NEET प्रश्न (MCQ) हिंदी में — उत्तर और विस्तृत हल सहित

NEET के NEET बहुविकल्पीय प्रश्न हिंदी में मुफ़्त हल करें — तुरंत सही उत्तर और विस्तृत व्याख्या के साथ। लॉगिन की आवश्यकता नहीं।

सभी Physics Chemistry Botany Zoology
भाषा English हिंदी
Register free for difficulty & keyword filters
● ● ● ● ●

किस क्षार धातु का गलनांक सबसे कम होता है और वह द्रव के रूप में पाई जाती है –

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(D)। Li से Cs की ओर समूह में नीचे जाने पर गलनांक तथा क्वथनांक घटते हैं। सीज़ियम धातु सामान्य ताप लगभग 30°C पर द्रव अवस्था में पाई जाती है। Cs का गलनांक 29°C है।

● ● ● ● ●

मैग्नीशियम की तुलना में कैल्शियम का क्वथनांक असामान्य रूप से अधिक है क्योंकि-

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(C)। कैल्शियम का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 8, 2 है। रिक्त d-कक्षक के कारण कैल्शियम प्रबल धात्विक बंध बनाता है। अतः इसका क्वथनांक अधिक है।

● ● ● ● ●

दो धातुएँ X और Y सहसंयोजक हैलाइड बनाती हैं। दोनों हैलाइड लुईस अम्ल तथा फ्रीडल क्राफ्ट्स अभिक्रिया में उत्प्रेरक के रूप में कार्य कर सकते हैं। X का हैलाइड ठोस अवस्था में बहुलक तथा वाष्प अवस्था में द्विलक होता है जो 1200 K पर एकलक में विघटित हो जाता है। जबकि Y का हैलाइड वाष्प अवस्था में द्विलक होता है और ध्रुवीय विलायक में आयनिक हो जाता है। X और Y क्रमशः हैं।

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(A)। दी गई धातुओं में से Be और Al सहसंयोजक हैलाइड बनाते हैं। Al का हैलाइड, अर्थात् Al2Cl6, ध्रुवीय विलायक में आयनिक हो जाता है। अतः Y, Al है। Be का हैलाइड ठोस अवस्था में बहुलक होता है। अतः X, Be है।

● ● ● ● ●

सोडियम कार्बोनेट के निर्माण की सॉल्वे विधि में प्रयुक्त कच्चे माल हैं:

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(D)। सॉल्वे विधि में सम्मिलित रासायनिक अभिक्रियाएँ निम्नलिखित हैं:

NH3+CO2+H2O→NH4HCO3

NH4HCO3+NaCl→30°CNaHCO3↓+NH4Cl

2NaHCO3used again→250°CNa2CO3+H2O+CO2;

2NH4Clused again+CaOH2→CaCl2slaked lime+2H2O+2NH3

● ● ● ● ●

क्षार धातुएँ द्रव अमोनिया में घुलकर नीले रंग का विलयन देती हैं, जो निम्नलिखित की उपस्थिति के कारण है-

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(D)। अमोनिया में क्षार धातु के नीले रंग के विलयन की व्याख्या धातु-अमोनिया विलयन में अमोनियेटेड (विलायीकृत) धातु धनायनों तथा अमोनियेटेड (विलायीकृत) इलेक्ट्रॉनों के बनने के आधार पर की जाती है, निम्न प्रकार से:

M→M++e-

M++xNH3→MNH3x+

e-+yNH3→eNH3y-

M+x+yNH3Solvated metal cation→MNH3x++eNH3y-Solvated electron

विलयन का नीला रंग मुक्त इलेक्ट्रॉनों के उच्च ऊर्जा स्तरों में उत्तेजित होने के कारण होता है। फोटॉनों का अवशोषण स्पेक्ट्रम के लाल क्षेत्र में होता है और इसलिए, संचरित प्रकाश में विलयन नीला दिखाई देता है। जैसे-जैसे क्षार धातु की सांद्रता बढ़ती है, धातु आयन गुच्छों का निर्माण होता है और बहुत अधिक सांद्रता पर विलयन धात्विक तांबे जैसा रंगीन हो जाता है।

