NEET प्रश्न (MCQ) हिंदी में — उत्तर और विस्तृत हल सहित

NEET के NEET बहुविकल्पीय प्रश्न हिंदी में मुफ़्त हल करें — तुरंत सही उत्तर और विस्तृत व्याख्या के साथ। लॉगिन की आवश्यकता नहीं।

सभी Physics Chemistry Botany Zoology
भाषा English हिंदी
Register free for difficulty & keyword filters
● ● ● ● ●

रजत की परमाणु त्रिज्या 144.5 pm है। रजत की एकक कोष्ठिका फलक-केंद्रित घन है। रजत का घनत्व ज्ञात कीजिए।

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(fcc) एकक कोष्ठिका में परमाणु फलक विकर्ण के अनुदिश एक-दूसरे को स्पर्श करते हैं।

अतः परमाणु त्रिज्या (R) =a24

a= 4R2=42×144.5pm=408.70pm=408.70×10−10cm

घनत्व (D) = ZMVN0,  V = a3

D = ZMa3N0; जहाँ (fcc) एकक कोष्ठिका के लिए Z = 4 , आवोगाद्रो संख्या (N0)=6.023×1023, घन का आयतन (V) =(408.70×10−10)3cm3 तथा रजत का M (अणु. भार.) = 108,

D =4×108(408.70×10−10)3 × 6.023×1023= 10.50 g/cm3  

● ● ● ● ●

लीथियम बोरोहाइड्राइड (LiBH4),विषमलंबाक्ष तंत्र में क्रिस्टलीकृत होता है जिसमें प्रति एकक कोष्ठिका 4 अणु हैं। एकक कोष्ठिका की विमाएँ हैं : a = 6.81Å, b= 4.43Å, c=7.17Å. यदि LiBH4 का मोलर द्रव्यमान 21.76 g mol–1 है। क्रिस्टल का घनत्व है –

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

हम जानते हैं कि, ρ=ZMN0V=4×(21.76 gmol−1)(6.023×1023mol−1) (6.81×4.43×7.17×10−24cm3)=0.668 g cm−3  

● ● ● ● ●

एक धात्विक तत्व घनीय जालक के रूप में विद्यमान है। एकक कोष्ठिका की प्रत्येक कोर 2.88Å है। धातु का घनत्व 7.20 g cm–3 है। धातु के 100 gm में कितनी एकक कोष्ठिकाएँ उपस्थित होंगी।

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

एकक कोष्ठिका का आयतन (V) = a3 = (2.88Å)3 = 23.9×10−24 cm3

100 g धातु का आयतन = MassDensity=1007.20=13.9cm2

इस आयतन में एकक कोष्ठिकाओं की संख्या = 13.9cm323.9×10−24cm3= 5.82×1023  

● ● ● ● ●

रजत फलक-केंद्रित घनीय तंत्र में क्रिस्टलीकृत होता है, प्रत्येक कोर के अनुदिश 0.408 nm। रजत का घनत्व 10.6 g/cm3 तथा परमाणु द्रव्यमान 107.9 g/mol. है। आवोगाद्रो संख्या ज्ञात कीजिए।

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

एकक कोष्ठिका का आयतन (0.408 ×10−9m)3=6.79×10−29m3 प्रति एकक कोष्ठिका है तथा इसमें चार परमाणु हैं। रजत के 1 मोल का आयतन है,

107.9 g/mol(1×10−2m)310.6g=1.02×10−5m3/mol; जहाँ 107.9 g/mol रजत का आण्विक द्रव्यमान है

प्रति मोल एकक कोष्ठिकाओं की संख्या है,

1.02×10−5m3/mol1unit cell6.79×10−29m3=1.50×1023 एकक कोष्ठिकाएँ प्रति मोल।

तथा प्रति मोल परमाणुओं की संख्या है, 4atomsunit cell 1.50×1023unit cellmol= 6.00×1023 परमाणु/मोल।  

● ● ● ● ●

सरल घन में परमाणुओं द्वारा अधिकृत कुल आयतन का प्रभाज है

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

सरल घनीय तंत्र में, परमाणुओं की संख्या a = 2r

∴ संकुलन प्रभाज =Volume occupied by one atomVolume of unit cell=43πr3a3=43πr3(2r)3=π6  

● ● ● ● ●

एक ठोस AB की संरचना NaCl जैसी है। यदि धनायन A+ की त्रिज्या 120 pm है, तो ऋणायन B– की त्रिज्या का अधिकतम संभव मान ज्ञात कीजिए

