SN2 क्रियाविधि R-X + KOH (aq) R-OH + KX के लिए होती है, जिसमें होता है:
(a) SN2 क्रियाविधि में सदैव 100% प्रतिलोमन होता है, क्योंकि नाभिकस्नेही त्यागी समूह की पिछली ओर से आक्रमण करता है।
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SN2 क्रियाविधि R-X + KOH (aq) R-OH + KX के लिए होती है, जिसमें होता है:
(a) SN2 क्रियाविधि में सदैव 100% प्रतिलोमन होता है, क्योंकि नाभिकस्नेही त्यागी समूह की पिछली ओर से आक्रमण करता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा विलोपन अभिक्रिया का उदाहरण है?
कीटोन से सायनोहाइड्रिन का बनना किसका उदाहरण है:
कीटोन से सायनोहाइड्रिन का बनना नाभिकस्नेही योगात्मक अभिक्रिया का उदाहरण है। इस अभिक्रिया में सायनाइड आयन (CNâ») नाभिकस्नेही की भाँति कार्य करता है तथा कीटोन के इलेक्ट्रॉनस्नेही कार्बोनिल कार्बन पर आक्रमण करके सायनोहाइड्रिन उत्पाद बनाता है।
यदि X हैलोजन है, तो SN2 क्रियाशीलता का सही क्रम है:
(c) तृतीयक हैलाइडों में त्रिविम बाधा के कारण SN2 हेतु क्रियाशीलता कम हो जाती है।
काइरल केंद्रों पर SN1 अभिक्रिया में होता है
(b) SN1 अभिक्रिया में प्रतिधारण उत्पाद की अपेक्षा प्रतिलोमन उत्पाद कुछ अधिक बनता है, क्योंकि SN1 अभिक्रिया क्रियाशील कार्बन की अग्र ओर के परिरक्षण प्रभाव पर भी निर्भर करती है।
नीचे कुछ ऐरोमैटिक यौगिकों की सूची दी गई है। नीचे दिए गए उत्तर कोडों की सहायता से इलेक्ट्रॉनस्नेही ऐरोमैटिक प्रतिस्थापन अभिक्रिया हेतु क्रियाशीलता के घटते क्रम का सही अनुक्रम चुनिए:
a.
b.
c.
d.
उत्तर कोड :
OH युक्त वलय अधिक इलेक्ट्रॉन-समृद्ध होती है, क्योंकि OH एक +R समूह है।
इसके बाद CH3 समूह, क्योंकि यह +I प्रभाव द्वारा इलेक्ट्रॉन-दाता समूह है
इसके बाद CHO तथा फिर NO2, क्योंकि CHO, NO2 की अपेक्षा कम इलेक्ट्रॉन-आकर्षी समूह है।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
a. समूह अतिसंयुग्मन के कारण o, p-निर्देशी समूह है।
b. प्रतिलोम अतिसंयुग्मन के कारण मेटा-निर्देशी समूह है।
c. समूह मेसोमेरिक प्रभाव के कारण मेटा-निर्देशी समूह है।
d. CHO समूह m-निर्देशी समूह है
इन कथनों में से :
निम्नलिखित यौगिकों में से किसका pH मान न्यूनतम है?
दिए गए विकल्पों में 1-ब्यूटाइन का pH मान न्यूनतम है, क्योंकि sp-संकरित कार्बन परमाणु के अधिक s-लक्षण के कारण त्रिबंध, द्विबंध तथा एकल बंध की अपेक्षा अधिक अम्लीय होता है, जिससे हाइड्रोजन अधिक अम्लीय हो जाता है।
दी गई अभिक्रिया में,
[X] होगा
किन यौगिकों में योगात्मक अभिक्रिया प्रति-मार्कोनीकॉफ नियम के अनुसार होगी?
(i)
(ii)
(iii)
(iv)
नीचे दिए गए कोडों में से सही उत्तर चुनिए:
कोड:
निम्नलिखित संरचना वाला ऐल्कीन प्रति-मार्कोनीकॉफ योग देता है जहाँ Z एक प्रबल -I समूह है।
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