● ● ● ● ●

यौगिक X को गर्म करने पर एक रंगहीन गैस प्राप्त होती है। अवशेष को जल में घोलकर Y प्राप्त किया जाता है। Y के जलीय विलयन में अतिरिक्त CO2 प्रवाहित करने पर Z बनता है। Z को हल्का गर्म करने पर पुनः X प्राप्त होता है। यौगिक X है-

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(A)। CaCO3X→∆CaO+CO2, CaO+H2O→CaOH2Y

CaOH2Y+CO2excess→CaHCO32Z

CaHCO32Z→∆CaCO3X+H2O+CO2

● ● ● ● ●

मैग्नेशिया निम्नलिखित द्वारा बनाया जा सकता है-

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(D)। 2Mg+O2→2MgO

2MgNO32→∆2MgO+4NO2+O2

2MgSO4→∆2MgO+SO3+SO2+O2

Mg+H2Osteam→MgO+H2

● ● ● ● ●

ऐसीटिक अम्ल में अविलेय यौगिक है-

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(C)। CaC2O4⇋Ca2++C2O42-

चूँकि ऐसीटिक अम्ल एक दुर्बल वैद्युत-अपघट्य है, यह पर्याप्त H+ प्रदान नहीं करता जिससे यह ऑक्सेलेट आयन के साथ संयोजित होकर अल्प आयनित ऑक्सैलिक अम्ल बना सके। अतः साम्य दाईं ओर विस्थापित नहीं होगा।

● ● ● ● ●

अभिकथन : LiF जल में लगभग अविलेय है

कारण : LiCl न केवल जल में बल्कि ऐसीटोन में भी विलेय है।

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(B)। जल में LiF की कम विलेयता इसकी उच्च जालक ऊर्जा के कारण है। Li+ की उच्च ध्रुवण क्षमता के कारण LiCl में कुछ सहसंयोजक गुण होता है। इसीलिए LiCl जल के साथ-साथ ऐसीटोन में भी विलेय है।

● ● ● ● ●

अभिकथन : s-ब्लॉक तत्व प्रकृति में मुक्त अवस्था में नहीं पाए जाते

कारण : s-ब्लॉक तत्व प्रकृति में अत्यधिक विद्युत-धनात्मक होते हैं।

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(A)। s-ब्लॉक तत्व प्रकृति में अत्यधिक विद्युत-धनात्मक होते हैं। अतः ये अत्यधिक क्रियाशील होते हैं। इसीलिए ये तत्व प्रकृति में मुक्त अवस्था में नहीं पाए जाते। सामान्यतः s-समूह के तत्व प्रकृति में हैलाइड, कार्बोनेट तथा सल्फेट के रूप में पाए जाते हैं। ये धातुएँ इनके गलित हैलाइडों से वैद्युत-अपघटनी अपचयन द्वारा प्राप्त की जाती हैं।

Ready to ace NEET?

Free access · No credit card required

Frequently Asked Questions

हाँ। इस पेज के हर NEET प्रश्न को बिना लॉगिन किए मुफ़्त हल किया जा सकता है, और सही उत्तर व विस्तृत व्याख्या तुरंत देखी जा सकती है।

नहीं। प्रश्न हल करने और उत्तर देखने के लिए किसी खाते की आवश्यकता नहीं है। मुफ़्त खाता बुकमार्क, निजी नोट्स और प्रगति ट्रैकिंग जोड़ देता है।

इस प्रश्न बैंक में NEET के पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) और अभ्यास प्रश्न दोनों शामिल हैं — जहाँ लागू हो, हर प्रश्न पर उसका परीक्षा वर्ष अंकित है।