NEET प्रश्न (MCQ) हिंदी में — उत्तर और विस्तृत हल सहित

NEET के NEET बहुविकल्पीय प्रश्न हिंदी में मुफ़्त हल करें — तुरंत सही उत्तर और विस्तृत व्याख्या के साथ। लॉगिन की आवश्यकता नहीं।

सभी Physics Chemistry Botany Zoology
भाषा English हिंदी
Register free for difficulty & keyword filters
● ● ● ● ●

यदि पृथ्वी की कोणीय चाल दुगुनी कर दी जाए, तो उत्तरी ध्रुव पर गुरुत्वीय त्वरण (g) का मान

 

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(c)  ध्रुवों पर गुरुत्वीय त्वरण कोणीय चाल से स्वतंत्र होता है

● ● ● ● ●

माना g पृथ्वी की सतह पर गुरुत्वीय त्वरण है तथा K पृथ्वी की घूर्णी गतिज ऊर्जा है। मान लीजिए पृथ्वी की त्रिज्या 2% घट जाती है तथा अन्य सभी राशियाँ समान रहती हैं, तो

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

c) g=GMR2 तथा K=L22I

यदि पृथ्वी का द्रव्यमान तथा उसका कोणीय संवेग नियत रहता है तो g∝1R2  तथा  K∝1R2

अर्थात् यदि पृथ्वी की त्रिज्या 2% घटती है तो g तथा K दोनों 4% बढ़ते हैं।

● ● ● ● ●

पृथ्वी तथा चंद्रमा के केंद्रों के बीच दूरी 384000 km है। यदि पृथ्वी का द्रव्यमान 6×1024 kg तथा G=6.66×10-11 Nm2/kg2 है। तो चंद्रमा की चाल लगभग है -

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(a)   v=GMr=6.67×10-11×6×1024384000×103=1 km/s

● ● ● ● ●

दो उपग्रह A तथा B, जिनके द्रव्यमानों का अनुपात 3 : 1 है, त्रिज्या r तथा 4r की वृत्ताकार कक्षाओं में हैं। तो A की कुल यांत्रिक ऊर्जा तथा B की कुल यांत्रिक ऊर्जा का अनुपात है 

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(d)    उपग्रह की कुल यांत्रिक ऊर्जा 

  E=-GMm2r⇒EAEB=mAmB×rBrA⇒31×4rr=121

● ● ● ● ●

यदि दो वस्तुओं के बीच गुरुत्वीय बल 1/R के अनुक्रमानुपाती होता (न कि 1/R2 के) जहाँ R उनके बीच पृथकन है, तो ऐसे बल के अधीन वृत्ताकार कक्षा में किसी कण की कक्षीय चाल v किसके अनुक्रमानुपाती होगी 

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(b)   गुरुत्वीय बल उपग्रह की परिक्रमा के लिए आवश्यक अभिकेंद्री बल

  प्रदान करता है   mv2R=KR

  क्योंकि F∝1R
  ∴ v∝R∘

● ● ● ● ●

जब पृथ्वी के चारों ओर त्रिज्या r तथा चाल v की वृत्ताकार कक्षा में घूमता कोई उपग्रह अपनी कुछ ऊर्जा खो देता है, तो r तथा v इस प्रकार बदलते हैं 

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(c)  ETotal=-GMm2rwhere r is the radius of orbitSo if energy decreases, r also decreases.Also, K.E. = GMm2rSo, if radius decreases, K.E. increases यदि B.E. घटती है तो r भी घटता है तथा v बढ़ता है क्योंकि

  v∝1r

● ● ● ● ●

कोई उपग्रह पृथ्वी के चारों ओर त्रिज्या R की वृत्ताकार कक्षा में प्रतिदिन एक परिक्रमा करते हुए घूमता है। वृत्ताकार कक्षा में गति करता दूसरा उपग्रह पृथ्वी के चारों ओर 8 दिन में एक बार घूमता है। दूसरे उपग्रह की कक्षा की त्रिज्या है -

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(b)  दिया है, T1=1 दिन तथा T2=8 दिन

  ∴T2T1=r2r132⇒r2r1=T2T123=8123=4⇒r2=4r1=4R

● ● ● ● ●

 

पृथ्वी की सतह से किस ऊँचाई पर गुरुत्वीय विभव तथा g का मान क्रमशः -5.4×107J kg-2 तथा 6.0 ms-2 हैं? (पृथ्वी की त्रिज्या 6400 km लीजिए।)

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

 

(d) पृथ्वी की सतह से किसी ऊँचाई h पर गुरुत्वीय विभव इस प्रकार दिया जाता है

  V=-GMR+h  ...(i)

तथा पृथ्वी की सतह से किसी ऊँचाई h पर गुरुत्वीय त्वरण इस प्रकार दिया जा सकता है

  g'=GMR+h2  ...(ii)

समी.(i) तथा (ii) से, हमें प्राप्त होता है 

  Vg'=GMR+h×R+h2GM  

  ⇒Vg'=R+h  ...(iii)

∵       V=5.4×107J kg-2and g'=6.0 ms-2

पृथ्वी की त्रिज्या, R=6400 km.

इन मानों को समी. (iii) में रखने पर, हमें प्राप्त होता है 

  5.4×1076.0=R+h⇒9×106=R+h⇒           h=9-6.4×106=2.6×106m⇒           h=2600 km

 

● ● ● ● ●

 

पृथ्वी पर पलायन वेग ve तथा ऐसे ग्रह पर पलायन वेग vp जिसकी त्रिज्या तथा औसत घनत्व पृथ्वी के दुगुने हैं, का अनुपात है

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

 

(a) चूँकि, पृथ्वी का पलायन वेग इस प्रकार दिया जा सकता है

  ve=2gR=R83πGρ   ρ=density of earth

  ⇒    ve=R83πGρ  ...(i)

चूँकि दिया गया है कि ग्रह की त्रिज्या तथा औसत घनत्व पृथ्वी के दुगुने हैं। अतः, ग्रह पर पलायन वेग होगा

     vp=2R83πG2ρ  ...(ii) 

समी. (i) को समी.(ii) से भाग देने पर, हमें प्राप्त होता है

      vevp=R83πGρ2R83πG(2ρ)⇒vevp=122

 

● ● ● ● ●

कोई भूस्थिर उपग्रह पृथ्वी की सतह से 5R ऊँचाई पर पृथ्वी की परिक्रमा कर रहा है, जहाँ R पृथ्वी की त्रिज्या है। पृथ्वी की सतह से 2R ऊँचाई पर किसी अन्य उपग्रह का आवर्तकाल घंटों में है 

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

केप्लर के तृतीय नियम से

  T2∝r3

अतः, T12∝r13

तथा  T22∝r23

अतः,  T22T12=r23r13

  =3R36R3

अथवा  T22T12=18

  T22=18T12

  T2=2422=62h

Ready to ace NEET?

Free access · No credit card required

Frequently Asked Questions

हाँ। इस पेज के हर NEET प्रश्न को बिना लॉगिन किए मुफ़्त हल किया जा सकता है, और सही उत्तर व विस्तृत व्याख्या तुरंत देखी जा सकती है।

नहीं। प्रश्न हल करने और उत्तर देखने के लिए किसी खाते की आवश्यकता नहीं है। मुफ़्त खाता बुकमार्क, निजी नोट्स और प्रगति ट्रैकिंग जोड़ देता है।

इस प्रश्न बैंक में NEET के पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) और अभ्यास प्रश्न दोनों शामिल हैं — जहाँ लागू हो, हर प्रश्न पर उसका परीक्षा वर्ष अंकित है।