हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड का अपचयन विभव कितना बदलेगा जब उसका विलयन, जो प्रारंभ में pH=0 पर है, उदासीन करके pH =7 कर दिया जाए ?
(d)
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हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड का अपचयन विभव कितना बदलेगा जब उसका विलयन, जो प्रारंभ में pH=0 पर है, उदासीन करके pH =7 कर दिया जाए ?
(d)
लेड संचायक बैटरी के आवेशन के दौरान ऐनोड पर होने वाली अभिक्रिया निरूपित होती है :
(b) लेड संचायक बैटरी के आवेशन में विपरीत अभिक्रियाएँ होती हैं।
दिए गए सेल के लिए सेल अभिक्रिया स्वतःप्रवर्तित है यदि :
Ptcl2|cl-(1M)||Cl-(1M)|PtCl2
गैल्वनी सेल अभिक्रिया की स्वतःप्रवर्तित दिशा उच्च विभव से निम्न विभव की ओर होती है। यदि P1 < P2 है, तो इसका अर्थ है कि बायें अर्ध-सेल का विभव दायें अर्ध-सेल से कम है, अतः अभिक्रिया दायें से बायें की ओर स्वतःप्रवर्तित रूप से आगे बढ़ेगी।
जब लेड संचायक बैटरी का निरावेशन होता है, तब :
जलीय विलयन में H2SO4 तथा MgSO4 से विद्युत् की समान मात्रा द्वारा निक्षेपित हाइड्रोजन तथा मैग्नीशियम के द्रव्यमानों का अनुपात है :
प्रयुक्त अवधारणा : फैराडे का द्वितीय नियम + विद्युत्-अपघटन
= का विद्युत्-अपघटन
कैथोड पर निक्षेपित होगी
का विद्युत्-अपघटन
कैथोड पर : गैस मुक्त होगी क्योंकि आयनों का निर्वहन विभव से कम है
अतः mg निक्षेपित नहीं होगा
अनंत तनुता पर Ba2+ तथा Cl- की तुल्यांकी चालकताएँ क्रमशः 127 तथा 76Ω-1 cm-1 eq-1 हैं। अनंत तनुता पर BaCl2 की तुल्यांकी चालकता होगी
(a) अनंत तनुता पर BaCl2 की तुल्यांकी चालकता,
BaCl2 का = (1/2)Ba2+ का + Cl- का
= 127/2+76 = 139.5
शुष्क सेल बैटरियों में प्रयुक्त विध्रुवक है :
(b) लेक्लांशे सेल में MnO2।
अक्रिय Pt इलेक्ट्रोड का उपयोग करके CuSO4 के जलीय विलयन का विद्युत्-अपघटन करने पर ऐनोड पर होने वाली अभिक्रिया :
ऐनोड पर केवल ऑक्सीकरण होता है। साथ ही H2O का निर्वहन विभव इससे कम होता है :
तनुकरण के साथ प्रबल विद्युत्-अपघट्य की तुल्यांकी चालकता में वृद्धि मुख्यतः किसके कारण होती है
(a)
तनुकरण पर, प्रति cm3 धारावाही कणों की संख्या घटती है परन्तु विलयन का आयतन बढ़ता है। फलस्वरूप आयनिक गतिशीलता बढ़ती है, जिससे प्रबल विद्युत्-अपघट्य की तुल्यांकी चालकता बढ़ जाती है।
सेल TI|TI+(0.001M)||Cu2+(0.1M)|Cu के लिए, Ecell
25C पर 0.83 V है। Ecell बढ़ाया जा सकता है :
प्रयुक्त अवधारणा : नर्न्स्ट समीकरण
इस सेल के लिए नर्न्स्ट समीकरण :
यदि आयन सांद्रता तो :
परन्तु कुल मिलाकर बढ़ता है
अतः बढ़ता है
अतः आयन सांद्रता बढ़ाने पर
बढ़ता है।
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