NEET प्रश्न (MCQ) हिंदी में — उत्तर और विस्तृत हल सहित

NEET के NEET बहुविकल्पीय प्रश्न हिंदी में मुफ़्त हल करें — तुरंत सही उत्तर और विस्तृत व्याख्या के साथ। लॉगिन की आवश्यकता नहीं।

सभी Physics Chemistry Botany Zoology
भाषा English हिंदी
Register free for difficulty & keyword filters
● ● ● ● ●

 

दो नाभिकों की द्रव्यमान संख्याएँ 1:3 के अनुपात में हैं। उनके नाभिकीय घनत्वों का अनुपात होगा 

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

 

नाभिकीय पदार्थ का घनत्व द्रव्यमान संख्या से स्वतंत्र होता है, अतः अभीष्ट अनुपात 1:1 है।

वैकल्पिक:

  A1:A2=1:3

उनकी त्रिज्याएँ इस अनुपात में होंगी 

  R0A11/3:R0A21/3=1:31/3Density= A43πR3∴ P A1 : P A2=143πR03.13=343πR0331/33

उनके नाभिकीय घनत्व समान होंगे।

● ● ● ● ●

यदि किसी रेडियोऐक्टिव पदार्थ का 10% 5 दिनों में क्षय हो जाता है, तो 20 दिनों के बाद शेष मूल पदार्थ की मात्रा लगभग है

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(b) N=N0e-λt

∴0.9 N0=N0e-λ×5⇒5λ=loge10.9  ....(i) 

तथा xN0=N0e-λ×20⇒20λ=loge1x  ....(ii)

(i) तथा (ii) को भाग देने पर, हमें प्राप्त होता है

14=loge(1/0.9)loge(1/x)=log10(1/0.9)log10(1/x)=log100.9log10x⇒log10x=4log100.9⇒x=0.658=65.8%

● ● ● ● ●

किसी ट्रांजिस्टर को Vc = 10V. पर उभयनिष्ठ उत्सर्जक विन्यास में प्रचालित किया जाता है। जब आधार धारा 10mA से 30mA में बदली जाती है, तो वह उत्सर्जक धारा में 2A से 4A का परिवर्तन उत्पन्न करती है, धारा प्रवर्धन गुणांक है

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

2β = ∆Ic∆IB = ∆IE - ∆IB∆IB = ∆IE∆IB - 1   =220 x 10-3-1=2002-1=99

● ● ● ● ●

किसी उभयनिष्ठ उत्सर्जक ट्रांजिस्टर प्रवर्धक में, संग्राहक के बीच श्रव्य संकेत वोल्टता 3V है। संग्राहक का प्रतिरोध 3kΩ है। यदि धारा लाभ 100 है तथा आधार प्रतिरोध 2kΩ है, तो प्रवर्धक का वोल्टता तथा शक्ति लाभ है 

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(c) संग्राहक धारा ic=VR=33×103=10-3A

अब, आधार धारा iB=icB=10-3100=10-5A

चूँकि, वोल्टता  Vin=iBRB 

∴      Vin=10-5×2×103

  =2×10-2 volts 

अतः, वोल्टता लाभ 

  AV=VoutVin=32×10-2=150

शक्ति लाभ = AV×β

  =150×100=15000

● ● ● ● ●

 

किसी CE ट्रांजिस्टर प्रवर्धक के लिए, 2k Ω के संग्राहक प्रतिरोध के बीच श्रव्य संकेत वोल्टता 4 V है। यदि ट्रांजिस्टर का धारा प्रवर्धन गुणांक 100 है तथा आधार प्रतिरोध I kΩ है, तो निवेशी संकेत वोल्टता है

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

 

(b) मुख्य विचार वोल्टता प्रवर्धन है

  AV=βRoutRin=VoutACVinAC

दिया है, संग्राहक प्रतिरोध= Rout=2kΩ

धारा प्रवर्धन गुणांक,β=100

आधार प्रतिरोध, Rin=1k Ω

निर्गत संकेत वोल्टता=4 V

दिए गए समीकरण में सभी मान रखने पर, हमें प्राप्त होता है

  Av=βRoutRin=100×2 kΩ1 kΩ⇒Av=200

Now, Av=VoutACVinAC=200

⇒VinAC =4200=20mV

● ● ● ● ●



किसी दिए गए प्रवर्धक में एक n-p-n ट्रांजिस्टर उभयनिष्ठ उत्सर्जक विन्यास में जोड़ा गया है। संग्राहक परिपथ में 800Ω का लोड प्रतिरोध जोड़ा गया है तथा उसके बीच वोल्टता पात 0.8 V है। यदि धारा प्रवर्धन गुणांक 0.96 है तथा परिपथ का निवेशी प्रतिरोध 192 Ω है तो प्रवर्धक का वोल्टता लाभ तथा शक्ति लाभ क्रमशः होंगे