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

हम जानते हैं कि NaCl संरचना के लिए

धनायन की त्रिज्या/ऋणायन की त्रिज्या = 0.414; rA+rB−=0.414; rB−=rA+0.414=1200.414=290pm  

● ● ● ● ●

ताँबे के ऐनोड नलिका से प्राप्त X-किरण का किसी क्रिस्टल से प्रथम कोटि का परावर्तन (n = 1) (λ=0.154nm) 16.3° के कोण पर होता है। विवर्तन उत्पन्न करने वाले तलों के समुच्चय के बीच की दूरी क्या है।

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

ब्रैग समीकरण से, nλ=2dsinθ; d=n×λ2sinθ=1×0.1542(sin 16.3)=0.154 nm2×0.281=0.274nm  

● ● ● ● ●

2.29Å तरंगदैर्घ्य के X-विकिरण से बेरियम का विवर्तन 30° पर प्रथम कोटि का परावर्तन देता है। विवर्तित तलों के बीच की दूरी क्या है।

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

ब्रैग समीकरण का उपयोग करने पर 2dsinθ=nλ

d=nλ2sinθ, जहाँ d दो विवर्तित तलों के बीच की दूरी है, θविवर्तित X-किरण पुंज की अधिकतम तीव्रता के लिए कोण, n परावर्तन की कोटि तथा λ तरंगदैर्घ्य है

∴ d=1×2.29Å2×sin30o=2.29Å  sin30o=12  

● ● ● ● ●

जब उत्तेजित Mo परमाणु में एक इलेक्ट्रॉन L से K कोश में गिरता है, तो एक X-किरण उत्सर्जित होती है। ये X-किरणें 7.75o कोण पर 2.64Å पृथक्करण वाले तलों द्वारा विवर्तित होती हैं। प्रथम कोटि विवर्तन मानते हुए Mo में K-कोश तथा L-कोश के बीच ऊर्जा का अंतर क्या है। (sin7.75o=0.1349)

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

2dsinθ=nλ

λ=2d sinθ=2×2.64×10−10×sin7.75o=0.7123×10−10m

E=hcλ=6.62×10−34×3×1080.7123×10−10=27.88×10−16J  

⇒ प्रसार, विद्युत तथा ऊष्मीय चालकताएँ आदि क्रिस्टल के भीतर विभिन्न दिशाओं में भिन्न होती हैं

 

● ● ● ● ●

कौन-सा कथन गलत है?

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(a)  FeO0.98 में अरससमीकरणमितीय धातु आधिक्य दोष है। 

(b) A+B- प्रकार के आयनिक क्रिस्टल में यदि समान संख्या में धनायन तथा ऋणायन अपने जालक स्थलों से अनुपस्थित हों, तो इस दोष को शॉट्की दोष कहते हैं। ऐसे दोष के कारण ठोस का घनत्व घट जाता है। अतः कथन (b) सही है।

(c) NaCl-विद्युतरोधी, सिलिकॉन (Si) -अर्धचालक। रजत (Ag) - चालक; क्वार्ट्ज़ - दाबविद्युत क्रिस्टल।

अतः कथन (c) सही है।

(d) आयनिक क्रिस्टल में जब कोई j£n अपने जालक स्थल से अनुपस्थित होकर अंतराकाशी स्थल ग्रहण करता है, तो इस दोष को फ्रेंकेल दोष कहते हैं। इस प्रकार का दोष उन क्रिस्टलों में देखा जाता है जहाँ धनायनों तथा ऋणायनों के आकार में अंतर बहुत अधिक होता है तथा उनकी उपसहसंयोजन संख्या कम होती है। अतः कथन (d) गलत है।

Ready to ace NEET?

Free access · No credit card required

Frequently Asked Questions

हाँ। इस पेज के हर NEET प्रश्न को बिना लॉगिन किए मुफ़्त हल किया जा सकता है, और सही उत्तर व विस्तृत व्याख्या तुरंत देखी जा सकती है।

नहीं। प्रश्न हल करने और उत्तर देखने के लिए किसी खाते की आवश्यकता नहीं है। मुफ़्त खाता बुकमार्क, निजी नोट्स और प्रगति ट्रैकिंग जोड़ देता है।

इस प्रश्न बैंक में NEET के पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) और अभ्यास प्रश्न दोनों शामिल हैं — जहाँ लागू हो, हर प्रश्न पर उसका परीक्षा वर्ष अंकित है।