निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
(i) इलेक्ट्रॉनस्नेही योगात्मक अभिक्रिया हेतु ऐल्कीन, ऐल्काइन की अपेक्षा अधिक क्रियाशील है।
(ii) ऐल्काइन नाभिकस्नेही तथा इलेक्ट्रॉनस्नेही दोनों प्रकार की योगात्मक अभिक्रिया देता है।
(iii) नाभिकस्नेही योगात्मक अभिक्रिया हेतु ऐल्काइन, ऐल्कीन की अपेक्षा अधिक क्रियाशील है।
(iv) इलेक्ट्रॉनस्नेही योगात्मक अभिक्रिया हेतु ऐल्काइन का अभिक्रिया मध्यवर्ती ऐल्किल कार्बधनायन है।
इनमें से सही कथन हैं: