NEET प्रश्न (MCQ) हिंदी में — उत्तर और विस्तृत हल सहित

NEET के NEET बहुविकल्पीय प्रश्न हिंदी में मुफ़्त हल करें — तुरंत सही उत्तर और विस्तृत व्याख्या के साथ। लॉगिन की आवश्यकता नहीं।

सभी Physics Chemistry Botany Zoology
भाषा English हिंदी
Register free for difficulty & keyword filters
● ● ● ● ●

अभिक्रिया $ x \rightarrow y \triangle$ H = 4 Kcal / mol तथा $\triangle$ S = 10 cal /mol $k^ {-1} $ में, तो किस ताप पर अभिक्रिया स्वतः होगी ?

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

$ \triangle G = \triangle H – T \triangle S $ $ O = 4000 – T \triangle 10 because ( \triangle G = 0) $ T = 400 k अर्थात् 400 k पर, अभिक्रिया साम्यावस्था में होगी। परंतु 400 k से अधिक ताप पर $ \triangle G $ का मान ऋणात्मक होगा। अतः 500 k ताप पर अभिक्रिया स्वतः होगी।

● ● ● ● ●

निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं जब NaCl तथा $K_2Cr_2O_7 $ के मिश्रण को सांद्र $H_2SO_4$ के साथ धीरे-धीरे गर्म किया जाता है। [IIT 1998; CPMT 1988; AMU 1984; MP PMT 2002]

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
● ● ● ● ●

निम्नलिखित में से कौन Fe (II) आयनों के साथ मिलकर भूरा संकुल बनाता है [AIIMS 1982, 87; AFMC 1988; CBSE PMT 2000; Pb. PMT 2000; MP PET 2000, 01]

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

नाइट्रिक ऑक्साइड (NO) Fe(II) आयनों के साथ मिलकर भूरा संकुल बनाता है। अभिक्रिया इस प्रकार है: $$Fe^{2+} + NO ightarrow [Fe(NO)]^{2+}$$ यह संकुल भूरे रंग का होता है।

● ● ● ● ●

किसी लवण के जलीय विलयन को $AgNO_3$ विलयन के साथ अभिकृत करने पर श्वेत अवक्षेप प्राप्त होता है, जो $NH_4OH $ में घुल जाता है । लवण में उपस्थित मूलक है

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

जब क्लोराइड आयन ($Cl^-$) युक्त किसी लवण के जलीय विलयन को सिल्वर नाइट्रेट ($AgNO_3$) के साथ अभिकृत किया जाता है, तो सिल्वर क्लोराइड ($AgCl$) का श्वेत अवक्षेप बनता है। यह श्वेत अवक्षेप अमोनियम हाइड्रॉक्साइड ($NH_4OH$) में घुलकर एक संकुल आयन बनाता है। अभिक्रिया इस प्रकार है:

$Cl^- + AgNO_3 → AgCl (white ppt.) + NO_3^-$

$AgCl + 2NH_4OH → [Ag(NH_3)_2]^+ + Cl^- + 2H_2O$

● ● ● ● ●

जब $CO_2 $ को चूने के पानी में प्रवाहित किया जाता है तो वह दूधिया हो जाता है। जब $CO_2$ की अधिकता प्रवाहित की जाती है, तो दूधियापन समाप्त हो जाता है क्योंकि

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

जब कार्बन डाइऑक्साइड ($CO_2$) को चूने के पानी (कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड, $Ca(OH)_2$ का विलयन) में प्रवाहित किया जाता है, तो कैल्सियम कार्बोनेट ($CaCO_3$) बनता है, जो जल में अविलेय है तथा विलयन को दूधिया बना देता है। रासायनिक अभिक्रिया है:

$Ca(OH)_2 + CO_2 → CaCO_3 (milky) + H_2O$

जब $CO_2$ की अधिकता प्रवाहित की जाती है, तो कैल्सियम कार्बोनेट $CO_2$ तथा जल के साथ अभिक्रिया करके कैल्सियम बाइकार्बोनेट ($Ca(HCO_3)_2$) बनाता है, जो जल में विलेय है, अतः दूधियापन समाप्त हो जाता है। अभिक्रिया है:

$CaCO_3 + CO_2 + H_2O → Ca(HCO_3)_2$

● ● ● ● ●

किसी मिश्रण को सांद्र $H_2SO_4$ के साथ $MnO_2$ सहित गर्म करने पर भूरे धूम बनते हैं, जिसका कारण है

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

जब ब्रोमाइड आयन ($Br^-$) युक्त मिश्रण को सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल ($H_2SO_4$) तथा मैंगनीज़ डाइऑक्साइड ($MnO_2$) के साथ गर्म किया जाता है, तो ब्रोमीन ($Br_2$) के भूरे धूम बनते हैं। अभिक्रिया है:

$2KBr + 2H_2SO_4 + MnO_2 → Br_2 (brown fumes) + MnSO_4 + K_2SO_4 + 2H_2O$

यह दर्शाता है कि भूरे धूम बनने के लिए ब्रोमाइड आयन ($Br^-$) उत्तरदायी है।

● ● ● ● ●

$SO^{ 2–} _4 and Cl ^ – $ हटाने के लिए कौन-सा अभिकर्मक प्रयुक्त होता है [Pb. PMT 2002]

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

लेड(II) नाइट्रेट ($Pb(NO_3)_2$) का उपयोग विलयन से सल्फेट आयन ($SO_4^{2-}$) तथा क्लोराइड आयन ($Cl^-$) हटाने के लिए किया जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि $Pb^{2+}$ आयन $SO_4^{2-}$ तथा $Cl^-$ आयनों के साथ अभिक्रिया करके क्रमशः अविलेय लेड(II) सल्फेट ($PbSO_4$) तथा लेड(II) क्लोराइड ($PbCl_2$) बनाते हैं, जो विलयन से अवक्षेपित हो जाते हैं।

● ● ● ● ●

निम्नलिखित में से कौन अपने जलीय विलयन में HCl मिलाने पर श्वेत अवक्षेप देता है

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

मर्क्यूरस आयन ($Hg^+$) अपने जलीय विलयन में HCl मिलाने पर मर्क्यूरस क्लोराइड (Hg2Cl2) का श्वेत अवक्षेप बनाते हैं:

$$ 2Hg^+ + 2Cl^- ightarrow Hg_2Cl_2 (s) $$

● ● ● ● ●

चतुर्थ समूह के गुणात्मक विश्लेषण में प्रयुक्त अभिकर्मक है

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

चतुर्थ समूह के धनायनों के गुणात्मक विश्लेषण में, प्रयुक्त अभिकर्मक क्षारीय माध्यम में हाइड्रोजन सल्फाइड ($H_2S$) है। यह अभिकर्मक धनायनों को उनके संगत सल्फाइडों के रूप में अवक्षेपित करने में सहायक होता है।

● ● ● ● ●

$ Ba ^ {2+} , Sr ^ {2+} , Ca ^ {2+ } $ तथा के मिश्रण के जलीय विलयन में ऑक्सलेट का विलयन मिलाने पर अवक्षेपित होगा [MP PMT 1985]

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

जब ऑक्सलेट आयन युक्त विलयन को $Ba^{2+}$, $Sr^{2+}$ तथा $Ca^{2+}$ के मिश्रण में मिलाया जाता है, तो तीनों धनायन अपने संगत ऑक्सलेटों के रूप में अवक्षेपित हो जाते हैं: $BaC_2O_4$, $SrC_2O_4$ तथा $CaC_2O_4$।

Ready to ace NEET?

Free access · No credit card required

Frequently Asked Questions

हाँ। इस पेज के हर NEET प्रश्न को बिना लॉगिन किए मुफ़्त हल किया जा सकता है, और सही उत्तर व विस्तृत व्याख्या तुरंत देखी जा सकती है।

नहीं। प्रश्न हल करने और उत्तर देखने के लिए किसी खाते की आवश्यकता नहीं है। मुफ़्त खाता बुकमार्क, निजी नोट्स और प्रगति ट्रैकिंग जोड़ देता है।

इस प्रश्न बैंक में NEET के पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) और अभ्यास प्रश्न दोनों शामिल हैं — जहाँ लागू हो, हर प्रश्न पर उसका परीक्षा वर्ष अंकित है।