1 atm पर एक गैस X को 1MY- तथा 1MZ- के मिश्रण युक्त विलयन में 25C पर प्रवाहित किया जाता है। यदि अपचयन विभव Z > Y > X है, तो :
(a) इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने की प्रवृत्ति का क्रम Z > Y > X है। अतः,
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1 atm पर एक गैस X को 1MY- तथा 1MZ- के मिश्रण युक्त विलयन में 25C पर प्रवाहित किया जाता है। यदि अपचयन विभव Z > Y > X है, तो :
(a) इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने की प्रवृत्ति का क्रम Z > Y > X है। अतः,
वह CuSO4 विलयन जिसमें कॉपर की छड़ डूबी हुई है, 10 गुना तनु किया जाता है, तो अपचयन इलेक्ट्रोड विभव :
(b)
Cu(NO3)2, AgNO3, Hg2(NO3)2 तथा Mg(NO3)2 में से प्रत्येक का एक मोल प्रति लीटर युक्त विलयन अक्रिय इलेक्ट्रोडों द्वारा विद्युत्-अपघटित किया जा रहा है। वोल्ट में मानक इलेक्ट्रोड विभव (अपचयन विभव) के मान हैं,
Ag|Ag+ = 0.80,2Hg| = 0.79,
Cu|Cu2+ = +0.34 and Mg|Mg2+ =-2.37
वोल्टेज बढ़ाने पर, कैथोड पर धातुओं के निक्षेपण का क्रम होगा :
(c) जलीय लवण विलयनों के विद्युत्-अपघटन द्वारा Mg प्राप्त नहीं किया जा सकता। साथ ही का क्रम Ag, Hg, Cu दर्शाता है।
निम्नलिखित जलीय विलयनों में सर्वाधिक विद्युत् चालकता किसकी है :
(d) डाइफ्लुओरो ऐसीटिक अम्ल प्रबल अम्ल है।
विद्युत्-अपघटन प्रयोग के दौरान AgNO3 के विलयन में से 30 मिनट तक 100 mA धारा प्रवाहित करने पर विद्युत् के कितने कूलॉम व्यय होते हैं?
हम जानते हैं
Q= i t
Q= [ धारा सदैव ऐम्पियर में, समय सदैव सेकंड में]
Q=180 C
Li+/Li, Ba2+/Ba, Na+/Na तथा Mg2+/Mg के 25C पर मानक अपचयन विभव क्रमशः -3.05, -2.90, -2.71 तथा -2.37 V हैं। निम्नलिखित में से कौन-सा प्रबलतम ऑक्सीकारक है ?
(a) जिस धनायन के मानक अपचयन विभव का मान अधिकतम होता है वह प्रबलतम ऑक्सीकारक होता है। अतः Mg2+ प्रबलतम ऑक्सीकारक है।
अनंत तनुता पर NaCl, HCl तथा C2H5COONa की तुल्यांकी चालकताएँ 126.45, 426.16 तथा 91 हैं। C2H5COOH की तुल्यांकी चालकता है
(b) कोलराउश के नियम से
जब अम्लीकृत जल में से विद्युत् धारा प्रवाहित की जाती है, तो 965 सेकंड में कैथोड पर STP पर 112 mL हाइड्रोजन गैस एकत्र होती है। प्रवाहित धारा, ऐम्पियर में, है :
प्रयुक्त अवधारणा : विद्युत्-अपघटन तथा फैराडे का प्रथम नियम
दिया है : अम्लीकृत जल
कैथोड पर गैस मुक्त होती है
w = 2 x Q
गैस के लिए के स्थान पर हम रख सकते हैं
एक दुर्बल एकक्षारकीय अम्ल के M/32 विलयन की तुल्यांकी चालकता 8.0 mho cm2 है तथा अनंत तनुता पर 400 mhocm2 है। अम्ल का वियोजन स्थिरांक है
(a) वियोजन की मात्रा, = /
जहाँ, and क्रमशः दी गई सांद्रता पर तथा अनंत तनुता पर तुल्यांकी चालकताएँ हैं।
= = 8/400 = 2x10-2
ऑस्टवाल्ड के तनुता नियम से (दुर्बल एकक्षारकीय अम्ल के लिए),
Kc = C2/(1-)
C2
= 1/32 (2x10-2)2
=1.25x10-6
किसी पदार्थ के 1g तुल्यांक के इलेक्ट्रोड-निक्षेपण के लिए आवश्यक विद्युत् आवेश है :
व्याख्या : 1 मोल इलेक्ट्रॉन पर आवेश
Q= ne
Q= 6.002 x
Q = 96500 = 1F
किसी पदार्थ का 1g तुल्यांक निक्षेपित करने के लिए 1F विद्युत् आवश्यक है, जो 1 मोल इलेक्ट्रॉन के आवेश के बराबर है।
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