Biomolecules NEET प्रश्न हिंदी में — जंतु विज्ञान (Zoology) MCQ उत्तर सहित

Biomolecules (Zoology) के NEET बहुविकल्पीय प्रश्न हिंदी में मुफ़्त हल करें — तुरंत सही उत्तर और विस्तृत व्याख्या के साथ। लॉगिन की आवश्यकता नहीं।

सभी Physics Chemistry Botany Zoology
भाषा English हिंदी
Clear Register free for difficulty & keyword filters

सक्सिनिक डिहाइड्रोजिनेज का प्रतिस्पर्धी संदमक है

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(a) सक्सिनिक डिहाइड्रोजिनेज सक्सिनेट को फ्यूमरेट में ऑक्सीकृत करता है। यूकैरियोटों में सक्सिनेट डिहाइड्रोजिनेज आंतरिक माइटोकॉन्ड्रियल झिल्ली से, प्रोकैरियोटों में प्लाज़्मा झिल्ली से दृढ़ता से बंधा होता है। इलेक्ट्रॉन सक्सिनेट से FAD तथा आयरन-सल्फर केंद्रों से होकर माइटोकॉन्ड्रियल आंतरिक झिल्ली में इलेक्ट्रॉन वाहकों की शृंखला में प्रवेश करते हैं। सक्सिनेट का सदृश मैलोनेट, सक्सिनेट डिहाइड्रोजिनेज का प्रबल प्रतिस्पर्धी संदमक है और इसलिए सिट्रिक अम्ल चक्र की सक्रियता को अवरुद्ध करता है।

क्रेब्स चक्र में फ्यूमरेट का मैलेट में उत्क्रमणीय जलयोजन फ्यूमरेज एंजाइम द्वारा उत्प्रेरित होता है।

क्रेब्स चक्र की अंतिम अभिक्रिया में NAD-युग्मित L-मैलेट डिहाइड्रोजिनेज L-मैलेट के ऑक्सैलोऐसीटेट में ऑक्सीकरण को उत्प्रेरित करता है।

क्रेब्स चक्र में आइसोसिट्रेट डिहाइड्रोजिनेज आइसोसिट्रेट के ऑक्सीकारी विकार्बोक्सिलीकरण को उत्प्रेरित करके α-कीटोग्लूटारेट बनाता है, जो अगले चरण में ऑक्सीकारी विकार्बोक्सिलीकरण द्वारा सक्सिनिल Co-A में परिवर्तित होता है।

एंजाइम से बंधा तथा उसकी सक्रियता के लिए आवश्यक कार्बनिक पदार्थ कहलाता है:

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(a) सह-एंजाइम एक कार्बनिक अप्रोटीनी अणु है जो जैव-रासायनिक अभिक्रियाओं को उत्प्रेरित करने में एंजाइम अणु से संबद्ध होता है। यह प्रायः कुछ रासायनिक समूहों को देकर या ग्रहण करके क्रियाधार-एंजाइम अन्योन्यक्रिया में भाग लेता है। होलोएंजाइम एंजाइम अणु तथा उसके सह-कारक से बना सम्मिश्र है। इस अवस्था में एंजाइम उत्प्रेरक रूप से सक्रिय होता है। एपोएंजाइम एक निष्क्रिय एंजाइम है जिसे कार्य करने के लिए एक विशिष्ट सह-कारक अणु से संबद्ध होना पड़ता है। आइसोएंजाइम या आइसोजाइम किसी एंजाइम के उन अनेक रूपों में से एक है जो एक ही अभिक्रिया को उत्प्रेरित करते हैं, परंतु क्रियाधार बंधुता तथा एंजाइम-क्रियाधार अभिक्रिया की अधिकतम दर जैसे गुणों में एक-दूसरे से भिन्न होते हैं।

एंजाइम ऐमाइलेज किस वर्ग से संबंधित है

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(a) ऐमाइलेज एंजाइमों का एक वर्ग है जो स्टार्च को तोड़ते या जल-अपघटित करते हैं। जंतुओं में पाए जाने वाले α-ऐमाइलेज कहलाते हैं जबकि पादपों में पाए जाने वाले β-ऐमाइलेज कहलाते हैं। α-ऐमाइलेज स्टार्च को माल्टोस तथा अन्य उत्पादों में जल-अपघटित करता है और कशेरुकियों की लार तथा आँत में पाया जाता है। β-ऐमाइलेज स्टार्च को माल्टोस में जल-अपघटित करता है, परंतु भिन्न प्रक्रिया द्वारा। अग्न्याशयी ऐमाइलेज ऐमाइलॉप्सिन है। लार ऐमाइलेज टायलिन है।

निम्नलिखित में से कौन एक आवश्यक ऐमीनो अम्ल है?

