में तीन अयुग्मित इलेक्ट्रॉन हैं — धनायन के; धनायनी तथा ऋणायनी दोनों भाग संकुल आयन हैं, अतः यह उपसहसंयोजन समावयवता दर्शाएगा।
टाइटेनियम क्लोराइड के जलीय विलयन का चुंबकीय मापन करने पर चुंबकीय आघूर्ण शून्य मापा गया। जलीय विलयन में अष्टफलकीय संकुल मानते हुए संकुल का सूत्र है :
(b)
उपसहसंयोजन संख्याअष्टफलकीय संकुल
Ti +4 ऑक्सीकरण अवस्था में है अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या
चुंबकीय आघूर्ण = 0 B.M.
निम्नलिखित में से संकुलों का कौन-सा युग्म परस्पर समावयवी है परन्तु उनके जलीय विलयन भिन्न मोलर चालकताएँ दर्शाते हैं?
(d) ; कुल आवेश = 4
; कुल आवेश = 2
अतः दोनों की मोलर चालकताएँ भिन्न हैं।
दो यौगिक पेन्टाऐम्मीनसल्फेटोकोबाल्ट (III) ब्रोमाइड तथा पेन्टाऐम्मीनसल्फेटोकोबाल्ट (III) क्लोराइड निरूपित करते हैं :
(d) संकुल परस्पर किसी प्रकार के समावयवी नहीं हैं।
संकुल के विषय में सही कूट चुनिए :
(I) यौगिक का IUPAC नाम पेन्टाऐम्मीननाइट्राइटो-N-क्रोमियम(III) टेट्राक्लोरोज़िंकेट(II) है
(II) यह ज्यामितीय समावयवता दर्शाता है
(III) यह बंधनी समावयवता दर्शाता है
(IV) यह उपसहसंयोजन समावयवता दर्शाता है
(b) (I) IUPAC नाम पेन्टाऐम्मीननाइट्राइटो-N-क्रोमियम(III) टेट्राक्लोरोज़िंकेट(II) है
(II) यह ज्यामितीय समावयवता नहीं दर्शाता
(III) उभयदंतुक लिगेंड की उपस्थिति के कारण यह बंधनी समावयवता दर्शाता है
(IV) इसके उपसहसंयोजन समावयवी हैं :
धातु कार्बोनिलों की समइलेक्ट्रॉनी श्रेणी में CO बंध प्रबलता के बढ़ने का अपेक्षित क्रम है:
(b) CO बंध प्रबलता सहक्रियात्मक आबंधन में सम्मिलित पश्च दान की मात्रा के व्युत्क्रमानुपाती है, अर्थात्
धातु कार्बोनिलों के विषय में कौन सत्य नहीं है?
(d) CO को -अम्ल लिगेंड कहते हैं। धातु कार्बोनिल संकुलों में कार्बन से धातु के रिक्त कक्षक को एक इलेक्ट्रॉन युग्म का दान होता है और साथ ही एक पश्च -आबंधन बनता है, जो धातु के भरे कक्षक के CO के रिक्त प्रतिआबंधी कक्षक के साथ पार्श्व अतिव्यापन से बनता है
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