एमर्सन का वर्धन प्रभाव तथा रेड ड्रॉप जिसकी खोज में सहायक रहे, वह है
एमर्सन ने Chlorella पर प्रकाश संश्लेषण का प्रयोग किया। उन्होंने 680 nm से अधिक का एकवर्णी प्रकाश दिया तथा प्रकाश संश्लेषण की दर में कमी देखी, जिसे रेड ड्रॉप कहते हैं।
बाद में उन्होंने 680 nm तथा 700 nm का समकालिक प्रकाश दिया तथा प्रकाश संश्लेषण की दर में वृद्धि देखी, जिसे वर्धन प्रभाव कहते हैं। इस प्रयोग से प्रकाश संश्लेषण में कार्यरत दो प्रकाशतंत्रों PS-I तथा PS-II की खोज हुई।