सक्सिनिक डिहाइड्रोजिनेज का प्रतिस्पर्धी संदमक है
(a) सक्सिनिक डिहाइड्रोजिनेज सक्सिनेट को फ्यूमरेट में ऑक्सीकृत करता है। यूकैरियोटों में सक्सिनेट डिहाइड्रोजिनेज आंतरिक माइटोकॉन्ड्रियल झिल्ली से, प्रोकैरियोटों में प्लाज़्मा झिल्ली से दृढ़ता से बंधा होता है। इलेक्ट्रॉन सक्सिनेट से FAD तथा आयरन-सल्फर केंद्रों से होकर माइटोकॉन्ड्रियल आंतरिक झिल्ली में इलेक्ट्रॉन वाहकों की शृंखला में प्रवेश करते हैं। सक्सिनेट का सदृश मैलोनेट, सक्सिनेट डिहाइड्रोजिनेज का प्रबल प्रतिस्पर्धी संदमक है और इसलिए सिट्रिक अम्ल चक्र की सक्रियता को अवरुद्ध करता है।
क्रेब्स चक्र में फ्यूमरेट का मैलेट में उत्क्रमणीय जलयोजन फ्यूमरेज एंजाइम द्वारा उत्प्रेरित होता है।
क्रेब्स चक्र की अंतिम अभिक्रिया में NAD-युग्मित L-मैलेट डिहाइड्रोजिनेज L-मैलेट के ऑक्सैलोऐसीटेट में ऑक्सीकरण को उत्प्रेरित करता है।
क्रेब्स चक्र में आइसोसिट्रेट डिहाइड्रोजिनेज आइसोसिट्रेट के ऑक्सीकारी विकार्बोक्सिलीकरण को उत्प्रेरित करके -कीटोग्लूटारेट बनाता है, जो अगले चरण में ऑक्सीकारी विकार्बोक्सिलीकरण द्वारा सक्सिनिल Co-A में परिवर्तित होता है।