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(c) आवश्यक ऐमीनो अम्ल वे ऐमीनो अम्ल हैं जिन्हें उच्च कशेरुकियों के आहार में शामिल करना आवश्यक है, क्योंकि ये जीव उन्हें संश्लेषित नहीं कर सकते। मानव आहार में आवश्यक ऐमीनो अम्ल आइसोल्यूसीन, ल्यूसीन, लाइसीन, मेथियोनीन, फेनिलऐलानीन, थ्रियोनीन, ट्रिप्टोफैन तथा वैलीन हैं।

NAD, NADH तथा NADP हैं

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(c) NAD तथा NADP अनेक ऑक्सीडोरिडक्टेज एंजाइमों के सह-एंजाइम हैं। निकोटिनऐमाइड न्यूक्लियोटाइड कोशिकाद्रव्य तथा माइटोकॉन्ड्रिया दोनों में पाए जाने वाले अनेक डिहाइड्रोजिनेज एंजाइमों के सह-एंजाइम के रूप में व्यापक भूमिका निभाते हैं। इसलिए ये कार्बोहाइड्रेट, लिपिड तथा ऐमीनो अम्ल उपापचय को प्रभावित करने वाले अनेक उपापचयी पथों के प्रमुख घटक हैं।

DNA में घटक शर्करा के रूप में डीऑक्सीराइबोस होता है। वह स्थान जहाँ शर्करा में ऑक्सीजन का अभाव होता है

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(b) RNA तथा DNA की पेंटोस शर्करा की संरचना में अंतर यह है कि राइबोस शर्करा में C-2 स्थान पर हाइड्रॉक्सिल समूह होता है, जबकि डीऑक्सीराइबोस शर्करा में OH समूह के स्थान पर एकल H परमाणु होता है।

RNA में दो समीपवर्ती न्यूक्लियोटाइडों को जोड़ने वाला बंधन है

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(b) फॉस्फोडाइएस्टर बंध फॉस्फेट समूह के फॉस्फोरस परमाणु तथा दो अन्य अणुओं के बीच दो एस्टर बंधों के माध्यम से बने प्रबल सहसंयोजक बंधों का समूह है। फॉस्फोडाइएस्टर बंध पृथ्वी पर समस्त जीवन के केंद्र में हैं क्योंकि ये DNA रज्जुकों की रीढ़ बनाते हैं। DNA तथा RNA में फॉस्फोडाइएस्टर बंध राइबोस शर्करा के 3' कार्बन परमाणु तथा 5' कार्बन के बीच का बंधन है।

फॉस्फोडाइएस्टर बंध उपस्थित होता है

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(d) फॉस्फोडाइएस्टर बंध वह सहसंयोजक बंध है जो न्यूक्लिक अम्ल अणु की शर्करा-फॉस्फेट रीढ़ में ऑक्सीजन सेतु के माध्यम से फॉस्फेट समूह तथा शर्करा समूह को जोड़ता है।

गर्म करने से एंजाइम या प्रोटीन का विकृतीकरण मुख्यतः किसे क्षति पहुँचाकर हो सकता है

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(c) विकृतीकरण प्रोटीन या न्यूक्लिक अम्ल में ऐसा संरचनात्मक परिवर्तन उत्पन्न करना है जिसके परिणामस्वरूप उसके जैविक गुण कम या समाप्त हो जाते हैं। विकृतीकरण में न्यूक्लिक अम्लों की द्विकुंडली का खुलना शामिल है, जिसमें द्वितीयक तथा तृतीयक संरचना नष्ट हो जाती है। यह ऊष्मा (तापीय विकृतीकरण), रसायनों तथा pH की चरम सीमाओं के कारण होता है। कच्चे तथा उबले अंडों के बीच का अंतर मुख्यतः विकृतीकरण का परिणाम है।

निम्नलिखित में से कौन-सा गलत है?

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(a) किरैटिन एक अघुलनशील, सल्फर युक्त रेशेदार प्रोटीन है जो बालों तथा नाखूनों में मुख्य संरचनात्मक अणु का कार्य करता है और त्वचा में भी उपस्थित होता है। किरैटिन किरैटिनोसाइट नामक कोशिकाओं द्वारा संश्लेषित होता है और कठोर या मृदु हो सकता है। कठोर किरैटिन बालों तथा नाखूनों में पाया जाता है, मृदु किरैटिन त्वचा की अधिचर्म में चपटी अकेंद्रकी शल्कों के रूप में पाया जाता है जो निरंतर झड़ती रहती हैं। विभिन्न किरैटिनों में मुख्य अंतर उनकी सल्फर मात्रा से उत्पन्न होता है। यदि सिस्टीन डाइसल्फाइड तिर्यक-बंध अनेक हों, तो सींगों, पंजों, खुरों या नाखूनों की तरह बहुत कम लचीलापन होता है। ऊन, त्वचा तथा पेशी प्रोटीनों में डाइसल्फाइड तिर्यक-बंध कम होते हैं, जिससे कुछ खिंचाव संभव होता है, परंतु तनाव हटने पर वे सामान्य स्थिति में लौट आते हैं।

Ready to ace NEET?

Free access · No credit card required

Frequently Asked Questions

हाँ। इस पेज के हर Biomolecules प्रश्न को बिना लॉगिन किए मुफ़्त हल किया जा सकता है, और सही उत्तर व विस्तृत व्याख्या तुरंत देखी जा सकती है।

नहीं। प्रश्न हल करने और उत्तर देखने के लिए किसी खाते की आवश्यकता नहीं है। मुफ़्त खाता बुकमार्क, निजी नोट्स और प्रगति ट्रैकिंग जोड़ देता है।

इस प्रश्न बैंक में NEET के पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) और अभ्यास प्रश्न दोनों शामिल हैं — जहाँ लागू हो, हर प्रश्न पर उसका परीक्षा वर्ष अंकित है।