यदि किसी एन्ज़ाइमी विलयन में शर्करा के किण्वन में, जो 0.12 M है, शर्करा की सांद्रता 10h में घटकर 0.06 M तथा 20h में 0.03 M हो जाती है, तो अभिक्रिया की कोटि क्या है-
(A) अर्ध-आयु अभिकारक की प्रारंभिक सांद्रता से स्वतंत्र होती है।
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यदि किसी एन्ज़ाइमी विलयन में शर्करा के किण्वन में, जो 0.12 M है, शर्करा की सांद्रता 10h में घटकर 0.06 M तथा 20h में 0.03 M हो जाती है, तो अभिक्रिया की कोटि क्या है-
(A) अर्ध-आयु अभिकारक की प्रारंभिक सांद्रता से स्वतंत्र होती है।
प्रथम कोटि की अभिक्रिया A उत्पाद में, अभिकारक की सांद्रता 80 मिनट में घटकर अपने प्रारंभिक मान का 6.25% रह जाती है। यदि प्रारंभिक सांद्रता 0.2 mole/litre है, तो प्रारंभ के 100 मिनट बाद (i) दर स्थिरांक तथा (ii) अभिक्रिया की दर क्या है ?
(B). (i) दिया है
किसी पदार्थ के अपघटन का अर्ध-आयु काल, जो में घुला है, C पर 2.5 घंटे है। यदि पदार्थ का प्रारंभिक भार 160 gm है, तो 10 घंटे बाद कितना पदार्थ शेष बचेगा ?
(D) अर्ध-आयु कालों की संख्या
अब हम जानते हैं कि मात्रा=
325 K पर ऊर्जा अवरोध पार करने वाले अभिकारक अणुओं का प्रतिशत ज्ञात कीजिए, दिया है कि
दिया है,
अवरोध पार करने वाले अणुओं का %
1 मोल गैस प्रारंभिक अवस्था (2 atm, 10 lt) से अंतिम अवस्था (8 atm, 4 lt) तक रैखिक रूप से बदलती है। उस अधिकतम ताप पर, जो गैस प्राप्त कर सकती है, दर स्थिरांक का मान ज्ञात कीजिए। अधिकतम दर स्थिरांक 20 के बराबर है तथा सक्रियण ऊर्जा का मान 40 kJ है, यह मानते हुए कि इस ताप परास में सक्रियण ऊर्जा नहीं बदलती।
(C) माना सरल रेखा का समीकरण P=mV+c है
अब मान रखने पर, हमें प्राप्त होता है P+V=12
आदर्श गैस समीकरण से,
T के अधिकतम होने के लिए =0
V=6 lt, P=6 atm.
का मान
अब के मान रखने पर
हमें प्राप्त होता है,
प्रथम कोटि की एक अभिक्रिया अभिकारक के डेसिमोलर विलयन से प्रारंभ की गई। 8 मिनट 20 सेकंड बाद उसकी सांद्रता M/100 पाई गई। अभिक्रिया का दर स्थिरांक ज्ञात कीजिए।
(A) यहाँ a= 0.1 M
t=8 मिनट 20 सेकंड=500 सेकंड
प्रथम कोटि की अभिक्रिया में मान रखने पर
किसी रेडियोऐक्टिव पदार्थ का 87.5% भाग 40 मिनट में विघटित हो जाता है। पदार्थ की अर्ध-आयु क्या है ?
(A) रेडियोऐक्टिव क्षय प्रथम कोटि बलगतिकी का पालन करता है। संबंधित मान रखकर K ज्ञात कीजिए।
गन्ना शर्करा का प्रतिलोमन pH 5 पर शर्करा की किसी भी सांद्रता के लिए 500 मिनट की अर्ध-आयु से होता है। परन्तु यदि pH = 6 हो, तो अर्ध-आयु बदलकर 50 मिनट हो जाती है। शर्करा प्रतिलोमन के लिए दर-नियम व्यंजक इस प्रकार लिखा जा सकता है
(B). चूँकि शर्करा की सांद्रता पर निर्भर नहीं करता, अर्थात् यह शर्करा की सांद्रता के सापेक्ष प्रथम कोटि का है।
गर्म टंगस्टन पर का अपघटन निम्नलिखित आंकड़े देता है :
प्रारंभिक दाब (mm) 65 105 y 185
अर्ध-आयु (s) 290 x 670 820
उसी क्रम में x तथा y के मान क्या हैं ?
(D)
मान लगभग समान हैं।
अभिक्रिया शून्य कोटि की है।
तापीय अपघटन से गुज़रने वाले गैसीय पदार्थ का अर्ध-आयु काल विभिन्न प्रारंभिक दाब 'P' के लिए मापा गया, जिसका परिणाम निम्नलिखित है।
P(mm) 250 300 400 450
(min) 136 112.5 85 75.5
अभिक्रिया की कोटि ज्ञात कीजिए।
(A) जहाँ a प्रारंभिक सांद्रता, दाब अथवा आयतन है
प्रथम तथा द्वितीय आंकड़ों से
n=2, अतः अभिक्रिया द्वितीय कोटि की है।
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