षट्कोणीय आधार छह समबाहु त्रिभुजों से बना है, प्रत्येक की भुजा 2r तथा शीर्षलंब 2r sin 60° है।
अतः आधार का क्षेत्रफल =
षट्कोणीय की ऊँचाई निकटतम संकुलित परतों के बीच की दूरी की दोगुनी है।
इसे एकक कोष्ठिका लंबाई a वाले फलक-केंद्रित घनीय जालक से ज्ञात किया जा सकता है। ऐसे जालक में निकटतम संकुलित परतों के बीच की दूरी काय विकर्ण की एक-तिहाई होती है, अर्थात्
अतः
अब, फलक-केंद्रित जालक में परमाणु फलक विकर्ण के अनुदिश एक-दूसरे को स्पर्श करते हैं,
इस प्रकार,
इससे षट्कोणीय की ऊँचाई हो जाती है :
षट्कोणीय एकक का आयतन है, V = (आधार क्षेत्रफल) × (ऊँचाई)
एक षट्कोणीय एकक कोष्ठिका में 6 परमाणु होते हैं जैसा नीचे बताया गया है :
• केंद्रीय परत में 3 परमाणु जो पूर्णतः इसी एकक कोष्ठिका के होते हैं।
• आधार के केंद्र से 1 परमाणु। इस प्रकार के दो परमाणु होते हैं तथा प्रत्येक दो षट्कोणीय एकक कोष्ठिकाओं में साझा होता है।
• कोनों से 2 परमाणु। ऐसे 12 परमाणु होते हैं तथा प्रत्येक छह षट्कोणीय एकक कोष्ठिकाओं में साझा होता है।
अब, परमाणुओं द्वारा अधिकृत आयतन =
परमाणुओं द्वारा अधिकृत आयतन का प्रभाज
रिक्त स्थान का प्रभाज =
रिक्त स्थान का प्रतिशत = 26%