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation



(d) दिया है, लोड के बीच प्रतिरोध, RL=800Ω लोड के बीच वोल्टता पात, VL=0.8V परिपथ का निवेशी प्रतिरोध,Ri=192Ω संग्राहक धारा इस प्रकार दी जाती है,

IC=VL/RL=0.8/800=8/8000=1mA 
∴ धारा प्रवर्धन=निर्गत धारा/निवेशी धारा
=IC/IB=0.96=>IB=1mA/0.96

∴ Voltage gain AV=VL/Vin=VL/IBRi=0.8x0.96/10-3x192Av=4
तथा शक्ति लाभ 
Ap=I2CRL/I2BRi=(IC/IB)2 x RL/Ri=(0.96)2 x 800/192= 3.84

● ● ● ● ●

किसी सिलिकॉन ट्रांजिस्टर का निवेशी प्रतिरोध

100 Ω है। आधार धारा 40 μA से बदली जाती है

जिसके परिणामस्वरूप संग्राहक धारा में

2 mA का परिवर्तन होता है। इस ट्रांजिस्टर को 4 kΩ के लोड प्रतिरोध के साथ

उभयनिष्ठ-उत्सर्जक प्रवर्धक के रूप में उपयोग किया जाता है।

प्रवर्धक का वोल्टता लाभ है

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

हम जानते हैं

  Vg=βRLRi=∆IC∆IBRLRi      so, β=∆IC∆IB

दिए गए मान रखने पर 

  Vg=2×10-340×10-6×4×103100Vg=2000

● ● ● ● ●

किसी उभयनिष्ठ उत्सर्जक प्रवर्धक का वोल्टता लाभ 50, निवेशी प्रतिबाधा 100Ω तथा निर्गत प्रतिबाधा 200Ω है। प्रवर्धक का शक्ति लाभ है-

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

  वोल्टता लाभ = β ×प्रतिबाधा लाभ

  50 = β ×200100

  ⇒β= 25

  साथ ही, शक्ति लाभ = β2 × प्रतिबाधा लाभ

  = (25)2 ×200100=1250

● ● ● ● ●

कोई p-n फोटोडायोड 2.5 eV. के बैंड अंतराल वाले किसी अर्धचालक से बनाया गया है। वह किस तरंगदैर्ध्य के संकेत का संसूचन कर सकता है 

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

मुख्य विचार    केवल देहली तरंगदैर्ध्य से कम तरंगदैर्ध्य वाले संकेतों का ही संसूचन होगा।

 Energy            E=hv=hcλ⇒                      λ=hcE

उपरोक्त समीकरण में h, c तथा E का मान रखने पर 

  λ=6.6×10-34×3×1082.5×1.6×10-19=5000 A∘

   चूँकि  4000 A∘<5000 A∘

 तरंगदैर्ध्य 4000 A∘ का संकेत फोटोडायोड द्वारा संसूचित किया जा सकता है।

● ● ● ● ●

सोडियम में अंतःकेंद्रित संकुलन होता है। दो निकटतम परमाणुओं के बीच दूरी 3.7A0 है। जालक प्राचल है 

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

किसी अंतःकेंद्रित घनीय सेल की पड़ोसी दूरी d=32a, where a is the lattice parameter.

⇒                   3.7=3a2

अथवा  a=2×3.73=4.3A0

Ready to ace NEET?

Free access · No credit card required

Frequently Asked Questions

हाँ। इस पेज के हर NEET प्रश्न को बिना लॉगिन किए मुफ़्त हल किया जा सकता है, और सही उत्तर व विस्तृत व्याख्या तुरंत देखी जा सकती है।

नहीं। प्रश्न हल करने और उत्तर देखने के लिए किसी खाते की आवश्यकता नहीं है। मुफ़्त खाता बुकमार्क, निजी नोट्स और प्रगति ट्रैकिंग जोड़ देता है।

इस प्रश्न बैंक में NEET के पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) और अभ्यास प्रश्न दोनों शामिल हैं — जहाँ लागू हो, हर प्रश्न पर उसका परीक्षा वर्ष अंकित है।