किस क्षार धातु का गलनांक सबसे कम होता है और वह द्रव के रूप में पाई जाती है –
(D)। Li से Cs की ओर समूह में नीचे जाने पर गलनांक तथा क्वथनांक घटते हैं। सीज़ियम धातु सामान्य ताप लगभग 30C पर द्रव अवस्था में पाई जाती है। Cs का गलनांक 29C है।
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किस क्षार धातु का गलनांक सबसे कम होता है और वह द्रव के रूप में पाई जाती है –
(D)। Li से Cs की ओर समूह में नीचे जाने पर गलनांक तथा क्वथनांक घटते हैं। सीज़ियम धातु सामान्य ताप लगभग 30C पर द्रव अवस्था में पाई जाती है। Cs का गलनांक 29C है।
मैग्नीशियम की तुलना में कैल्शियम का क्वथनांक असामान्य रूप से अधिक है क्योंकि-
(C)। कैल्शियम का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 8, 2 है। रिक्त d-कक्षक के कारण कैल्शियम प्रबल धात्विक बंध बनाता है। अतः इसका क्वथनांक अधिक है।
दो धातुएँ X और Y सहसंयोजक हैलाइड बनाती हैं। दोनों हैलाइड लुईस अम्ल तथा फ्रीडल क्राफ्ट्स अभिक्रिया में उत्प्रेरक के रूप में कार्य कर सकते हैं। X का हैलाइड ठोस अवस्था में बहुलक तथा वाष्प अवस्था में द्विलक होता है जो 1200 K पर एकलक में विघटित हो जाता है। जबकि Y का हैलाइड वाष्प अवस्था में द्विलक होता है और ध्रुवीय विलायक में आयनिक हो जाता है। X और Y क्रमशः हैं।
(A)। दी गई धातुओं में से Be और Al सहसंयोजक हैलाइड बनाते हैं। Al का हैलाइड, अर्थात् , ध्रुवीय विलायक में आयनिक हो जाता है। अतः Y, Al है। Be का हैलाइड ठोस अवस्था में बहुलक होता है। अतः X, Be है।
सोडियम कार्बोनेट के निर्माण की सॉल्वे विधि में प्रयुक्त कच्चे माल हैं:
(D)। सॉल्वे विधि में सम्मिलित रासायनिक अभिक्रियाएँ निम्नलिखित हैं:
;
क्षार धातुएँ द्रव अमोनिया में घुलकर नीले रंग का विलयन देती हैं, जो निम्नलिखित की उपस्थिति के कारण है-
(D)। अमोनिया में क्षार धातु के नीले रंग के विलयन की व्याख्या धातु-अमोनिया विलयन में अमोनियेटेड (विलायीकृत) धातु धनायनों तथा अमोनियेटेड (विलायीकृत) इलेक्ट्रॉनों के बनने के आधार पर की जाती है, निम्न प्रकार से:
विलयन का नीला रंग मुक्त इलेक्ट्रॉनों के उच्च ऊर्जा स्तरों में उत्तेजित होने के कारण होता है। फोटॉनों का अवशोषण स्पेक्ट्रम के लाल क्षेत्र में होता है और इसलिए, संचरित प्रकाश में विलयन नीला दिखाई देता है। जैसे-जैसे क्षार धातु की सांद्रता बढ़ती है, धातु आयन गुच्छों का निर्माण होता है और बहुत अधिक सांद्रता पर विलयन धात्विक तांबे जैसा रंगीन हो जाता है।
यौगिक X को गर्म करने पर एक रंगहीन गैस प्राप्त होती है। अवशेष को जल में घोलकर Y प्राप्त किया जाता है। Y के जलीय विलयन में अतिरिक्त प्रवाहित करने पर Z बनता है। Z को हल्का गर्म करने पर पुनः X प्राप्त होता है। यौगिक X है-
(A)।
मैग्नेशिया निम्नलिखित द्वारा बनाया जा सकता है-
(D)।
ऐसीटिक अम्ल में अविलेय यौगिक है-
(C)।
चूँकि ऐसीटिक अम्ल एक दुर्बल वैद्युत-अपघट्य है, यह पर्याप्त प्रदान नहीं करता जिससे यह ऑक्सेलेट आयन के साथ संयोजित होकर अल्प आयनित ऑक्सैलिक अम्ल बना सके। अतः साम्य दाईं ओर विस्थापित नहीं होगा।
अभिकथन : LiF जल में लगभग अविलेय है
कारण : LiCl न केवल जल में बल्कि ऐसीटोन में भी विलेय है।
(B)। जल में LiF की कम विलेयता इसकी उच्च जालक ऊर्जा के कारण है। की उच्च ध्रुवण क्षमता के कारण LiCl में कुछ सहसंयोजक गुण होता है। इसीलिए LiCl जल के साथ-साथ ऐसीटोन में भी विलेय है।
अभिकथन : s-ब्लॉक तत्व प्रकृति में मुक्त अवस्था में नहीं पाए जाते
कारण : s-ब्लॉक तत्व प्रकृति में अत्यधिक विद्युत-धनात्मक होते हैं।
(A)। s-ब्लॉक तत्व प्रकृति में अत्यधिक विद्युत-धनात्मक होते हैं। अतः ये अत्यधिक क्रियाशील होते हैं। इसीलिए ये तत्व प्रकृति में मुक्त अवस्था में नहीं पाए जाते। सामान्यतः s-समूह के तत्व प्रकृति में हैलाइड, कार्बोनेट तथा सल्फेट के रूप में पाए जाते हैं। ये धातुएँ इनके गलित हैलाइडों से वैद्युत-अपघटनी अपचयन द्वारा प्राप्त की जाती हैं।
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