अम्लीकृत K2Cr2O7 विलयन में Na2SO3 मिलाने पर वह हरा हो जाता है। इसका कारण किसका बनना है
K2Cr2O7 + 3Na2SO3 + 4H2SO4 3Na2SO4 + K2SO4 + Cr2(SO4)3 + 4H2O
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अम्लीकृत K2Cr2O7 विलयन में Na2SO3 मिलाने पर वह हरा हो जाता है। इसका कारण किसका बनना है
K2Cr2O7 + 3Na2SO3 + 4H2SO4 3Na2SO4 + K2SO4 + Cr2(SO4)3 + 4H2O
निम्नलिखित में से कौन-सा आयन जलीय विलयनों में रंग दर्शाएगा ?
मुख्य विचार : रंग d-d (या f-f) संक्रमण के फलस्वरूप प्राप्त होता है, और d-d (या f-f) संक्रमण के लिए अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की उपस्थिति आवश्यक शर्त है।
La3+(Z=57)=[Xe] 4f05d06s0 (कोई अयुग्मित इलेक्ट्रॉन नहीं)
Ti3+(Z=22)=[Ar] 3d14s0 (एक अयुग्मित इलेक्ट्रॉन)
Lu3+(Z=71)=[Xe]4f145d06s0 (कोई अयुग्मित इलेक्ट्रॉन नहीं)
Sc3+(Z=21)=[Ar] 3d0 4s0 (कोई अयुग्मित इलेक्ट्रॉन नहीं)
अतः केवल Ti3+ जलीय विलयन में रंग दर्शाएगा।
TiF2-6 , CoF3-6 , Cu2Cl2 तथा NiCl2-4 (Ti का Z =22, Co = 27, Cu = 29, Ni = 28) में से रंगहीन स्पीशीज़ हैं
निम्नलिखित में से गलत कथन की पहचान कीजिए:
(c) La3+ से Lu3+ तक लैंथेनाइड आयनों की त्रिज्या में नियमित कमी को लैंथेनाइड संकुचन कहते हैं। इसका कारण परिरक्षण प्रभाव की तुलना में बढ़े हुए नाभिकीय आवेश का अधिक प्रभाव है। लैंथेनाइड संकुचन के फलस्वरूप 4d तथा 5d तत्वों की परमाणु त्रिज्याएँ अपने-अपने वर्ग में एक-दूसरे के निकट आ जाती हैं, अतः 4d तथा 5d संक्रमण तत्वों के गुण समानता दर्शाते हैं।
लैंथेनॉइडों की तुलना में ऐक्टिनॉइड अधिक संख्या में ऑक्सीकरण अवस्थाएँ दर्शाते हैं। इसका मुख्य कारण है:
(b) 4f तथा 5d कक्षकों के बीच की तुलना में 5f तथा 6d कक्षकों के बीच कम ऊर्जा अंतर के कारण लैंथेनॉइडों की अपेक्षा ऐक्टिनॉइड अधिक संख्या में ऑक्सीकरण अवस्थाएँ दर्शाते हैं।
निम्नलिखित में से किस युग्म में दोनों आयन जलीय विलयन में रंगीन हैं?
निम्नलिखित में से किसे विल्किंसन उत्प्रेरक कहते हैं?
(a) विल्किंसन उत्प्रेरक है, जो लाल-बैंगनी रंग का है तथा वर्ग समतलीय संरचना रखता है। इसका उपयोग कक्ष ताप एवं दाब पर कार्बनिक अणुओं के चयनात्मक हाइड्रोजनीकरण में होता है।
ज़ीग्लर-नाटा उत्प्रेरक है।
अपस्फोटनरोधी कारक है।
सिस-प्लैटिन का उपयोग कैंसररोधी कारक के रूप में होता है।
अभिकारकों के कौन-से दो समुच्चय के उभयधर्मी गुण को सर्वोत्तम रूप से निरूपित करते हैं?
समुच्चय 1: तथा
समुच्चय 2: तथा
समुच्चय 3: तथा (aq)
समुच्चय 4: तथा
(b)
जब लोहा कार्बन से अभिक्रिया करता है तो कौन-सा यौगिक बनता है?
(b) अंतराकाशी यौगिक (सीमेंटाइट) बनता है।
निम्नलिखित कथनों के लिए आद्याक्षरों T या F का सही क्रम दीजिए। कथन सत्य होने पर T तथा असत्य होने पर F का प्रयोग कीजिए।
(I) सल्फाइड आयन से अभिक्रिया करके बैंगनी रंग का यौगिक बनाते हैं। इस अभिक्रिया में लोहे की ऑक्सीकरण अवस्था बदलती है
(II) Pt(IV) यौगिक Ni(IV) यौगिकों की तुलना में अपेक्षाकृत अधिक स्थायी होते हैं
(III) मैग्नीशियम की वेल्डिंग हीलियम के वातावरण में की जा सकती है
(IV) जल-अपघटन पर देगा
(b)
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